IAS छोड़ अब राजनीति की राह पर दिव्या मित्तल, 10 मिनट के वीडियो में खोले कई राज, बोलीं- 'किसी दल के साथ...'

पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा छोड़ने के बाद अपनी नई पारी का ऐलान कर दिया है। मंगलवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर करीब 10 मिनट का वीडियो साझा करते हुए उन्होंने राजनीति में आने की बात कही। उन्होंने कहा कि वह उत्तर प्रदेश से ही अपनी राजनीतिक यात्रा शुरू करेंगी। साथ ही उन्होंने साफ किया कि फिलहाल वह किसी राजनीतिक दल के साथ जुड़ने के बजाय अकेले चलने की राह चुनेंगी। दिव्या मित्तल के इस ऐलान के साथ ही उनके अगले कदम को लेकर पिछले कई दिनों से चल रही चर्चाओं पर विराम लग गया है। इससे पहले उन्होंने 29 सितंबर की सुबह अपने भविष्य की योजना बताने की जानकारी सोशल मीडिया पर दी थी।
13 साल की IAS सेवा के बाद नई पारी
2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने 30 अगस्त 2026 को प्रशासनिक सेवा से इस्तीफा देने की घोषणा की थी। उन्होंने अपने फैसले के पीछे व्यक्तिगत कारणों, पारिवारिक प्राथमिकताओं और जीवन के नए लक्ष्यों का हवाला दिया था। केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग ने उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया और यह 15 सितंबर 2026 से प्रभावी हुआ। करीब 13 साल के प्रशासनिक करियर के बाद सेवा से बाहर आने के बाद उनके अगले कदम को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। राजनीति में आने से लेकर कोचिंग, किताब लिखने या किसी दूसरे क्षेत्र में जाने तक के कयास लगाए जा रहे थे। अब उन्होंने खुद अपनी दिशा स्पष्ट कर दी है।
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यूपी से शुरू करेंगी राजनीतिक सफर
दिव्या मित्तल ने अपने वीडियो में बताया कि उनकी राजनीतिक पारी उत्तर प्रदेश से शुरू होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह किसी पार्टी या राजनीतिक दल के साथ नहीं चलेंगी, बल्कि अपनी राह खुद तय करेंगी। उनका यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। हालांकि, दिव्या मित्तल ने अपने ऐलान में किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया है। उनके राजनीतिक संगठन, चुनावी क्षेत्र या आगामी चुनाव को लेकर उनकी भूमिका क्या होगी, इसे लेकर अभी आगे की तस्वीर स्पष्ट होनी बाकी है।
मिर्जापुर में भी खूब हुई चर्चा
दिव्या मित्तल अपने प्रशासनिक कार्यकाल के दौरान उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों और विभागों में जिम्मेदारियां संभाल चुकी हैं। मिर्जापुर की जिलाधिकारी के तौर पर उनका कार्यकाल खास तौर पर चर्चा में रहा। वहां उन्होंने एक दूरदराज के पहाड़ी गांव में पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की पहल की थी। इस काम के बाद उनके प्रशासनिक कार्यों की काफी चर्चा हुई थी। इसके अलावा वे संतकबीरनगर और देवरिया की जिलाधिकारी भी रहीं। उनके प्रशासनिक फैसलों और काम करने के तरीके को लेकर समय-समय पर सोशल मीडिया पर भी चर्चा होती रही।
इन अहम पदों पर रह चुकी हैं दिव्या मित्तल
अपने करीब 13 साल के प्रशासनिक करियर में दिव्या मित्तल ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वे मेरठ में संयुक्त मजिस्ट्रेट, गौतमबुद्ध नगर में मुख्य विकास अधिकारी, कानपुर नगर में यूपीसीडा की संयुक्त प्रबंध निदेशक और बरेली विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष रहीं। इसके बाद उन्होंने संतकबीरनगर और मिर्जापुर में जिलाधिकारी के रूप में काम किया। बाद में वे देवरिया की जिलाधिकारी भी बनीं। मई 2026 में उन्हें देवरिया के जिलाधिकारी पद से हटाकर लखनऊ में राजस्व विभाग में विशेष सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी।
अब प्रशासन से राजनीति तक का सफर
आईएएस की नौकरी छोड़ने के बाद अब दिव्या मित्तल ने सार्वजनिक जीवन का एक नया रास्ता चुनने का ऐलान किया है। प्रशासन में करीब 13 साल बिताने के बाद उनका राजनीति में आना उत्तर प्रदेश के सार्वजनिक जीवन में एक नया अध्याय है। हालांकि, उनकी राजनीतिक रणनीति, संगठन और चुनावी भूमिका को लेकर अभी कई सवाल बाकी हैं। उन्होंने फिलहाल इतना स्पष्ट किया है कि राजनीतिक सफर उत्तर प्रदेश से शुरू होगा और वह किसी दल के साथ नहीं, बल्कि अकेले आगे बढ़ेंगी। आने वाले दिनों में उनकी राजनीतिक भूमिका और आगे की योजनाओं को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है।



















