Datia By Election:दतिया में नतीजों से पहले हाई अलर्ट! स्ट्रांग रूम के बाहर कांग्रेस की 24 घंटे पहरेदारी

दतिया विधानसभा उपचुनाव के नतीजे 3 अगस्त को घोषित होने हैं। इससे पहले जिले में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। सबसे ज्यादा चर्चा स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर हो रही है, जहां मतदान के बाद EVM (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) और वीवीपैट मशीनों को सुरक्षित रखा गया है। कांग्रेस ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने और EVM की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्ट्रांग रूम के बाहर अपने अधिकृत प्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं की चौबीसों घंटे ड्यूटी लगा दी है। पार्टी का कहना है कि मतगणना पूरी होने तक हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाएगी ताकि किसी भी तरह की शंका की स्थिति पैदा न हो।
स्ट्रांग रूम के बाहर दिन-रात तैनात हैं कांग्रेस कार्यकर्ता
कांग्रेस ने अपने कार्यकर्ताओं को अलग-अलग शिफ्ट में जिम्मेदारी सौंपी है। पार्टी के अधिकृत प्रतिनिधि लगातार स्ट्रांग रूम के बाहर मौजूद रहकर निगरानी कर रहे हैं। कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के समर्थकों का कहना है कि वे निर्वाचन आयोग के नियमों का पालन करते हुए अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। उनका उद्देश्य किसी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं, बल्कि मतदान के बाद रखी गई EVM की सुरक्षा पर नजर बनाए रखना है। पार्टी का कहना है कि चुनाव केवल मतदान तक सीमित नहीं होता, बल्कि मतगणना पूरी होने तक पूरी प्रक्रिया निष्पक्ष और पारदर्शी रहना भी उतना ही जरूरी है।
LED स्क्रीन के जरिए रखी जा रही नजर
स्ट्रांग रूम परिसर के बाहर एलईडी स्क्रीन लगाई गई है, जिसके जरिए परिसर के अंदर और आसपास की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। कांग्रेस के प्रतिनिधि इस स्क्रीन के माध्यम से लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उनका कहना है कि निर्वाचन आयोग की ओर से जो व्यवस्था की गई है, उसी के तहत वे अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पार्टी नेताओं का मानना है कि लगातार निगरानी से मतदाताओं का भरोसा मजबूत होता है और चुनावी प्रक्रिया पर विश्वास बना रहता है।
'लोकतंत्र में वोट जितना जरूरी, उतनी ही जरूरी उसकी सुरक्षा'
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि लोकतंत्र में मतदान सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया होती है, लेकिन मतदान के बाद मतों की सुरक्षा भी उतनी ही अहम होती है। उनका कहना है कि जनता ने जिस विश्वास के साथ अपने मत दिए हैं, उनकी रक्षा करना सभी राजनीतिक दलों और निर्वाचन व्यवस्था की जिम्मेदारी है। इसी सोच के साथ पार्टी ने मतगणना तक अपने प्रतिनिधियों की ड्यूटी लगाई है। कांग्रेस का कहना है कि वह केवल यह सुनिश्चित करना चाहती है कि पूरी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से संपन्न हो।
निर्वाचन आयोग के नियमों के तहत कर रहे हैं निगरानी
कांग्रेस नेताओं ने साफ किया है कि स्ट्रांग रूम के बाहर मौजूद सभी प्रतिनिधि निर्वाचन आयोग की ओर से तय नियमों के अनुसार ही काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पार्टी के अधिकृत एजेंटों को आयोग की अनुमति प्राप्त है और वे पूरी तरह वैधानिक तरीके से अपनी जिम्मेदारी निभा रहे हैं। पार्टी ने यह भी कहा कि उनका मकसद किसी पर आरोप लगाना या माहौल खराब करना नहीं है, बल्कि केवल चुनावी प्रक्रिया पर नजर रखना है।
प्रशासन ने कहा- सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत
दूसरी ओर जिला प्रशासन ने स्ट्रांग रूम की सुरक्षा को लेकर लोगों को भरोसा दिलाया है। प्रशासन के अधिकारियों का कहना है कि स्ट्रांग रूम की सुरक्षा बहुस्तरीय है और हर स्तर पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। परिसर में केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं और हर आने-जाने वाले व्यक्ति की जांच की जा रही है। स्ट्रांग रूम के सभी प्रवेश और निकास द्वारों पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है ताकि किसी भी अनधिकृत व्यक्ति को अंदर प्रवेश न मिल सके।
CCTV से 24 घंटे हो रही मॉनिटरिंग
प्रशासन के अनुसार पूरे परिसर में कई सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मदद से चौबीसों घंटे निगरानी की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां लगातार कैमरों की फुटेज पर नजर बनाए हुए हैं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई करने की व्यवस्था भी की गई है। अधिकारियों का कहना है कि सुरक्षा के सभी इंतजाम पहले से तय मानकों के अनुसार किए गए हैं।
सिर्फ अधिकृत लोगों को ही मिलेगा प्रवेश
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि स्ट्रांग रूम में केवल उन्हीं अधिकारियों और प्रतिनिधियों को प्रवेश दिया जाएगा जिन्हें निर्वाचन आयोग की ओर से अनुमति मिली है। प्रवेश के दौरान पहचान पत्र की जांच और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं का पालन किया जाएगा। बिना अनुमति किसी भी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य मतगणना तक EVM और वीवीपैट मशीनों की पूरी सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
EVM और वीवीपैट पूरी तरह सुरक्षित: प्रशासन
जिला प्रशासन का कहना है कि मतदान में इस्तेमाल हुई सभी EVM और वीवीपैट मशीनें पूरी तरह सुरक्षित हैं। अधिकारियों ने बताया कि निर्वाचन आयोग के सभी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन किया जा रहा है। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। मतगणना के दिन भी अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात रहेंगे और पूरी प्रक्रिया आयोग के तय प्रोटोकॉल के अनुसार संपन्न होगी।
नतीजों पर सबकी नजर
दतिया विधानसभा उपचुनाव का मतदान शांतिपूर्ण माहौल में पूरा हुआ था। अब सभी राजनीतिक दलों, उम्मीदवारों और मतदाताओं की नजर 3 अगस्त को होने वाली मतगणना पर टिकी है। मतगणना के दिन सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और पूरी प्रक्रिया निर्वाचन आयोग की निगरानी में होगी।











