Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

मप्र में अनूठी पहल: क्लीन और स्मार्ट के बाद अब भोपाल बनेगा 'पेट फ्रेंडली सिटी', युवाओं ने शुरू की मुहिम

मप्र की राजधानी भोपाल को ‘पेट फ्रेंडली सिटी’ बनाने की मुहिम आगे बढ़ रही है। सोशल वर्कर विपिन त्रिपाठी ने इसकी शुरुआत की थी। अभियान में पशुओं की सुरक्षा, इलाज-वेक्सीनेशन, भोजन-पानी और सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। सोशल मीडिया, स्कूल-कॉलेज और वर्कशॉप के जरिए जागरूक किया जा रहा है।
मप्र में अनूठी पहल: क्लीन और स्मार्ट के बाद अब भोपाल बनेगा 'पेट फ्रेंडली सिटी', युवाओं ने शुरू की मुहिम
भोपाल। पेट फ्रेंडली सिटी के लिए युवा शहर के प्रमुख स्थल जैसे बोट क्लब आदि पर पहुंचकर जागरुकता संदेश दे रहे हैं।

भोपाल। प्राकृतिक खूबसूरती के साथ ही 'स्वच्छ' और 'स्मार्ट' (clean and Smart City) बन चुकी मप्र की राजधानी को अब पेट फ्रेंडली सिटी' (Pet Friendly City) बनाने की पहल की गई है। सोशल वर्कर विपिन त्रिपाठी ने इसकी शुरुआत चार साल पहले की थी, धीरे-धीरे अब इस मुहिम में अनेक सदस्य जुड़ते जा रहे हैं।

ऐसे हुई ‘पेट फ्रेंडली सिटी’ की शुरुआत 

इस मुहिम की शुरुआत के पीछे एक सवाल था। यह सवाल था कि-बेजुबान जानवरों के लिए हमारे शहर कितने सुरक्षित हैं? इसी सवाल के उत्तर में 'पेट फ्रेंडली सिटी' (Pet Friendly City) की शुरुआत की गई। मुहिम का उद्देश्य सिर्फ पालतू कुत्तों या बिल्लियों के लिए कैफे और पार्क बनाना नहीं, बल्कि इंसानों और जानवरों के बीच एक ऐसा माहौल बनाना है जहां दोनों सुरक्षित और प्रेम से साथ रह सकें।

/img/89/1791215116183

पेट फ्रेंडली सिटी के लिए मैसेज लिखे गए। 

चार बातों का ध्यान रख शुरू किया गया काम 

1.  पेट्स की सुरक्षा: यह देखा जाए कि बेजुबानों के साथ किसी भी तरह की क्रूरता न हो।

2.  इलाज और वेक्सीनेशन : यह व्यवस्था भी होना चाहिए कि बीमार या घायल जानवरों को सही समय पर डॉक्टर और वैक्सीन की सुविधा मिले।

3.  खाना और पानी: जानवरों के लिए दाना या उनके खाने की सामग्री के साथ उचित स्थान पर पानी पीने की व्यवस्था भी हो।

4.  सुरक्षित स्थान: शहर में ऐसे स्थान भी रहें जहां लोग अपने पालतू जानवरों के साथ बिना किसी डर के घूम सकें।

Breaking News

​सोशल मीडिया-स्कूल, कॉलेजों से संदेश

पेट फ्रेंडली सिटी का संदेश सोशल मीडिया के माध्यम से पहुंचाया जा रहा है। इन संदेशों में बेजुबानों की देखभाल की बात कही जा रही है। इसके साथ ही स्कूलों, कॉलेजों और मोहल्लों में वर्कशॉप भी आयोजित की जा रही हैं।

ये भी पढ़ें: Bhopal Street Food: अशोका गार्डन के KMC में मिलेगा बर्गर, ट्विस्टर और सैंडविच का लाजवाब जायका

​घायल जानवरों के लिए वेबसाइट पर मिलेगी मदद

रास्ते में कोई घायल, भूखा या गुमशुदा जानवर दिखने पर वेबसाइट PetFriendlyCity.in पर सूचना दी जा सकती है। इस वेबसाइट केे 'Help for Pets' सेक्शन में जाकर कोई भी नागरिक यह जान सकता है कि ऐसी स्थिति में सही कदम कैसे उठाया जाए।

‘​सिर्फ सरकार या NGO की ही जिम्मेदारी नहीं’

/img/89/1791215294667 

'पेट फ्रेंडली सिटी' अभियान के संस्थापक विपिन त्रिपाठी

 ‘पेट फ्रेंडली सिटी’ अभियान के संस्थापक विपिन त्रिपाठी ने कहा कि ‘जैसे शहर को साफ रखना हर नागरिक की जिम्मेदारी है, वैसे ही जानवरों के लिए शहर को बेहतर बनाना भी हम सबकी सोच पर निर्भर करता है। इसे सिर्फ सरकार या NGO के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता।’

ये भी पढ़ें: PU Special : बुजुर्गों की देखभाल के लिए भोपाल में तैयार होंगे केयरगिवर, पूर्व IAS राकेश अग्रवाल की हत्या के बाद रिटायर अफसरों ने उठाया मुद्दा

Naresh Bhagoria
By Naresh Bhagoria

नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

Latest Posts