Download on the App StoreGet it on Google Play
🌤️
--Raipur, India

PlayBreaking News

Bilaspur:ट्रांसफर-पोस्टिंग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कर्मचारी अपनी पसंद की जगह पोस्टिंग का नहीं मांग सकता अधिकार

भिलाई-चरौदा से राजनांदगांव तबादले को चुनौती देने वाली याचिका खारिज, कोर्ट ने कहा- प्रशासनिक जरूरत के मुताबिक ट्रांसफर करना नियोक्ता का अधिकार,मामला नगर निगम भिलाई-चरौदा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी अंकित यादव से जुड़ा है। कर्मचारी ने 31 जुलाई 2026 को जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उसका तबादला भिलाई-चरौदा नगर निगम से राजनांदगांव नगर निगम किया गया था।
Follow on Google News
ट्रांसफर-पोस्टिंग पर हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, कर्मचारी अपनी पसंद की जगह पोस्टिंग का नहीं मांग सकता अधिकार

रायपुर: छत्तीसगढ़ में शासकीय कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग को लेकर बिलासपुर हाईकोर्ट ने अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने नगर निगम भिलाई-चरौदा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी अंकित यादव की तबादले के खिलाफ दायर याचिका खारिज कर दी। अदालत ने स्पष्ट किया कि कर्मचारी केवल अपनी पसंद के स्थान पर पदस्थापना की इच्छा के आधार पर ट्रांसफर का अधिकार नहीं मांग सकता।

यह भी पढ़ें: Raipur: रायपुर में खाद के अवैध कारोबार पर बड़ा एक्शन, बिना लाइसेंस 531 क्विंटल उर्वरक जब्त, व्यापारी पर FIR

भिलाई-चरौदा से राजनांदगांव हुआ था तबादला

मामला नगर निगम भिलाई-चरौदा में पदस्थ सहायक ग्रेड-2 कर्मचारी अंकित यादव से जुड़ा है। कर्मचारी ने 31 जुलाई 2026 को जारी उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसके तहत उसका तबादला भिलाई-चरौदा नगर निगम से राजनांदगांव नगर निगम किया गया था। कर्मचारी की मांग थी कि उसे रायपुर नगर निगम में पदस्थ किया जाए।

यह भी पढ़ें: Bilaspur: दोस्त की पत्नी से संबंध,वीडियो बनाकर ब्लैकमेल का आरोप,पति-पत्नी ने रची हत्या की खौफनाक साजिश

कर्मचारी ने बताई लगातार तबादले की वजह

याचिकाकर्ता के मुताबिक उसकी मूल नियुक्ति रायपुर नगर निगम में सहायक ग्रेड-3 के पद पर हुई थी। इसके बाद सितंबर 2021 में उसे रायपुर से रिसाली और सितंबर 2025 में रिसाली से भिलाई-चरौदा स्थानांतरित किया गया। कर्मचारी का दावा था कि दोनों स्थानों पर स्वीकृत पदों की तुलना में वह अतिरिक्त कर्मचारी था।

प्रतिनियुक्ति पर विचार की मांग

कर्मचारी की ओर से यह दलील भी दी गई कि लगातार तबादले के बजाय उसकी प्रतिनियुक्ति पर विचार किया जाना चाहिए था। उसने रायपुर नगर निगम में वापस पदस्थ किए जाने की मांग की थी।

यह भी पढ़ें: Raigarh: 15 साल से जर्जर सड़क पर फूटा गुस्सा, पहले गड्ढों में नहाए युवा,अब बच्चों ने संभाला मोर्चा

हाईकोर्ट ने प्रशासनिक अधिकार किया स्पष्ट

मामले की सुनवाई जस्टिस बिभु दत्ता गुरु की अदालत में हुई। हाईकोर्ट ने कहा कि कर्मचारी भिलाई-चरौदा में अतिरिक्त था और उसने स्वयं दूसरी नगर निगम में तबादले के लिए आवेदन किया था। ऐसे में केवल रायपुर में पोस्टिंग की इच्छा जताने से उसे उसी स्थान पर पदस्थापना का अधिकार नहीं मिल जाता।

बार-बार ट्रांसफर होना अपने आप में अवैध नहीं

अदालत ने स्पष्ट किया कि किसी कर्मचारी का एक से अधिक बार तबादला होना अपने आप में अगले तबादले को अवैध नहीं बना देता। प्रशासनिक जरूरत और कर्मचारी की आवश्यकता के आधार पर स्थानांतरण करना सक्षम प्राधिकारी के अधिकार क्षेत्र में आता है।

यह भी पढ़ें: Raipur: राष्ट्रीय ताइक्वांडो में छत्तीसगढ़ का दमदार पंच,14 साल के एडम अमीन ने जीता कांस्य पदक

मनचाही पोस्टिंग पर कोर्ट ने क्या कहा?

हाईकोर्ट ने कहा कि किसी कर्मचारी की पसंद के स्थान पर पोस्टिंग करना या नहीं करना प्रशासनिक निर्णय है। अदालत प्रशासनिक प्राधिकारी की जगह अपनी पसंद की पोस्टिंग तय नहीं कर सकती। कर्मचारी किसी विशेष स्थान पर तबादला किए जाने या नहीं किए जाने की जिद नहीं कर सकता।

याचिका में नहीं मिला कानूनी आधार

अदालत ने माना कि याचिकाकर्ता ऐसा कोई ठोस आधार प्रस्तुत नहीं कर सका, जिससे 31 जुलाई के तबादला आदेश को कानूनी रूप से अस्थिर माना जाए। इसके बाद हाईकोर्ट ने रिट याचिका में मेरिट नहीं पाते हुए उसे खारिज कर दिया।

यह भी पढ़ें: Durag Bhilai: भिलाई 3 चरौदा में रेलवे के नोटिस से संकट, दुकानदारों और रहवासियों का विरोध हुआ तेज

सरकारी कर्मचारियों के लिए क्यों अहम है फैसला?

हाईकोर्ट का यह फैसला सरकारी और स्थानीय निकायों के कर्मचारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़े मामलों के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। फैसले से यह स्पष्ट संदेश मिलता है कि प्रशासनिक जरूरत के तहत किए गए तबादले को केवल पसंदीदा पोस्टिंग नहीं मिलने के आधार पर चुनौती देना पर्याप्त नहीं है।

PREM

मै People's Updates रायपुर,छग में CHIEF EDITOR के पद में कार्यरत हूँ।अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत...Read More

Latest Posts