जंतर-मंतर प्रदर्शन में आंतकी साजिश!जैश संदिग्ध से पूछताछ के बाद गर्लफ्रेंड गिरफ्तार, STF जांच में सामने आए चौंकाने वाले दावे

पश्चिम बंगाल पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने जैश-ए-मोहम्मद (JeM) से जुड़े एक संदिग्ध मॉड्यूल की जांच में बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। STF ने पूर्वी बर्धमान जिले से गिरफ्तार संदिग्ध हमीम मंडल और उसकी कथित सहयोगी अर्पिता सरकार से पूछताछ के बाद कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही है। STF के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि हमीम पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स के संपर्क में था और दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान अशांति फैलाने की साजिश रची जा रही थी। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और जांच एजेंसियां पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी हैं।
पूर्वी बर्धमान से गिरफ्तार हुआ था हमीम मंडल
STF ने दो दिन पहले पूर्वी बर्धमान जिले से हमीम मंडल को गिरफ्तार किया था। पुलिस का दावा है कि वह प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्ध मॉड्यूल के संपर्क में था। जांच के दौरान उसके मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरणों और ऑनलाइन गतिविधियों की जांच की गई। इन्हीं से मिली जानकारी के आधार पर एजेंसियों ने आगे की कार्रवाई शुरू की।
झारखंड से गिरफ्तार हुई अर्पिता सरकार
मामले की जांच आगे बढ़ने पर STF ने झारखंड के साहिबगंज जिले से हमीम की कथित गर्लफ्रेंड और सहयोगी अर्पिता सरकार को भी गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार, तकनीकी निगरानी (सर्विलांस) की मदद से उसकी लोकेशन का पता लगाया गया। गिरफ्तारी के बाद उसे पश्चिम बंगाल लाकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि इस पूरे नेटवर्क में उसकी क्या भूमिका थी।
जंतर-मंतर प्रदर्शन में घुसपैठ की साजिश का दावा
STF के इंस्पेक्टर जनरल (आईजी) गौरव शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि पाकिस्तान में बैठे कथित हैंडलर्स ने हमीम को पुलिस की वर्दी पहनकर दिल्ली के जंतर-मंतर में प्रस्तावित छात्र प्रदर्शन में शामिल होने और वहां अशांति फैलाने के निर्देश दिए थे। पुलिस के मुताबिक, इस योजना का मकसद प्रदर्शन के दौरान अफरा-तफरी फैलाना था। हालांकि एजेंसियों का कहना है कि समय रहते कार्रवाई कर इस कथित साजिश को विफल कर दिया गया।
पुलिस की वर्दी खरीदने के निर्देश मिलने का दावा
पूछताछ के दौरान हमीम ने कथित तौर पर बताया कि उसे पुलिस की वर्दी खरीदने के लिए कहा गया था। STF के अनुसार, शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि इन वर्दियों का इस्तेमाल दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन के दौरान किया जाना था। हालांकि एजेंसी का कहना है कि यह योजना पूरी नहीं हो सकी। इन दावों की जांच अभी जारी है।
मुख्यमंत्री और अन्य नेताओं पर नजर रखने का आरोप
STF का दावा है कि हमीम को कुछ प्रमुख नेताओं की गतिविधियों पर नजर रखने का भी काम दिया गया था। IG गौरव शर्मा के अनुसार, जांच में ऐसे इनपुट मिले हैं कि पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री भी कथित निशाने पर मौजूद लोगों में शामिल थे। एजेंसी इस पहलू की भी जांच कर रही है कि आरोपी किस तरह की जानकारी जुटाने की कोशिश कर रहा था।
हनी ट्रैप की भी जांच
जांच एजेंसी का कहना है कि हमीम और अर्पिता सरकार पर एक स्थानीय मंत्री के परिवार को कथित रूप से हनी ट्रैप में फंसाने की साजिश रचने का भी आरोप है। STF के मुताबिक, इस मामले में भी दोनों से पूछताछ की जा रही है और डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।
व्हाट्सएप, टेलीग्राम और एन्क्रिप्टेड चैट का इस्तेमाल
STF के अनुसार, हमीम अपने कथित हैंडलर्स से संपर्क बनाए रखने के लिए व्हाट्सएप, टेलीग्राम और अन्य मैसेजिंग ऐप का इस्तेमाल करता था। जांच में यह भी दावा किया गया है कि बातचीत के लिए एन्क्रिप्टेड चैट का उपयोग किया जाता था ताकि गतिविधियों को छिपाया जा सके। डिजिटल उपकरणों की फोरेंसिक जांच अभी जारी है।
विदेशी सिम कार्ड भी बरामद
जांच एजेंसियों ने आरोपी के पास से यूके और मैक्सिको में जारी किए गए अंतरराष्ट्रीय सिम कार्ड भी बरामद करने का दावा किया है। STF को शक है कि इन सिम कार्डों का इस्तेमाल विदेशी संपर्कों और कथित नेटवर्क से संवाद के लिए किया जाता था। फिलहाल इनकी जांच की जा रही है।
सोशल मीडिया के जरिए नेटवर्क बढ़ाने का आरोप
पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से लोगों से संपर्क करता था। STF का दावा है कि वह युवाओं को अपने नेटवर्क से जोड़ने की कोशिश कर रहा था। हालांकि इस संबंध में जांच अभी जारी है और एजेंसियां डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही हैं।
अदालत ने STF की हिरासत में भेजा
गिरफ्तारी के बाद आरोपी हमीम मंडल को अदालत में पेश किया गया। अदालत ने उसे 14 दिन की STF हिरासत में भेज दिया है ताकि एजेंसी उससे विस्तृत पूछताछ कर सके और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा सके।
कई पहलुओं पर चल रही है जांच
STF अब इस मामले की कई एंगल से जांच कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था, उसके कथित विदेशी कनेक्शन कितने मजबूत थे और क्या इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग भी देश के अलग-अलग हिस्सों में सक्रिय हैं। साथ ही डिजिटल डिवाइस, सोशल मीडिया अकाउंट, चैट रिकॉर्ड और वित्तीय लेन-देन की भी जांच की जा रही है।











