PlayBreaking News

Hurt Free Days:कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर श्रम विभाग की अभिनव पहल

मध्यप्रदेश श्रम विभाग की पहल Hurt Free Days (चोट रहित दिवस) अब कारखानों में कामगारों की सुरक्षा का नया मानक बन गई है। इस पहल के तहत कार्यस्थल पर लगातार दुर्घटना शून्य दिवस की जानकारी प्रदर्शित की जाती है, ताकि सुरक्षा नियमों का पालन और संभावित खतरों की पहचान सुनिश्चित की जा सके।
Follow on Google News
कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर श्रम विभाग की अभिनव पहल
credit:- social media
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। मध्यप्रदेश का श्रम विभाग श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर निरंतर 'नये नवाचार तथा विचार' पर काम कर रहा है। इसी दिशा में श्रम विभाग के अनूठे कॉन्सेप्ट हर्ट फ्री डेज (Hurt Free Days) के अच्छे परिणाम निकलकर सामने आ रहे हैं।

    हर्ट फ्री डेज मतलब कामगारों की सुरक्षा का 'सुपर कवच'

    इस पहल के तहत 'चोट रहित दिवस/दुर्घटना शून्य दिवस' की जानकारी कारखानों में सूचना पटल पर प्रदर्शित कराई जा रही है।  इससे पता चलता रहता है कि कार्यस्थल पर कामगारों की सुरक्षा को लेकर नियमों और जिम्मेदारियों का कितना पालन किया जा रहा है। इसका मकसद कार्यस्थल पर दुर्घटनाओं को रोकना है। इन सुरक्षित प्रक्रियाओं/प्रबंधनों के पालन से यह पता भी चलता है कि लगातार कितने दिनों तक चोट रहित दिवस/दुर्घटना शून्य दिवस (Hurt Free Days) बनाये रखने में कारखाना प्रबंधन को सफलता मिली है। 

    श्रमिकों को दुर्घटनाओं से सुरक्षित रखने का यह प्रयास सफल

    श्रम विभाग के अनुसार कोई दुर्घटना होने या किसी सुरक्षा प्रावधान का उल्लंघन पाए जाने पर; जिस कारण दुर्घटना हुई या आशंका हो सकती थी; उसे संभावित दुर्घटना (Hurt) मान कर हर्ट फ्री डेज (Hurt Free Days ) की गणना दुबारा शून्य से शुरू की जाती है, जिससे कमियों को सुधारा जा सके एवं सुरक्षा इंतजाम और पुख्ता किए जा सकें। 

    श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल कहते हैं कि यह पहल कारखानों में श्रमिकों के लिए सुरक्षा प्रबंधन को और बेहतर बनाने में सहायक साबित हो रही है। निश्चय ही मध्य प्रदेश श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर एक सशक्त उदाहरण बनेगा।

    उल्लेखनीय है कि भवन और अन्य संनिर्माण कर्मकार (नियोजन तथा सेवा-शर्त विनियमन) अधिनियम, 1996 के तहत कार्यस्थल पर कामगारों की सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। जैसे-रैंप, पेयजल, उचित औजार और सामग्री आदि।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

    नई दिल्ली
    --°
    बारिश: -- mmह्यूमिडिटी: --%हवा: --
    Source:AccuWeather
    icon

    Latest Posts