PM के पास शिक्षा मंत्री के कई विकल्प थे!लेकिन...राहुल गांधी ने मोदी पर साधा निशाना

नई दिल्ली। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। राहुल गांधी ने कहा कि प्रधानमंत्री अपनी कैबिनेट में किसी को भी शिक्षा मंत्री बना सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी दी, जिस पर यौन उत्पीड़न के आरोपियों का बचाव करने के आरोप लगते रहे हैं। राहुल ने इसे हैरान करने वाला फैसला बताया।
संसद परिसर में मीडिया से क्या बोले राहुल गांधी?
संसद के मानसून सत्र के नौवें दिन राहुल गांधी ने संसद परिसर में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने कहा कि देशभर में हजारों छात्र और युवा शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे। इन प्रदर्शनों में बड़ी संख्या में छात्राएं भी शामिल थीं।
राहुल गांधी का आरोप है कि आंदोलन के दौरान छात्रों और छात्राओं पर बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा कि ऐसे समय में सरकार ने शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी ऐसे व्यक्ति को दी है, जिस पर यौन उत्पीड़न के आरोपियों का बचाव करने के आरोप लगते रहे हैं।
प्रधानमंत्री मोदी पर भी साधा निशाना
राहुल गांधी ने PM नरेंद्र मोदी के फैसले पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कैबिनेट में कई योग्य मंत्री मौजूद हैं और शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी किसी और को भी दी जा सकती थी। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री अपनी कैबिनेट में से किसी को भी चुन सकते थे, लेकिन उन्होंने ऐसे व्यक्ति को चुना जो महिलाओं के यौन उत्पीड़न के आरोपियों का बचाव करता है। यह फैसला बेहद हैरान करने वाला है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद हुआ बदलाव
हाल ही में नीट पेपर लीक विवाद और छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। उन्होंने 25 जुलाई को अपना इस्तीफा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपा था। इसके बाद राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री की सलाह पर उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया। साथ ही केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंप दिया गया।
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पेपर लीक के बाद बदला शिक्षा मंत्रालय
नीट पेपर लीक मामले के बाद देशभर में शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए। छात्रों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और पेपर लीक पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी। इसी बीच शिक्षा मंत्रालय में नेतृत्व परिवर्तन हुआ और प्रह्लाद जोशी को नई जिम्मेदारी दी गई।
राजनीतिक बयानबाजी हुई तेज
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी मिलने के बाद इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस सरकार के फैसले पर सवाल उठा रही है, जबकि भाजपा की ओर से राहुल गांधी के आरोपों पर फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा संसद और देश की राजनीति में चर्चा का विषय बना रह सकता है।











