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अभिजीत दीपके ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, SC के ऑर्डर पर जताई चिंता

सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने छात्रों के खिलाफ संभावित पुलिस कार्रवाई पर कड़ा विरोध जताया है। पार्टी का कहना है कि अगर प्रदर्शन में शामिल युवाओं को निशाना बनाया गया, तो एक बार फिर बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण आंदोलन शुरू किया जाएगा।
अभिजीत दीपके ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी, SC के ऑर्डर पर जताई चिंता
अभिजीत दीपके ने दी बड़े आंदोलन की चेतावनी

सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद CJP ने सरकार के रुख पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का आरोप है कि छात्रों को सुरक्षा देने का वादा अब कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है। नेताओं का कहना है कि अदालत के आदेश को बहाना बनाकर प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए। CJP ने साफ किया है कि यदि छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रही, तो आंदोलन दोबारा शुरू किया जाएगा।

छात्रों पर कार्रवाई हुई तो फिर होगा आंदोलन

कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने साफ शब्दों में कहा कि उनकी पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और किसी भी हाल में उन्हें अकेला नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस प्रदर्शन में शामिल छात्रों को निशाना बनाती रही, तो CJP दोबारा बड़े पैमाने पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेगी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक्स पर उन्होंने सरकार से अपील की कि छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की प्रताड़ना और तथाकथित विच-हंटिंग को तुरंत रोका जाए। 

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अंतरिम आदेश पर CJP ने जताई आपत्ति

पार्टी के वरिष्ठ नेता सौरव दास ने सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के एक विशेष निर्देश पर चिंता जताई। उनके अनुसार आदेश में सरकारों को पहले से दर्ज एफआईआर की जांच आगे बढ़ाने की अनुमति दी गई है, जिससे छात्रों के खिलाफ कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। उन्होंने कहा कि यह स्थिति उन युवाओं के लिए चिंता का विषय है, जिन्होंने आंदोलन में हिस्सा लिया था। पार्टी का मानना है कि इस आदेश की वजह से प्रशासन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रख सकता है।

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सरकार के पुराने आश्वासन का दिलाया याद

CJP ने दावा किया कि 25 जुलाई 2026 को सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों को वापस लेने और किसी भी छात्र को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से निशाना नहीं बनाने का भरोसा दिया गया था। पार्टी का कहना है कि इसी आश्वासन पर विश्वास करते हुए आंदोलन खत्म किया गया था। अब अगर उसी मामले में एफआईआर और जांच आगे बढ़ती है, तो यह युवाओं से किए गए वादे के विपरीत माना जाएगा। पार्टी ने सरकार से अपने सार्वजनिक आश्वासन का सम्मान करने की मांग की है।

अदालत के आदेश को बहाना न बनाने की मांग

सौरव दास ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश में कहीं भी यह नहीं कहा गया है कि सरकारों को हर हाल में एफआईआर पर कार्रवाई करनी ही होगी। उनके मुताबिक मामलों को वापस लेने या आगे न बढ़ाने का अधिकार अब भी सरकार के पास मौजूद है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ राज्यों ने पहले भी ऐसे मामलों में कार्रवाई वापस लेने का फैसला किया है। इसलिए अदालत के आदेश को आधार बनाकर छात्रों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखना उचित नहीं होगा।

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पारदर्शिता और भरोसा बनाए रखने की अपील

कॉकरोच जनता पार्टी ने केंद्र और राज्य सरकारों से मांग की है कि वे अदालत के सामने अपने लिखित आश्वासन की पूरी जानकारी रखें, ताकि भविष्य में किसी तरह का भ्रम पैदा न हो। पार्टी ने प्रदर्शनकारी छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस लेने और उन्हें भविष्य में किसी भी दंडात्मक कार्रवाई से सुरक्षा देने की मांग दोहराई। CJP का कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में युवाओं के विश्वास को बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है और यदि वादों से पीछे हटने की कोशिश हुई, तो पार्टी फिर से देशभर में शांतिपूर्ण आंदोलन का रास्ता अपनाएगी।

Rohit Sharma
By Rohit Sharma

पीपुल्स इंस्टीट्यूट ऑफ मीडिया स्टडीज, माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय...

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