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20 करोड़ के घर पर चला बुलडोजर... तो भड़क उठे कांग्रेस के MLA आरिफ मसूद, जानें CM को लिखे लेटर में क्या कहा

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20 करोड़ के घर पर चला बुलडोजर... तो भड़क उठे कांग्रेस के MLA आरिफ मसूद, जानें CM को लिखे लेटर में क्या कहा
भोपाल। मध्य प्रदेश के छतरपुर में भड़की हिंसा और उपद्रवियों के मकान पर बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर प्रदेश में सियासत शुरू हो गई है। मोहन सरकार के एक्शन के बाद अब विधायक ने कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। थाने में पथराव की घटना के बाद कांग्रेस नेता हाजी शहजाद के मकान को जमींदोज कर दिया गया था। कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सीएम मोहन यादव को पत्र लिखा है। साथ ही बिना नोटिस दिए घर और गाड़ियां तोड़ने वाले अफसरों पर कार्रवाई करने की मांग की है।

आरिफ मसूद बोले- यह न्याय व्यवस्था के विपरीत है...

छतरपुर जिले में हुए बुलडोजर एक्शन पर सवाल खड़े करते हुए भोपाल मध्य विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने सीएम डॉ मोहन यादव को पत्र लिखा है। इसमें उन्होंने कहा- माननीय, निवेदन है कि दिनांक 21 अगस्त 2024 को छतरपुर सिटी कोतवाली में घटी घटना के बाद नाराज छतरपुर पुलिस ने स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर 22 अगस्त 2024 को बिना नोटिस दिए लोगों के घरों पर बुलडोजर चलाकर जमींदोज कर दिए, जो कि सीधे-सीधे न्याय व्यवस्था के विपरीत है।'

प्रदेश में संविधान समाप्ति की ओर : आरिफ मसूद

उन्होंने आगे लिखा कि, 'जिस तरह पुलिस प्रशासन ने कार्रवाई के दौरान घरों एवं वाहनों को जेसीबी और पोखलेन मशीनों से तोड़ा है, इसको देखकर साफ प्रतीत होता है कि मध्य प्रदेश में संविधान लगभग समाप्ति की ओर है। यदि कोई अपराधी अपराध करता है तो उसके लिए न्याय व्यवस्था में कार्रवाई करने के लिए प्रावधान है।' उन्होंने आगे लिखा- 'अतः मेरा आपसे आग्रह है कि उपरोक्तानुसार जिस तरह बगैर नोटिस दिए मकानों को तोड़ा गया है ऐसी कार्रवाई करने वाले अधिकारियों के विरूद्ध कठोर कार्रवाई की जाए, जिससे आमजन का विश्वास कानून प्रक्रिया पर बना रहे। धन्यवाद।'

कांग्रेस नेता के घर चला बुलडोजर

छतरपुर में कोतवाली थाने पर पथराव करने के मामले में पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक अगम जैन के मुताबिक, इस मामले में पुलिस ने अब तक करीब 150 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें 46 नामजद हैं तथा शेष अन्य लोग हैं। 20 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस अब तक 70 से ज्यादा लोगों से पूछताछ कर चुकी है। वहीं गुरुवार (22 अगस्त) को भारी पुलिस फोर्स और राजस्व अमले की मौजूदगी में कांग्रेस नेता और पूर्व सदर हाजी शहजाद अली के नए मोहल्ला स्थित मकान को तोड़ा गया। साथ ही वहां खड़ी गाड़ियों को भी चकनाचूर कर दिया। तीन महंगी लग्जरी गाड़ियों को बुलडोजर और पोकलेन मशीन से रौंद दिया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हाजी की कोठी 20 हजार वर्ग फीट में बनी थी। जिसकी कीमत करीब 20 करोड़ है। शहजाद अली इस मामले का मुख्य आरोपी है। इस एक्शन को लेकर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही है। देखें वीडियो

कौन है हाजी शहजाद अली ?

आरोपी हाजी शहजाद अली के आलीशान बंगले को जमीदोज कर दिया है। हाजी शहजाद अली का घर इलाके में बेहद खास था। वह उस इलाके का सबसे बड़ा नेता था। घर की अनुमानित कीमत 5 करोड़ रुपए से अधिक है। हाजि शहजाद अली छतरपुर का पूर्व सदर है। इसके साथ ही वह कांग्रेस का जिला उपाध्यक्ष भी है। साथ ही करोड़ों की संपत्ति का मालिक है। मुस्लिमों के बीच अच्छी पकड़ी है।

क्या है पूरा मामला

मामला महाराष्ट्र में नासिक के महंत रामगिरि महाराज के पैगंबर मोहम्मद पर कथित तौर पर की गई विवादित टिप्पणी से जुड़ा है। जिसके विरोध में बुधवार शाम (21 अगस्त) को छतरपुर में मुस्लिम समाज ने कोतवाली थाने का घेराव किया। लोगों ने पहले नारेबाजी की और फिर विरोध के दौरान हंगामा बढ़ गया। इस दौरान कुछ लोगों ने थाने में पथराव कर दिया। जिसकी वजह से कोतवाली टीआई और दो पुलिसकर्मी घायल हो गए। थाने के सीसीटीवी एवं अन्य फोटो वीडियो के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। घटना के बारे में जानकारी मिलते ही CM मोहन ने भी सख्त कार्रवाई की बात कही। उन्होंने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि, मध्य प्रदेश शांति का प्रदेश है, कोई भी सुनियोजित तरीके से कानून को हाथ में ले यह बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

कौन हैं रामगिरी महाराज ?

छतरपुर का पूरा मामला रामगिरी महाराज के कथित बयान से जुड़ा बताया जा रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, रामगिरी महाराज का असली नाम सुरेश रामकृष्ण राणे है। उनकी शुरुआती शिक्षा जलगांव जिले में हुई। 9वीं कक्षा के दौरान उन्होंने स्वाध्याय केंद्र में गीता और भावगीता के अध्यायों का अध्ययन करना शुरू किया। उन्होंने आगे की पढ़ाई छोड़ आध्यात्मिक मार्ग को चुना। 2009 में वो नारायणगिरि महाराज के शिष्य बन गए। गंगागीर महाराज, नारायणगिरि महाराज के गुरु थे। नारायणगिरि महाराज की मृत्यु के बाद रामगिरी महाराज उनके उत्तराधिकारी बने। ये भी पढ़ें- छतरपुर में थाने पर पथराव का मामला : VD शर्मा बोले- गुंडों को नेस्तनाबूत कर देंगे, रामेश्वर शर्मा ने कहा- नग-नग तोड़ दिए जाएंगे
Manisha Dhanwani
By Manisha Dhanwani

मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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