भोपाल। मप्र के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार, राजा रामामोहन राय पर दिए अपने बयान को लेकर चौतरफा घिर गए हैं। खबर है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता उनके इस बयान से नाराज हैं। उधर, तृणमूल कांग्रेस ने इस बयान को बंगाल का अपमान बताते हुए इसे भाजपा का असली चेहरा बताया है। हालांकि मंत्री परमार ने अपने बयान पर माफी मांग ली। उन्होंने रविवार को एक वीडियो जारी कर कहा कि उन्होंने गलत शब्द कहे। उन्होंने कहा कि वह अपने बयान को लेकर दुखी हैं और माफी मांगते हैं।
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने कहा, "भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर मैं आगर के सार्वजनिक कार्यक्रम में मौजूद था, जहां उनके जीवन की चर्चा करते हुए अंग्रेजों के षड्यंत्र पर बात कर रहा था। उस समय गलती से समाज सुधारक राजा राममोहन राय के बारे में मेरे मुंह से कुछ गलत निकल गया, जिसके लिए दुख है. इसका मैं प्रायश्चित करता हूं। राजा राममोहन राय का व्यक्तिगत रूप से मैं सम्मान करता हूं।
TMC ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा कि बंगाल में कोई प्रभाव डालने में बुरी तरह असफल भाजपा ने अब बंगाल और हमारी सभ्यता को आकार देने वाले महान प्रतीकों को बदनाम करते हुए अपनी सबसे गंदी रणनीति का सहारा लिया है। रवीन्द्रनाथ टैगोर से लेकर स्वामी विवेकानन्द और ईश्वर चन्द्र विद्यासागर तक कोई भी दिग्गज भाजपा के लगातार अपमान से बच नहीं पाया है। और अब, मध्य प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री ने अज्ञानता और अहंकार का एक चौंकाने वाला प्रदर्शन किया है। इंदर सिंह परमार राजा राम मोहन राय को ब्रिटिश एजेंट और नकली सुधारक कहते हैं। यह भाजपा का असली चेहरा है, एक ऐसी पार्टी जो संस्कृति, बुद्धि या सामाजिक सुधार का सम्मान नहीं कर सकती क्योंकि यह केवल नफरत, झूठ और विकृति पर पनपती है। लेकिन बंगाल देख रहा है। बंगाल इस बंगाल विरोधी, संस्कृति विरोधी ब्रिगेड को दंडित करेगा।
इंदर सिंह परमार ने आगर मालवा में 15 नवंबर को हुए कार्यक्रम में कहा था कि पश्चिम बंगाल में अंग्रेजी शिक्षा के माध्यम से लोगों की आस्था बदलने का औपनिवेशिक अभियान चल रहा था। अंग्रेजों ने देश के कई लोगों को समाज सुधारक बनाकर पेश किया, जिनमें राजा राममोहन राय भी शामिल थे। वह अंग्रेजों के दलाल के रूप में कार्यरत रहे थ। धर्मांतरण की जो प्रक्रिया उन्होंने बढ़ाई, उसे बिरसा मुंडा ने रोकने का कार्य किया और समाज को बचाया।