CG NEWS:CSMCL ओवरटाइम घोटाला: 172 करोड़ के भुगतान मामले में पूर्व MD अरुणपति त्रिपाठी की रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ी

EOW करेगी गहन पूछताछ, मैनपावर एजेंसियों, कमीशन नेटवर्क और अवैध भुगतान की परतें खुलने की उम्मीद CSMCL के 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में गिरफ्तार पूर्व प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। तीन दिन की रिमांड पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त रिमांड मंजूर कर दी।
CSMCL ओवरटाइम घोटाला: 172 करोड़ के भुगतान मामले में पूर्व MD अरुणपति त्रिपाठी की रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ी

रायपुर न्यूज। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड (CSMCL) के चर्चित 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में जांच ने रफ्तार पकड़ ली है। पूर्व प्रबंध संचालक (MD) अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। EOW अब अवैध भुगतान, कमीशन नेटवर्क और मैनपावर एजेंसियों की भूमिका की गहराई से जांच करेगी।

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रिमांड बढ़ी, जांच को मिला नया समय

CSMCL के 172 करोड़ रुपये के ओवरटाइम भुगतान घोटाले में गिरफ्तार पूर्व प्रबंध संचालक अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। तीन दिन की रिमांड पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया, जहां अदालत ने आगे की पूछताछ के लिए अतिरिक्त रिमांड मंजूर कर दी।

EOW के निशाने पर पूरा भुगतान नेटवर्क

जांच एजेंसी का मानना है कि पूछताछ के दौरान अवैध भुगतान की स्वीकृति, कमीशन व्यवस्था, मैनपावर एजेंसियों की भूमिका और अन्य अधिकारियों की संभावित संलिप्तता से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं। जरूरत पड़ने पर आरोपितों का आमना-सामना कराकर भी पूछताछ की जाएगी।

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172 करोड़ रुपये के भुगतान पर सवाल

प्रारंभिक जांच के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त चार कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर नियमों के विपरीत 172 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। आरोप है कि सर्विस चार्ज का बड़ा हिस्सा कमीशन के रूप में एक सिंडिकेट के माध्यम से बांटा गया।

मैनपावर एजेंसियां भी जांच के घेरे में

EOW की जांच में कई मैनपावर एजेंसियों की भूमिका भी सामने आई है। इनमें सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्क फोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर सॉल्यूशंस शामिल हैं। एजेंसी इन संस्थाओं से जुड़े दस्तावेज, भुगतान रिकॉर्ड और अनुबंधों की भी जांच कर रही है।

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पहले ही दाखिल हो चुकी है चार्जशीट

इस मामले में ईओडब्ल्यू-एसीबी पहले ही अनवर ढेबर सहित 12 आरोपितों के खिलाफ विशेष न्यायालय में अभियोग पत्र प्रस्तुत कर चुकी है। अब पूर्व एमडी की पूछताछ के बाद जांच का दायरा और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

PREM

मै प्रेम निर्मलकर मैने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत दैनिक भास्कर से की, विगत 18 वर्षों से मुझे पत...Read More

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