पूर्व SDOP पर शादी का झांसा देकर यौन शोषण का आरोप, 2017 में हुई थी पहचान; SC/ST एक्ट में भी केस दर्ज

छिंदवाडा जिले के सौंसर में एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी के खिलाफ एक महिला की शिकायत पर गंभीर मामला दर्ज किया गया है। शिकायतकर्ता ने सौंसर के पूर्व SDOP और रिटायर्ड पुलिस अधिकारी के.के. वर्मा पर शादी का झांसा देकर कई बार शारीरिक संबंध बनाने और विरोध करने पर धमकाने के आरोप लगाए हैं। महिला के अनुसार, दोनों की पहचान करीब नौ साल पहले वर्ष 2017 में हुई थी। उस समय उसके पिता से जुड़े एक मामले की जांच के.के. वर्मा कर रहे थे। महिला का आरोप है कि इसी दौरान वर्मा उसके घर आए और उसका मोबाइल नंबर लिया। इसके बाद दोनों क बीच फोन पर बातचीत शुरू हुई। शिकायत के मुताबिक, धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपी ने कथित तौर पर शादी का भरोसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। महिला ने पुलिस को दिए बयान में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस दस्तावेज के मुताबिक, महिला की शिकायत पर सौंसर थाने में मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने प्रकरण को जांच में लिया है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि अभी जांच के बाद ही हो सकेगी।
पिता के केस की जांच के दौरान हुई थी पहचान
शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2017 में उसके पिता से जुड़ा मारपीट का एक मामला सामने आया था। उस समय सौंसर के तत्कालीन SDOP के.के. वर्मा इस प्रकरण की जांच कर रहे थे। इसी जांच के दौरान महिला की उनसे पहचान हुई। शिकायतकर्ता के अनुसार, वर्ष 2017 में उसके पिता से जुड़ा मारपीट का एक मामला सामने आया था। उस समय सौंसर के तत्कालीन SDOP के.के. वर्मा इस प्रकरण की जांच कर रहे थे। इसी जांच के दौरान महिला की उनसे पहचान हुई। महिला का आरोप है कि वर्मा उसके घर आए और वहीं से उसका मोबाइल नंबर लेकर उससे बातचीत शुरू की। इसके बाद दोनों के बीच लगातार फोन पर बात होने लगी। शिकायत के मुताबिक, कुछ समय बाद आरोपी ने महिला पर शारीरिक संबंध बनाने के लिए दबाव बनाया। महिला ने पुलिस को बताया कि उसने इसका विरोध किया तो उसे कथित तौर पर जान से मारने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उसके भाई-बहनों को कॉलेज जाते समय रास्ते में रोकने जैसी धमकियां दी गईं।
सरकारी आवास में जबरदस्ती संबंध बनाने का आरोप
महिला ने अपने बयान में आरोप लगाया कि सौंसर स्थित सरकारी आवास में के.के. वर्मा ने उसके साथ पहली बार जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद भी कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए जाने का आरोप शिकायत में लगाया गया है। महिला का कहना है कि इन घटनाओं के दौरान आरोपी की ओर से उसे शादी का भरोसा दिया जाता रहा। इसी भरोसे के कारण वह लंबे समय तक मामले को लेकर पुलिस के पास नहीं गई। हालांकि, ये सभी आरोप शिकायतकर्ता के बयान पर आधारित हैं। पुलिस जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही इन आरोपों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होगी।
सिवनी ट्रांसफर के बाद भी जारी रहा संपर्क
शिकायतकर्ता के मुताबिक, के.के. वर्मा का सौंसर से सिवनी ट्रांसफर होने के बाद भी दोनों के बीच संपर्क बना रहा। महिला का आरोप है कि इस दौरान भी वर्मा ने उससे शादी करने और साथ रहने का भरोसा दिया। महिला ने पुलिस को दिए बयान में दावा किया कि वर्मा ने अपनी नौकरी पूरी होने के बाद शादी करने की बात कही थी। शिकायत के अनुसार, इसी भरोसे के बीच वर्ष 2021 में दोनों की सगाई भी हुई थी। महिला का आरोप है कि वर्ष 2023 में वर्मा के रिटायर होने के बाद उसने शादी करने से इनकार कर दिया। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ा और महिला ने पुलिस में शिकायत करने का फैसला किया।
दुष्कर्म समेत इन धाराओं में केस
पुलिस दस्तावेज के अनुसार, शिकायत के आधार पर आरोपी के.के. वर्मा के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376(2)(n), 376(2)(क)(i), 377 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा मामले में SC/ST एक्ट की धारा 3(1)(w)(ii) और 3(2)(v) भी लगाई गई हैं। इन धाराओं के तहत पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। अब जांच के दौरान शिकायतकर्ता के बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
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पुलिस जांच के बाद साफ होगी आरोपों की सच्चाई
फिलहाल इस मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की है। इसका मतलब यह नहीं है कि शिकायत में लगाए गए आरोप अदालत में साबित हो चुके हैं। मामले की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की पुष्टि या खंडन से जुड़ी स्थिति साफ होगी। वहीं, आरोपी के.के. वर्मा का पक्ष फिलहाल सामने नहीं आया है। उनका पक्ष या मामले से जुड़ा कोई आधिकारिक बयान सामने आता है तो उसे भी खबर में शामिल किया जाएगा। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। खास तौर पर 2017 से लेकर 2023 तक महिला और आरोपी के बीच हुए संपर्क, कथित सगाई और शादी से जुड़े वादों के साथ-साथ शिकायत में लगाए गए अन्य आरोपों की भी जांच की जाएगी। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले की पूरी तस्वीर सामने आएगी।





















