नक्सलवाद से बड़े पर्दे तक पहुंचीं सुकमा की 9 बेटियां, अब फिल्म में दिखेगा संघर्ष और नई जिंदगी का सफर

प्रेम कुमार, रायपुर: छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित बस्तर से बदलाव की एक अलग तस्वीर सामने आई है। सुकमा की 9 आत्मसमर्पित महिलाएं अब बड़े पर्दे पर अभिनय करती नजर आ सकती हैं। आत्मसमर्पण के बाद बदली उनकी जिंदगी और नए रास्तों को फिल्म की कहानी से जोड़ा जा रहा है। फिल्म के लिए महिलाओं का ऑडिशन और एक्टिंग वर्कशॉप प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने इस पहल पर खुशी जताते हुए बस्तर की बेटियों की प्रतिभा और उन्हें मिल रहे नए अवसरों की सराहना की है। (
नक्सलवाद से कैमरे की रोशनी तक
सुकमा की 9 आत्मसमर्पित महिलाओं के लिए अब जिंदगी का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है। नक्सल संगठन छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौट चुकी ये महिलाएं अब अभिनय के जरिए बड़े पर्दे पर अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की तैयारी में हैं। फिल्म में उनके संघर्ष, आत्मसमर्पण और इसके बाद जीवन में आए बदलावों को प्रमुखता से दिखाने की बात सामने आई है।
संबंधित खबर: Raipur: कोसा साड़ी में रैंप पर उतरीं सरेंडर महिला नक्सली, बदली पहचान की दिखी नई तस्वीर
पहले ऑडिशन, फिर एक्टिंग वर्कशॉप
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार फिल्म में काम करने से पहले इन महिलाओं का ऑडिशन लिया जाएगा। इसके बाद उन्हें लगभग 10 से 15 दिन की एक्टिंग वर्कशॉप में प्रशिक्षण दिए जाने की तैयारी है। फिल्म की शूटिंग नवंबर-दिसंबर के दौरान सुकमा सहित छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में होने की संभावना बताई गई है।
CM साय ने जताई खुशी
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने आत्मसमर्पित महिलाओं को फिल्म में अभिनय का अवसर मिलने पर खुशी जताई है। उन्होंने बस्तर की बेटियों की प्रतिभा का उल्लेख करते हुए कहा कि क्षेत्र में टैलेंट की कमी नहीं है और युवाओं को उचित मंच मिलने पर वे अलग-अलग क्षेत्रों में अपनी पहचान बना सकते हैं।
आत्मसमर्पण के बाद नई पहचान की राह
इन महिलाओं के लिए फिल्म से जुड़ने का अवसर आत्मसमर्पण के बाद मिले नए अवसरों की एक मिसाल के रूप में सामने आया है। इससे पहले भी सुकमा की आत्मसमर्पित महिलाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयासों के तहत सार्वजनिक मंचों पर अवसर दिए गए हैं। अगस्त 2026 में नौ आत्मसमर्पित महिलाओं के फैशन शो में हिस्सा लेने की भी रिपोर्ट सामने आई थी।
संबंधित खबर: Raipur: छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पित 66 नक्सलियों को 6.60 करोड़ की सहायता, पुनर्वास नीति 2025 के तहत सरकार का बड़ा कदम
बस्तर में बदलाव की कहानी को मिलेगा मंच
फिल्म के जरिए बस्तर की उस तस्वीर को सामने लाने का प्रयास किया जा रहा है, जिसमें हिंसा और नक्सल गतिविधियों से बाहर निकलकर लोग नई जिंदगी की ओर बढ़ रहे हैं। शिक्षा, रोजगार, खेल, कला और मनोरंजन जैसे क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को मंच मिलने की संभावनाओं को भी इस बदलाव से जोड़ा जा रहा है।
अब बड़े पर्दे पर दिखेगा नया सफर
सुकमा की इन 9 महिलाओं का फिल्म से जुड़ना केवल अभिनय का अवसर नहीं, बल्कि आत्मसमर्पण के बाद उनके जीवन में आए बदलावों को सामने लाने वाला माध्यम भी बन सकता है। हालांकि फिल्म की अंतिम कास्टिंग और शूटिंग से जुड़ी आधिकारिक जानकारी आने के बाद तस्वीर और स्पष्ट होगी।




















