राजीव सोनी, भोपाल। मध्यप्रदेश में पर्यटन क्षेत्र की उड़ान को नए पंख लगाने के लिए सरकार ने इको टूरिज्म, वॉटर टूरिज्म और वेलनेस रिसोर्ट के साथ हेरिटेज होटल के करीब ढाई दर्जन नए डेस्टिनेशन तय कर दिए हैं। राजनगर (खजुराहो), छतरपुर, ओरछा, पन्ना, मंदसौर, चंदेरी और छिंदवाड़ा जैसे शहरों में राजे-रजवाड़ों की पुरानी हवेली, कोठी, महल और प्राइम लोकेशन की जमीनों पर हेरिटेज होटल-रिसोर्ट विकसित किए जाएंगे। इन्वेस्टमेंट पर आकर्षक सब्सिडी का प्रावधान भी है। ये जमीनें 90 साल की लीज पर दी जाएंगी।
मप्र सरकार ने अपनी नई पर्यटन नीति को जमीन पर उतारने के लिए देश भर से होटल-रिसोर्ट क्षेत्र के निवेशकों को आमंत्रित किया है। 9 फरवरी तक इसके लिए देश भर के इन्वेस्टर्स से इको-वॉटर टूरिज्म बढ़ाने और रिसोर्ट डेवलप करने के प्रपोजल मांगे गए हैं। इसके बाद जमीनों को लीज पर देने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए इन्वेस्टर्स को सब्सिडी सहित कई अन्य आकर्षक प्रपोजल भी दिए हैं।
पर्यटन विभाग ने खजुराहो के पास राजनगर तहसील में मौजूद दातला पहाड़ की 70 हेक्टेयर भूमि को रिसॉर्ट और मल्टीपल टूरिज्म प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित की है। खजुराहो से लगी यह भूमि 90 साल की लीज पर दी जाएगी। पांच साल में प्रोजेक्ट को पूरा करने की शर्त रखी गई है। इस महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट को कंप्लीट करने के लिए इन्वेस्टर्स से 100 करोड़ रुपए के निवेश संबंधी प्रपोजल मांगे गए हैं।
पन्ना शहर के समीप स्थित 150 साल पुराने लक्ष्मीपुर पैलेस को हेरिटेज होटल में तब्दील करने के लिए ऑफर बुलाए हैं। इस महल और डकैतों से जुड़ी कई कहानियां भी हैं जिनकी वजह से यह सुर्खियों में रह चुका है। महल से लगी 4.53 हेक्टेयर भूमि भी लीज पर दिए जाने के लिए परिसर में शामिल है। इस प्रोजेक्ट पर न्यूनतम 10 करोड़ रुपए के निवेश का प्रपोजल रखा गया है।
पर्यटन से जुड़े इन प्रोजेक्ट्स की लागत एक से लेकर 100 करोड़ रुपए तक रखी गई है। इनमें खजुराहो, ओरछा, चौका (सागर), गुरगुंडा (बैतूल), पलाटवाडा (छिंदवाड़ा), बोथिया भैंसदेही, ग्राम बस्सी, नीमच, ग्राम धोधा शहडोल, कनघट्टी (मंदसौर), मुरलीखेड़ी रायसेन, महलगांव अलीराजपुर, सलैया गंजी सागर, मलासारी टापू मंदसौर, गांधीसागर मंदसौर, ग्राम बडेरा (चंदेरी), ग्राम लावखेड़ी सीहोर, ब्रजराजखेड़ी उज्जैन एवं लक्ष्मीपुर पैलेस पन्ना।
पर्यटन विभाग ने हाल ही में प्रदेश के विभिन्न जिलों में 28 स्थानों पर होटल-रिसॉर्ट के लिए प्राइम लोकेशन की जमीन, पैलेस और इको-वॉटर टूरिज्म के ठिकाने तय कर दिए हैं। ये सभी ढाई दर्जन टूरिज्म प्रोजेक्ट और कंप्लीट करने के लिए 4 से 5 साल का समय दिया गया है। रिसोर्ट एवं मल्टीपल टूरिज्म के साथ हेरिटेज होटल का प्रोजेक्ट पूरा करने के लिए पर्यटन विभाग ने 5 साल का समय निर्धारित किया है।
प्रदेश में पर्यटन से जुड़ी गतिविधियों को गति देने और निवेशकों को आकर्षित करने कई स्तर पर काम चल रहे हैं। विभिन्न जिलों में 28 प्रॉपर्टीज हेरिटेज होटल, रिसोर्ट, वेलनेस रिसोर्ट, होटल, इको-वॉटर टूरिज्म सहित अन्य प्रोजेक्ट्स के लिए चिन्हित की गई हैं। इन्वेस्टर्स से 9 फरवरी तक प्रपोजल मांगे गए हैं।
धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी, मंत्री, पर्यटन,संस्कृति एवं धर्मस्व विभाग मप्र