छिंदवाड़ा में लिफ्ट के बहाने अपहरण और फोनपे से वसूली का मामला, तीन आरोपी गिरफ्तार

छिंदवाड़ा। शहर में लिफ्ट देने के बहाने एक व्यक्ति का अपहरण कर उसके साथ मारपीट करने और मोबाइल से PhonePe के जरिए अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर कराने के मामले का कोतवाली पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने मामले में अम्मू उर्फ इम्मू शाह, उवैश खान और शेख असमाश उर्फ छोटू को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 43,500 रुपये, घटना में इस्तेमाल स्कूटी और पीड़ित की मोटरसाइकिल जब्त की गई है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से पूछताछ में शहर में चोरी जैसी अन्य घटनाओं के बारे में भी जानकारी मिली है, जिनको लेकर पूछताछ जारी है। साथ ही पीड़ित को ले जाकर कहां रखा गया था इस संबंध में भी पुलिस साक्ष्य जुटा रही है।
लिफ्ट देने के बाद सुनसान रास्ते पर ले जाने का आरोप
पुलिस के अनुसार, पवन कुमार चंद्रवंशी ने 2 अक्टूबर को कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के मुताबिक, 26 सितंबर को वह मानसरोवर बस स्टैंड के पास शराब दुकान के सामने खड़ा था। इसी दौरान एक व्यक्ति ने उससे खजरी जाने के लिए लिफ्ट मांगी। पवन कुमार ने उसे अपनी गाड़ी पर बैठा लिया। आरोप है कि इसके बाद अन्य लोग भी इसमें शामिल हो गए और उसे खजरी रोड की ओर एक सुनसान स्थान पर ले जाया गया।
चाकू दिखाकर बंधक बनाने और मारपीट का आरोप
शिकायत के मुताबिक, सुनसान इलाके में आरोपियों ने चाकू दिखाकर पवन कुमार को धमकाया, उसके साथ गाली-गलौज और मारपीट की तथा उसे बंधक बना लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने उसके मोबाइल फोन से फोनपे के जरिए अलग-अलग बैंक खातों में रकम ट्रांसफर कराई।शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि पैसे नहीं देने पर पीड़ित के अंगूठे को काटने का प्रयास किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
खाते में रकम पहुंचने से पुलिस को मिला सुराग
विवेचना के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। पवन कुमार ने बताया था कि उसने अपहरण करने वाले आरोपियों में से एक का नाम अम्मू सुना था और सामने आने पर उसे पहचान सकता है। पुलिस के मुताबिक जांच में यह भी सामने आया कि पीड़ित के खाते से अम्मू उर्फ इम्मू शाह के खाते में रुपये ट्रांसफर हुए थे। इसके बाद पुलिस ने अम्मू और उसके सहयोगियों की तलाश शुरू की।
पूछताछ में तीन आरोपियों के नाम सामने आए
पुलिस टीम ने संदेह के आधार पर अम्मू उर्फ इम्मू शाह और उसके साथियों की तलाश की। तीनों को मते कॉलोनी, छिंदवाड़ा में मौजूद पाया गया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान अम्मू उर्फ इम्मू शाह ने अपने साथी उवैश खान और शेख असमाश उर्फ छोटू के साथ घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की।
43,500 रुपये समेत वाहन जब्त
पुलिस ने आरोपियों से 43,500 रुपये बरामद किए हैं। इसके अलावा घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी और शिकायतकर्ता की मोटरसाइकिल भी विधिवत जब्त की गई। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि घटना में और कितने लोग शामिल थे और पीड़ित से कितनी रकम ट्रांसफर कराई गई। मामले में डिजिटल लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।
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चोरी की घटनाओं को लेकर भी पूछताछ
पुलिस के अनुसार आरोपियों से पूछताछ के दौरान शहर में चोरी जैसी अन्य घटनाओं में उनकी संभावित भूमिका के बारे में जानकारी मिली है। इन मामलों को लेकर पुलिस फिलहाल पूछताछ कर रही है और संबंधित घटनाओं से आरोपियों का कनेक्शन तलाशा जा रहा है। इसके साथ ही पवन कुमार को घटना के दौरान जिस स्थान पर ले जाकर रखा गया था, उस जगह के संबंध में भी पुलिस साक्ष्य एकत्र कर रही है।
आरोपियों को न्यायालय में पेश कर लिया पुलिस रिमांड
पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उन्हें माननीय न्यायालय में पेश किया। पुलिस के मुताबिक, आगे की विवेचना के लिए न्यायालय से पुलिस रिमांड भी प्राप्त किया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस आरोपियों से घटना के अन्य पहलुओं, साथियों, पैसों के लेन-देन और संभावित दूसरी वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
पुलिस टीम की भूमिका रही अहम
मामले के खुलासे में निरीक्षक आशीष कुमार धुर्वे, उप निरीक्षक रंजीत धुर्वे, उप निरीक्षक नारायण बघेल, प्रधान आरक्षक 728 नारायण उइके, प्रधान आरक्षक 565 लीलाधर, आरक्षक 381 परवेज आजमी, आरक्षक 1069 भास्कर बघेल और आरक्षक 966 भोलाराम की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक, छिंदवाड़ा की ओर से इस टीम को पुरस्कृत किए जाने की घोषणा की गई है।




















