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मुंबई। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को एक बार फिर गिरावट देखने को मिली। दिन के लगभग 10.38 बजे बीएसई का बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स लगभग 574.57 (0.70%) की गिरावट के साथ 81,609.60 अंक पर आ गया है। सेंसेक्स के 27 शेयर इस समय लाल निशान में ट्रेड करते दिख रहे हैं। सेंसेक्स के केवल तीन शेयर भारती एयरटेल, टीसीएस और सन फार्मा ही इस समय हरे निशान में ट्रेड कर रहे हैं। बीएसई के सभी सेक्टोरल इंडेक्स के शेयरों में इस समय दबाव में ट्रेड करते दिखाई दे रहे हैं। जबकि एनएसई के बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी में भी 214.95 (0.86%) अंकों की गिरावट है।
इस समय इंडेक्स गिरावट के साथ 24,847.15 अंक पर ट्रेड कर रहा है। बाजार में लगातार दूसरे दिन है गिरावट देखने को मिल रही है। गुरुवार को भी सेंसेक्स 542 अंक गिरकर बंद हुआ था और निफ्टी में 158 अंकों की गिरावट रही थी। बाजार में कमजोर वैश्विक संकेतों और विदेशी निवेशकों द्वारा भारी बिकवाली ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया है।
सेंसेक्स के 30 शेयरों में से सभी में गिरावट है। सबसे बड़ी गिरावट बजाज फाइनेंस और बजाज फिनसर्व में देखने को मिली, जिनके शेयर क्रमशः 5.3% और 4.2% टूट गए। वहीं दूसरी ओर, आईसीआईसीआई बैंक, एसबीआई और एक्सिस बैंक जैसे कुछ बैंकिंग शेयरों में मामूली तेजी देखने को मिली। निफ्टी के 50 शेयरों में से 9 में तेजी रही और 41 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई, जिससे स्पष्ट होता है कि बाजार में व्यापक रूप से कमजोरी बनी हुई है।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी बैंक, फार्मा, रियल्टी और हेल्थकेयर इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे हैं, जबकि ऑटो, मेटल और एफएमसीजी जैसे अहम सेक्टरों में गिरावट बनी हुई है। यह दर्शाता है कि उपभोक्ता उत्पादों और मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियों में निवेशकों की रुचि कम हो रही है जबकि स्वास्थ्य और बैंकिंग सेक्टर में थोड़ी स्थिरता बनी हुई है।
वैश्विक बाजारों से भी मिलेजुले संकेत मिल रहे हैं। एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 0.61% गिरकर कारोबार कर रहा है जबकि कोरिया का कोस्पी 0.45% की बढ़त पर है। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.10% और चीन का शंघाई कंपोजिट 0.34% गिरकर कारोबार कर रहे हैं। हालांकि, 24 जुलाई को अमेरिकी बाजारों में थोड़ा सुधार देखने को मिला था। डाउ जोन्स 0.70% की तेजी के साथ 44,694 पर बंद हुआ, नैस्डेक 0.18% ऊपर और S\&P 500 में भी मामूली तेजी रही।
बाजार में गिरावट की एक बड़ी वजह विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी है। 24 जुलाई को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 2,133.69 करोड़ रुपए के शेयरों की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 2,617.14 करोड़ रुपए की खरीदारी की।
जुलाई महीने में अब तक एफआईआई ने 28,528.70 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं, जबकि डीआईआई ने 37,687.38 करोड़ रुपए की नेट खरीदारी की है। इससे स्पष्ट होता है कि घरेलू निवेशकों के समर्थन के बावजूद विदेशी निवेशकों की बिकवाली बाजार को दबाव में ला रही है। इससे पहले गुरुवार को भी शेयर बाजार में जबरदस्त गिरावट देखने को मिला थी। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से केवल 5 में तेजी और 25 में गिरावट दर्ज की गई थी।
ट्रेंट, टेक महिंद्रा और बजाज फिनसर्व जैसे शेयरों में 4% तक की गिरावट रही जबकि जोमैटो, टाटा मोटर्स और सन फार्मा में 3.5% तक की तेजी आई। निफ्टी के आईटी, एफएमसीजी और रियल्टी इंडेक्स में गिरावट रही, जबकि मेटल, फार्मा और सरकारी बैंकों का इंडेक्स थोड़ा बढ़ा। कुल मिलाकर, बाजार में लगातार गिरावट और अस्थिरता का क्रम जारी है। वैश्विक संकेत, विदेशी निवेशकों की बिकवाली और सेक्टर विशेष कमजोरी के कारण निवेशकों को फिलहाल सतर्क रहते हुए ट्रेड करना चाहिए।