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रायसेन के जंगल में सागौन की कटाई! कटे पेड़ों की तस्वीरों से मचा हड़कंप

रायसेन के बाड़ी वन परिक्षेत्र के डगडगा वन क्षेत्र में सागौन के कटे पेड़ों की तस्वीरें सामने आई हैं। मामले के बाद वन विभाग ने तीन दिन की जांच टीम बनाई है। टीम मौके पर पहुंचकर कटे पेड़ों की संख्या और कटाई की स्थिति की जांच करेगी। अवैध कटाई की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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रायसेन के जंगल में सागौन की कटाई! कटे पेड़ों की तस्वीरों से मचा हड़कंप

बाड़ी, रायसेन। बाड़ी वन परिक्षेत्र के डगडगा वन क्षेत्र से जंगल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। तस्वीरों में सागौन के पेड़ों के कटे हुए तने और कटाई के निशान दिखाई दे रहे हैं। तस्वीरें सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया है। हालांकि, कितने पेड़ काटे गए हैं और कटाई वैध है या अवैध, यह जांच के बाद ही साफ होगा।

सागौन की कटाई से उठे सवाल

सागौन को महत्वपूर्ण वन संपदा माना जाता है। ऐसे में वन क्षेत्र में पेड़ों की कटाई की तस्वीरें सामने आना गंभीर मामला है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर पेड़ों की कटाई हुई है तो वन अमले को इसकी जानकारी कब मिली? क्या संबंधित क्षेत्र में नियमित गश्त हो रही थी और कटे पेड़ों के निशान पहले विभाग की नजर में क्यों नहीं आए?

तीन दिन में होगी जांच

मामले को लेकर बाड़ी एसडीओ वन मयंक राज से बात की गई। उन्होंने बताया कि पेड़ कटाई की जांच के लिए तीन दिन की जांच टीम बनाई गई है। टीम मौके पर जाकर पूरे वन क्षेत्र का निरीक्षण करेगी और यह पता लगाएगी कि कितने पेड़ों की कटाई हुई है। फिलहाल कुछ कटे हुए पेड़ मिलने की जानकारी है, लेकिन वास्तविक संख्या जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगी।

आसपास के जंगल की भी होगी जांच

जांच सिर्फ सामने आए पेड़ों तक सीमित न रहकर आसपास के वन क्षेत्र में भी की जाना जरूरी है। टीम को कटे हुए प्रत्येक पेड़ और ठूंठ का सत्यापन करना होगा। इसके साथ पेड़ों की प्रजाति और तने के आकार का रिकॉर्ड, फोटो-वीडियोग्राफी और मौके पर कटी हुई लकड़ी मौजूद है या नहीं, इसकी भी जांच की जानी चाहिए। अगर लकड़ी वहां से हटाई गई है तो उसके परिवहन से जुड़े पहलुओं की भी पड़ताल जरूरी होगी।

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वन विभाग की गश्त पर सवाल

मामले के सामने आने के बाद वन क्षेत्र की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। संबंधित क्षेत्र में नियमित गश्त कितनी प्रभावी थी? बीट स्तर पर निरीक्षण कब-कब किया गया? कटे पेड़ों के निशान पहले क्यों नहीं दिखे? अगर पहले कोई सूचना मिली थी तो उस पर क्या कार्रवाई की गई? इन सवालों के जवाब जांच के बाद ही सामने आएंगे।

अवैध कटाई मिली तो होगी कार्रवाई

अगर जांच में सागौन के पेड़ों की कटाई बिना वैध अनुमति के होना पाया जाता है, तो संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही वन क्षेत्र की निगरानी में किसी तरह की लापरवाही सामने आती है तो जिम्मेदारी भी तय किए जाने की जरूरत होगी।

जांच रिपोर्ट का इंतजार

फिलहाल तीन दिन की जांच के बाद आने वाली रिपोर्ट पर सभी की नजर है। डगडगा वन क्षेत्र में कटे सागौन के पेड़ों की तस्वीरों ने जंगल की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। अब जांच से ही साफ होगा कि कितने पेड़ काटे गए और इस मामले में जिम्मेदार कौन है।

Buddhi Sharma
By Buddhi Sharma

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