पटना। बिहार विधानसभा में NDA की बंपर जीत के बाद अब सरकार का गठन कुछ दिनों में होगा। NDA में शामिल दलों भाजपा, जेडीयू, हम आदि ने चुनाव प्रचार के दौरान और रिजल्ट के बाद भी कहा कि नीतीश कुमार ही बिहार के अगले मुख्यमंत्री होंगे। अगर नीतिश कुमार मुख्यमंत्री बनते हैं तो भी उनके मंत्रिमंडल के सदस्यों के नाम और किस पार्टी के कितने मंत्री होंगे यह आपसी सामंजस्य से तय किया जाएगा। हर 6 विधायक पर एक मंत्री होगा। यह फॉर्मूला NDA के सभी दलों पर लागू हो सकता है। शपथ ग्रहण से पहले नीतीश कुमार ने सोमवार को सुबह 11.30 बजे से कैबिनेट बैठक बुलाई है। शपथ ग्रहण समारोह गांधी मैदान में होगा। गांधी मैदान को 17 से 20 नवंबर तक के लिए बंद कर दिया गया है।
चुनाव परिणाम आने के बाद NDA के सहयोगी दलों के शीर्ष नेताओं के बीच चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। अभी सभी दलों की एकसाथ बैठक नहीं हुई है, लेकिन अलग-अलग पार्टियों की बैठकें शुरू हो गई हैं। नेताओं के बीच मुलाकातों का दौर भी शुरू हो गया है। NDA की सहयोगी पार्टियों के नेताओं का कहना है कि दो से तीन दिन में सरकार गठन से संबंधित काम पूरे कर लिए जाएंगे। सूत्रों के अनुसार हर पार्टी को 6 विधायक पर 1 मंत्री पद मिल सकता है। यह फॉर्मूला विजेता गठबंधन के सभी दलों पर लागू करने पर लगभग सहमति मानी जा रही है। इस तरह भाजपा सबसे बड़ी पार्टी है जिसके 89 विधायक हैं। इस हिसाब से पार्टी को 15 या 16 मंत्री मिल सकते हैं। 85 विधायकों वाली जेडीयू को 14 मंत्री मिल सकते हैं। इसके बाद एलजेपीआर के 19 विधायकों पर 3 मंत्री मिल सकते हैं। इसके अलावा आरएलएम और हम को 1-1 मंत्री मिल सकता है।
बिहार विधानसभा का गठन कर 22 नवंबर से पहले सरकार बनानी हैं। केंद्रीय मंत्री और एलजेपीआर के नेता चिराग पासवान ने कहा, चर्चा चल रही है। सरकार की संरचना पर स्पष्टता आ जाएगी। मैं वरिष्ठ केंद्रीय मंत्रियों से बात करूंगा, और एक दो दिन में स्पष्ट हो जाएगा कि सरकार का गठन कब होगा। राष्ट्रीय लोक मोर्चा के प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा ने कहा है कि नई सरकार बनाने की औपचारिकताएं जल्द पूरी होंगी और 2-4 दिनों में सारी स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। हमने बार-बार कहा है कि नीतीश कुमार मुख्यमंत्री थे, हैं और रहेंगे।