भोपाल। मप्र कैबिनेट की बैठक मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंत्रालय में आयोजित की गई। इसमें सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णयों को पारित किया है। इनमें सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों को दिए गए पट्टों की जमीन की रजिस्ट्री का निर्णय महत्वपूर्ण है। इनमें धार, बड़वानी, आलीराजपुर और खरगोन जिलों की आठ विधानसभा क्षेत्र के विस्थापितों के पट्टों की रजिस्ट्री बिना किसी शुल्क के कराने का निर्णय लिया गया है।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी देते हुए बताया कि 25 से 30 साल से सरदार सरोवर बांध के विस्थापितों को दिए पट्टों की रजिस्ट्री की मांग की जा रही थी। डॉ. मोहन यादव कैबिनेट ने फैसला किया है कि 25602 विस्थापितों को दिए गए पट्टों की रजिस्ट्री सरकार कराकर देगी। इस पर करीब 600 करोड़ रुपए का खर्च आएगा। जिन क्षेत्रों के रहवासियों को पट्टे दिए गए हैं उनमें नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का क्षेत्र भी शामिल है। इसके साथ ही ही कई कांग्रेस विधायकों के क्षेत्रों के विस्थापित भी शामिल हैं। मंत्री काश्यप ने कहा कि सरकार ने बिना किसी भेदभाव के नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का फैसला किया है।
इसके साथ ही मंत्रिपरिषद ने राज्य समाज कल्याण बोर्ड को भंग करने का निर्णय लिया है। मंत्री काश्यप ने बताया कि इनके कर्मचारियों का संविलियन महिला एवं बाल विकास विभाग में किया जाएगा।
डॉ. मोहन यादव कैबिनेट ने बाणसागर बांध की दो सिंचाई परियोजनाओं को भी मंजूरी दी है। बाणसागर परिजयोना का अभी 60 से 65% पानी ही उपयोग किया जा रहा है। सरकार इसका उपयोग बढ़ाने पर काम कर रही है। इनमें से एक धनवाही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना है। यह 53.73 करोड़ की परियोजना है। इससे 3500 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 2800 किसानों को लाभ मिलेगा। इसी तरह बरही सिंचाई परियोजना कटनी-विजयराघवगढ़ क्षेत्र की परियोजना है। इस पर 566.52 करोड़ का खर्च आएगा। इससे 20 हजार हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 11500 किसान लाभान्वित होंगे। इस तरह 620.85 करोड़ की दो योजनाओं से 23500 हेक्टेयर में सिंचाई होगी और 14000 किसान लाभान्वित होंगे।
डॉ. मोहन यादव कैबिनेट ने वर्ष 2026- 27 में खत्म होने वाली कई योजनओं को 2030-31 तक निरंतर रखने का फैसला लिया है। इनमें लोक वित्त योजना, सीएम जन कल्याण संबल योजना, विधानसभा क्षेत्र निर्वाचन योजना, पशुपालन विकास योजना, पशु चिकित्सा विवि ग्रांट योजना, किशोर कल्याण, घरेलू हिंसा की पीड़ित को सहायता योजना एवं अन्य शामिल हैं।