Dhamtrai:मृत मानकर किया अंतिम संस्कार, वही युवक मिला जिंदा,बेटे को जिंदा देखकर छलके आंसू

रायपुर/धमतरी: छत्तीसगढ़ के धमतरी में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने परिवार से लेकर पुलिस तक को हैरान कर दिया है। जिस युवक को परिवार मृत मानकर उसका अंतिम संस्कार कर चुका था, वही युवक कुछ दिनों बाद जिंदा मिला। युवक के मिलने के बाद 28 जुलाई को सेमरा नाला के पास बरामद क्षत-विक्षत शव की पहचान पर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। अब पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती उस शव की वास्तविक पहचान करना है।
मृत समझा, अंतिम संस्कार भी कर दिया
ग्राम सुकली बरेली, जिला बलौदाबाजार निवासी 28 वर्षीय मोतीलाल विश्वकर्मा पिछले महीने से लापता था। परिवार उसकी तलाश कर रहा था। इसी बीच 28 जुलाई को सेमरा नाला के पास एक क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। परिवार ने शव की पहचान मोतीलाल के रूप में की और उसका अंतिम संस्कार कर दिया।
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मुंडन से लेकर सभी रस्में पूरी
परिवार ने युवक को मृत मानकर अंतिम संस्कार के साथ मृत्यु के बाद होने वाली तमाम रस्में भी पूरी कर दी थीं। मुंडन संस्कार सहित अन्य क्रिया-कर्म पूरे होने के बाद परिवार को यकीन था कि उनका बेटा अब इस दुनिया में नहीं रहा।
14 अगस्त को धमतरी में मिला जिंदा
मामले में उस वक्त नया मोड़ आया, जब 14 अगस्त को धमतरी के संबलपुर मोड़ स्थित पेट्रोल पंप के पास एक युवक मिला। युवक की हालत खराब थी। वरदान परमार्थ सेवा समिति के सदस्य पप्पू साहू ने उसकी मदद की और इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के शिवा प्रधान से संपर्क किया।
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दस्तावेजों ने खोला बड़ा राज
शिवा प्रधान के मुताबिक युवक विक्षिप्त अवस्था में मिला था। उसे सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया। पहचान की कोशिश के दौरान उसके पास मिले दस्तावेजों से पता चला कि वह बलौदाबाजार जिले का रहने वाला है। पुलिस की मदद से जब परिजनों से संपर्क किया गया, तो सामने आया कि युवक मोतीलाल विश्वकर्मा है।
परिवार के सामने आया हैरान कर देने वाला सच
जब पुलिस ने परिवार को मोतीलाल के जिंदा होने की जानकारी दी, तो उनके होश उड़ गए। जिस बेटे को वे मृत मान चुके थे, जिसका अंतिम संस्कार कर चुके थे और मृत्यु के बाद की रस्में भी पूरी कर चुके थे, वही उनके सामने जिंदा था।
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बेटे को जिंदा देखकर छलके आंसू
इसके बाद शिवा प्रधान, पप्पू साहू और डोमन साहू मोतीलाल को उसके गांव लेकर पहुंचे। लंबे समय बाद बेटे को जिंदा देखकर परिवार भावुक हो गया। घर में मातम की जगह खुशी के आंसू दिखाई दिए।
अब सबसे बड़ा सवाल,नाले में मिला शव किसका?
मोतीलाल के जिंदा मिलने के बाद पूरे मामले का सबसे बड़ा रहस्य 28 जुलाई को बरामद शव बन गया है। आखिर वह शव किस व्यक्ति का था? क्या क्षत-विक्षत हालत के कारण पहचान में गलती हुई? या फिर इस मामले के पीछे कोई दूसरी कहानी छिपी है?
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पुलिस के सामने शव की पहचान की चुनौती
अब पुलिस को सेमरा नाला के पास मिले शव की वास्तविक पहचान करनी होगी। एक तरफ परिवार को उनका बेटा वापस मिल गया है, तो दूसरी तरफ जिस व्यक्ति का शव समझकर अंतिम संस्कार किया गया, उसकी पहचान अब जांच का अहम हिस्सा बन गई है।













