'एक भी मौत नहीं हुई...'जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर दिल्ली पुलिस का खुलासा, फर्जी पोस्ट का पर्दाफाश, STF करेगी जांच

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का प्रदर्शन कई दिनों से जारी है। इस बीच दिल्ली पुलिस ने पहली बार इस पूरे मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सोशल मीडिया पर वायरल हो रही कई खबरों को झूठा बताया है। पुलिस का कहना है कि प्रदर्शन से जुड़ी कई भ्रामक पोस्ट, फर्जी वीडियो और डीपफेक क्लिप सोशल मीडिया पर जानबूझकर फैलाए जा रहे हैं, ताकि लोगों में डर और भ्रम पैदा किया जा सके। दिल्ली पुलिस के DCP रोहित राजबीर सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया का इस्तेमाल गलत जानकारी फैलाने के लिए कर रहे हैं। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले उसकी सच्चाई जरूर जांच लें।
20 जुलाई के प्रदर्शन में किसी की मौत नहीं हुई
DCP रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हुई थी, जिसमें दावा किया गया था कि 20 जुलाई को हुए प्रदर्शन के दौरान एक लड़की की मौत हो गई। उन्होंने साफ कहा कि यह दावा पूरी तरह झूठा और भ्रामक है। दिल्ली पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई की घटना में किसी भी प्रदर्शनकारी की मौत नहीं हुई। इस तरह की अफवाहें केवल लोगों में डर और गुस्सा फैलाने के लिए फैलाई जा रही हैं।
पाकिस्तान से चलाए जा रहे अकाउंट्स पर बड़ा आरोप
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान दिल्ली पुलिस ने दावा किया कि कई फर्जी सोशल मीडिया पोस्ट पाकिस्तान से संचालित अकाउंट्स के जरिए शेयर किए जा रहे हैं। DCP ने कहा कि जांच में सामने आया है कि जिन अकाउंट्स से प्रदर्शन को लेकर गलत जानकारी फैलाई जा रही है, उनमें से कुछ वही अकाउंट हैं जो पहले 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान भी सक्रिय थे। पुलिस का कहना है कि इन अकाउंट्स का उद्देश्य भारत में गलत माहौल बनाना और लोगों को भड़काना है।
सोनम वांगचुक का डीपफेक भी किया वायरल
दिल्ली पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर सोनम वांगचुक का एक वीडियो भी वायरल किया गया। जांच में पता चला कि वीडियो में उनकी आवाज बदल दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, वीडियो में ऐसा दिखाया गया कि सोनम वांगचुक कुछ और कह रहे हैं, जबकि असली वीडियो में उन्होंने वह बातें कही ही नहीं थीं। इसे डीपफेक तकनीक का इस्तेमाल कर तैयार किया गया था।
आर्मी की तैनाती का दावा भी निकला फर्जी
प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक और बड़ा खुलासा करते हुए पुलिस ने बताया कि सोशल मीडिया पर यह भी दावा किया गया था कि जंतर-मंतर पर भारतीय सेना तैनात कर दी गई है। दिल्ली पुलिस ने कहा कि यह दावा भी पूरी तरह गलत था। कुछ लोगों ने डीपफेक और एडिटेड वीडियो के जरिए ऐसा माहौल बनाने की कोशिश की कि सेना प्रदर्शन स्थल पर पहुंच गई है, जबकि ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।
सरकार के 'क्रैकडाउन' की अफवाह भी फैली
DCP रोहित राजबीर सिंह ने बताया कि एक राजनीतिक नेता ने सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट कर दावा किया था कि केंद्र सरकार रात में प्रदर्शनकारियों पर बड़ी कार्रवाई करने वाली है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, यह दावा भी तथ्यों पर आधारित नहीं था। ऐसी पोस्ट का मकसद लोगों में घबराहट फैलाना और प्रदर्शनकारियों को उकसाना था।
सोशल मीडिया का हो रहा है बड़े स्तर पर इस्तेमाल
दिल्ली पुलिस का कहना है कि इस पूरे प्रदर्शन के दौरान सबसे ज्यादा इंस्टाग्राम और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया गया। पुलिस के अनुसार, कई वीडियो और पोस्ट बिना किसी पुष्टि के वायरल किए गए। इनमें कई एडिटेड वीडियो, पुराने फुटेज और झूठे दावे शामिल थे। DCP ने कहा कि सोशल मीडिया पर दिखने वाली हर जानकारी सही नहीं होती। इसलिए किसी भी पोस्ट पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि करना जरूरी है।
फेक नैरेटिव बनाकर लोगों को गुमराह करने की कोशिश
दिल्ली पुलिस का कहना है कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर फेक नैरेटिव तैयार कर रहे हैं। इसका मकसद लोगों की भावनाओं को भड़काना और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना है। पुलिस के मुताबिक, कई पोस्ट ऐसी थीं जिनका उद्देश्य केवल डर फैलाना, अफवाहें उड़ाना और प्रदर्शन को लेकर गलत माहौल बनाना था।
फर्जी पोस्ट पर नजर रखने के लिए STF का गठन
फर्जी खबरों और डीपफेक वीडियो पर कार्रवाई के लिए दिल्ली पुलिस ने स्पेशल टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है। DCP ने बताया कि यह टीम सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली संदिग्ध पोस्ट, वीडियो और अकाउंट्स की निगरानी करेगी। जो लोग जानबूझकर झूठी जानकारी फैलाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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लोगों से की गई खास अपील
दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर खबर को सच न मानें। यदि कोई पोस्ट, वीडियो या दावा संदिग्ध लगे तो उसकी पुष्टि आधिकारिक स्रोतों से करें। पुलिस ने कहा कि अफवाहें फैलाने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों से यह भी कहा गया कि बिना जांचे किसी भी पोस्ट या वीडियो को आगे शेयर न करें, क्योंकि इससे गलत जानकारी तेजी से फैल सकती है।











