खंडवा में आवारा कुत्तों के आतंक से मिलेगी मुक्ति, नगर निगम ने नसबंदी के लिए निकाला टेंडर

खंडवा। नगर निगम ने आवारा कुत्तों की नसबंदी और इम्यूनाइजेशन के लिए दोबारा टेंडर जारी किया है। इस काम पर एक साल में करीब 21 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है। पिछले चार साल में नसबंदी अभियान पर निगम करीब 98 लाख रुपए खर्च कर चुका है। विरोध के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठे थे।
21 लाख रुपए का जारी हुआ टेंडर
नगर निगम की ओर से शनिवार को जारी निविदा वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए है। इसमें आवारा कुत्तों की नसबंदी के साथ उनका टीकाकरण यानी इम्यूनाइजेशन भी कराया जाएगा। यह पूरा काम एनिमल बर्थ कंट्रोल प्रोग्राम के तहत किया जाना है और टेंडर की अवधि एक साल निर्धारित की गई है। इच्छुक संस्थान या एजेंसी 5 सितंबर 2026 की शाम 5.30 बजे तक ऑनलाइन निविदा जमा कर सकेंगे। इसके बाद 7 सितंबर को सुबह 10.30 बजे टेंडर खोला जाएगा, जबकि धरोहर राशि 21 हजार और निविदा प्रपत्र शुल्क 5 हजार रुपए रखा गया है।
नसबंदी के साथ कुत्तों का टीकाकरण भी होगा
नगर निगम की इस निविदा का मकसद केवल शहर में आवारा कुत्तों की संख्या को नियंत्रित करना नहीं है, बल्कि उन्हें इम्यूनाइज करना भी है। अभियान के दौरान पकड़े जाने वाले आवारा कुत्तों की नसबंदी के साथ उनका टीकाकरण किया जाएगा। पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के जरिए शहर में कुत्तों की आबादी को नियंत्रित करने और उनसे जुड़े जोखिमों को कम करने की कोशिश की जाएगी। खंडवा में लंबे समय से आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट की समस्या को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में नए टेंडर के बाद अभियान को दोबारा गति मिलने की उम्मीद है।
विरोध के बाद निगम की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
आवारा कुत्तों की नसबंदी और इस पर होने वाले खर्च को लेकर हाल ही में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए थे। जनसुनवाई के दौरान नगर निगम नेता प्रतिपक्ष दीपक राठौर ने आवारा कुत्तों की संख्या और नसबंदी अभियान पर खर्च को लेकर विरोध प्रदर्शन किया था। इस दौरान एक युवक को कुत्ते की वेशभूषा में लेकर पहुंचने का मामला भी चर्चा में रहा। लगातार विरोध के बीच यह मुद्दा स्थानीय स्तर से आगे बढ़कर राष्ट्रीय मीडिया में भी छाया। इसके बाद कलेक्टर ऋषव गुप्ता और निगम कमिश्नर प्रियंका राजावत को मीडिया के सामने आकर मामले में सफाई देनी पड़ी।
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चार साल में खर्च हो चुके 98 लाख रुपए
आंकड़ों के मुताबिक, खंडवा नगर निगम आवारा कुत्तों की नसबंदी के अभियान पर पिछले चार साल में करीब 98 लाख रुपए खर्च कर चुका है। अब नए टेंडर के तहत एक साल में करीब 21 लाख रुपए खर्च किए जाने का अनुमान है। लगातार विरोध के बाद नगर निगम ने फिर से नसबंदी और टीकाकरण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी की है। अगले साल होने वाले चुनावों को देखते हुए आवारा कुत्तों की समस्या भी स्थानीय राजनीति का मुद्दा बनी हुई है। ऐसे में नए अभियान से शहर में आवारा कुत्तों की संख्या और डॉग बाइट से जुड़े मामलों को नियंत्रित करने की उम्मीद की जा रही है।





















