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दिवाली से पहले शेयर बाजार में जबरदस्त तेजी, सेंसेक्स 950 अंक उछला, निफ्टी चार माह के उच्च स्तर पर

बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती, एफआईआईकी वापसी, वैश्विक संकेतों में सुधार ने बाजार को नई ऊंचाई तक पहुंचाया
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मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को जबरदस्त तेजी देखने को मिली। निवेशकों के उत्साह और सकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते सेंसेक्स 950 अंकों तक उछल गया जबकि निफ्टी करीब चार महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी और अमेरिकी फेडरल रिज़र्व की संभावित ब्याज दर कटौती की उम्मीदों ने बाजार की रफ्तार को और बढ़ा दिया। दोपहर करीब 2:40 बजे सेंसेक्स 932 अंक या 1.13% बढ़कर 83,537.86 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 279 अंक या 1.10% बढ़कर 25,602.60 तक चढ़ गया। इस तेजी के साथ बाजार ने पिछले चार महीनों का सबसे उच्च स्तर छू लिया। इसके बाद, 3.30 बजे सेंसेक्स 862.23 अंकों की बढ़त के साथ 83,467.66 के स्तर पर बंद हुआ जबकि, एनएसई का निफ्टी 261.75 अंक की बढ़त के साथ 25,585.30 पर बंद हुआ।

टाइटन, अडाणी पोर्ट्स, टाटा मोटर्स में 3% की तेजी

टाइटन, अडाणी पोर्ट्स, टाटा मोटर्स, एक्सिस बैंक और महिंद्रा एंड महिंद्रा जैसे शेयरों में 3% तक की तेजी देखने को मिली। इन कंपनियों ने निफ्टी की मजबूती में बड़ा योगदान दिया। सबसे पहले, बैंकिंग शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखने को मिली। बैंक निफ्टी ने पिछले सत्र की गिरावट से उभरते हुए करीब 0.5% की बढ़त दर्ज की। निवेशकों का खास ध्यान एक्सिस बैंक पर रहा, क्योंकि बैंक ने सितंबर तिमाही में मजबूत लोन ग्रोथ की रिपोर्ट दी थी। ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन ने एक्सिस बैंक पर आउटपरफॉर्म रेटिंग बरकरार रखते हुए इसका टारगेट प्राइस ₹1,250 प्रति शेयर तय किया है। दूसरा बड़ा कारण रहा सरकारी बैंकों के एकीकरण की खबर।

बैंकों में मेगा मर्जर ने दिया तेजी को सहारा

सूत्रों के अनुसार, केंद्र सरकार एक मेगा मर्जर प्लान पर काम कर रही है जिसके तहत छोटे सरकारी बैंकों का विलय बड़े बैंकों के साथ किया जा सकता है। इस खबर से बैंकिंग सेक्टर में निवेशकों का भरोसा और बढ़ा। तीसरा, विदेशी निवेशकों (एफआईआई) और घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) की मजबूत खरीदारी ने बाजार को सहारा दिया। बुधवार को एफआईआई ने ₹68.64 करोड़, जबकि डीआईआई ने ₹4,650 करोड़ मूल्य के शेयर खरीदे। इन पूंजी प्रवाहों से रुपए में मजबूती और लिक्विडिटी में सुधार आया, जिसने इक्विटी वैल्यूएशन को स्थिर बनाए रखा।

वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत

चौथा प्रमुख कारण रहा वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत। एशियाई बाजारों में भी तेजी रही दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 और शंघाई कंपोज़िट इंडेक्स (एसएसई) सभी हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। वॉल स्ट्रीट पर रातभर की मजबूती का असर एशिया के साथ-साथ भारतीय बाजारों में भी दिखाई दिया। मोतीलाल ओसवाल के अजय चौरे ने कहा, दीवाली से पहले बाजार चमकने को तैयार है। फेड की संभावित दर कटौती, वैश्विक सकारात्मक संकेत और आईएमएफ द्वारा भारत की वित्तवर्ष 26 जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.6% करने से निवेशकों का मनोबल ऊंचा हुआ है।

भारत अमेरिकी संबंधों में नरमी ने भरा जोश

इसके अलावा, भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर उम्मीदों ने भी बाजार को सहारा दिया। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल वाशिंगटन में भारतीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बैठक में शामिल होने वाले हैं, जहां ऊर्जा व्यापार और शुल्क दरों पर चर्चा होने वाली है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वी.के. विजयकुमार ने कहा अमेरिकी प्रशासन की ताजा टिप्पणियां भारत-अमेरिका व्यापार तनाव में नरमी का संकेत देती हैं। उनके अनुसार आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच एक व्यापार समझौते की संभावना बन रही है। चीन के रेयर अर्थ मैग्नेट्स पर सख्त रुख के कारण अमेरिका भारत के साथ तेज़ी से समझौता करना चाहता है।

Aniruddh Singh
By Aniruddh Singh

अनिरुद्ध प्रताप सिंह। नवंबर 2024 से पीपुल्स समाचार में मुख्य उप संपादक के रूप में कार्यरत। दैनिक जाग...Read More

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