Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

जिस घर में बीता बचपन, वहीं CM मोहन यादव ने खुद चलाया हथौड़ा ; पेश की मिसाल

जिस घर में CM मोहन यादव का बचपन बीता, सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उसी पैतृक मकान का हिस्सा हटाया गया। CM ने खुद हथौड़ा चलाकर कार्रवाई की शुरुआत की।
जिस घर में बीता बचपन, वहीं CM मोहन यादव ने खुद चलाया हथौड़ा ; पेश की मिसाल

उज्जैन। सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के बीच उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण का काम शुरू हो गया है। इस परियोजना की जद में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का पैतृक मकान भी शामिल है। मुख्यमंत्री रविवार को अपने पैतृक घर पहुंचे और वहां पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने खुद फावड़ा चलाकर सड़क चौड़ीकरण के काम की शुरुआत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि इसी जगह पर उनका बचपन बीता है, जहां वह खेलते और दौड़ते हुए बड़े हुए, लेकिन अब समाज की जरूरत के लिए वह अपने हाथों से इस हिस्से को हटाने की प्रक्रिया में आगे बढ़ रहे हैं।

बोले- भावनात्मक असर जरूर पड़ता है

मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अपने पैतृक मकान से जुड़ी भावनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि जिस जगह पर उन्होंने बचपन बिताया, उसी जगह को अब अपने हाथों से हटाने की शुरुआत करना भावनात्मक रूप से असर डालता है। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति के जीवन में ऐसी जगह होती है, जहां वह रहता है, पैदा होता है और अपना बचपन व युवावस्था बिताता है। लेकिन अगर समाज के लिए किसी काम की जरूरत हो तो उसके लिए तैयार रहना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके माता-पिता ने उन्हें ऐसे संस्कार दिए हैं कि समाज की जरूरत के लिए इस तरह के कामों के लिए तैयार रहें।

X Post

मुआवजा लेने से भी किया इनकार

पैतृक मकान के प्रभावित हिस्से को हटाए जाने के बदले मुख्यमंत्री ने मुआवजा लेने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि इसके लिए मुआवजा लेने की कोई जरूरत नहीं है और यह उनकी जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई को लेकर उनका रुख भी सामने आया। उन्होंने कहा कि शहर और समाज की जरूरत के लिए होने वाले इस काम में सहयोग करना उनका कर्तव्य है।

272 भवन सड़क चौड़ीकरण की जद में

सिंहस्थ 2028 से पहले उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण की परियोजना पर काम किया जा रहा है। इसी परियोजना के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव का पैतृक मकान भी प्रभावित हो रहा है। इस सड़क चौड़ीकरण प्रोजेक्ट में कुल 272 संरचनाओं को चिन्हित किया गया है। मुख्यमंत्री का पैतृक घर भी इन्हीं संरचनाओं में शामिल है। सड़क को चौड़ा करने के लिए मकान के प्रभावित हिस्से को हटाया जाना है। परियोजना का उद्देश्य सिंहस्थ के दौरान उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सड़क व्यवस्था को बेहतर बनाना है।

देश की पहली LNG ड्यूल-फ्यूल ट्रेन को आज मिलेगी हरी झंडी, जानिए क्या है इसकी खासियत?

पूजा के बाद खुद शुरू किया काम

सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई से पहले मुख्यमंत्री अपने पैतृक मकान पहुंचे। उन्होंने वहां पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने खुद फावड़ा चलाकर काम की शुरुआत की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने अपने बचपन की यादों का जिक्र करते हुए कहा कि यह वही स्थान है जहां वह खेलते और दौड़ते हुए बड़े हुए। अब उसी जगह के एक हिस्से को सड़क चौड़ीकरण के लिए हटाया जा रहा है। उन्होंने माना कि इस प्रक्रिया से भावनात्मक जुड़ाव के कारण असर पड़ता है, लेकिन समाज के लिए जरूरी काम होने पर आगे बढ़ना भी जरूरी है।

X Post

सिंहस्थ 2028 से पहले सड़कें होंगी चौड़ी

उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम किया जा रहा है। परियोजना में 272 संरचनाएं प्रभावित हो रही हैं। मुख्यमंत्री का पैतृक मकान भी इसी सूची में शामिल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इस तरह के कामों के लिए तैयार रहना चाहिए। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने पैतृक मकान के प्रभावित हिस्से को हटाने की प्रक्रिया की शुरुआत खुद की। सिंहस्थ की तैयारियों के बीच अब सड़क चौड़ीकरण की यह कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

Sona Rajput
By Sona Rajput

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन किया है। साल 2022 ...Read More

Latest Posts