साइबर जागरूकता रन 2025 :सीएम डॉ. मोहन यादव ने दिखाई हरी झंडी, बोले- साइबर अपराध रोकना ही सबसे बड़ा बचाव

भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में बुधवार को अटल पथ पर ‘साइबर जागरूकता रन 2025’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह के समापन अवसर पर किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होकर ‘रन फॉर साइबर अवेयरनेस’ रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
यह रैली एमपी पुलिस द्वारा आयोजित की गई थी, जिसका उद्देश्य लोगों को साइबर अपराधों के प्रति जागरूक करना और डिजिटल सुरक्षा के महत्व को समझाना था। रैली प्लेटिनम प्लाजा, अटल पथ से शुरू होकर एपेक्स बैंक तिराहा होते हुए टीटी नगर स्टेडियम पर समाप्त हुई। मुख्यमंत्री ने अटल पथ पर रैली की सलामी भी ली और प्रतिभागियों का उत्साह बढ़ाया।
तकनीक के साथ चलना ही सुरक्षा का तरीका
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि 'साइबर अपराध में जागरूकता ही हमारा बचाव है।' उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल युग में तकनीक से पीछे हटना समाधान नहीं है, बल्कि तकनीक का सुरक्षित उपयोग करना ही समझदारी है। सीएम ने कहा, भारत आज डिजिटल पेमेंट में पूरी दुनिया में अग्रणी है। परंतु इसके साथ साइबर अपराधों का खतरा भी बढ़ा है। हमें अपराध के डर से डिजिटल दुनिया नहीं छोड़नी चाहिए, बल्कि सतर्कता और जागरूकता के माध्यम से साइबर अपराधों से खुद को सुरक्षित रखना चाहिए।
राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह का समापन
मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा अक्टूबर माह को ‘राष्ट्रीय साइबर जागरूकता माह’ (National Cyber Awareness Month) के रूप में मनाया गया। इस दौरान राज्यभर में कई जन-जागरूकता कार्यक्रम, कार्यशालाएं और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए गए, जिनका उद्देश्य लोगों को ऑनलाइन सुरक्षा, डिजिटल भुगतान की सावधानियों और साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों के बारे में जानकारी देना था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में इस तरह के जागरूकता अभियानों का संचालन किया जा रहा है, ताकि डिजिटल इंडिया के साथ सुरक्षित इंडिया का लक्ष्य हासिल किया जा सके।
मां नर्मदा में छोड़े जाएंगे मगरमच्छ
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी पहल का भी उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में जीव-जंतुओं के संरक्षण का अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार को मां नर्मदा नदी में मगरमच्छ छोड़े जाएंगे। उन्होंने कहा कि मगरमच्छ मां नर्मदा का वाहन हैं। पहले चंबल नदी में घड़ियाल छोड़े गए थे और अब नर्मदा में मगरमच्छ की संख्या बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
बिहार से 2200 साल पुराना रिश्ता
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राजनीतिक संदर्भ में भी कहा कि बिहार और मध्य प्रदेश का रिश्ता 2200 साल पुराना है। उन्होंने विश्वास जताया कि बिहार में आगामी चुनावों में एनडीए गठबंधन प्रचंड बहुमत से सरकार बनाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा और एनडीए के सभी कार्यकर्ता एकजुट होकर प्रचार कर रहे हैं और बिहार की चारों ओर प्रगति इसी सरकार में हुई है।





















