12 दिन से भूख हड़ताल पर छात्र, अब अभिजीत दीपके ने कह दी बड़ी बात- 'जरूरत पड़ी तो...

महाराष्ट्र के नासिक में आदिवासी छात्रों का प्रदर्शन लगातार जारी है। यहां 100 से ज्यादा छात्र अपनी मांगों को लेकर ईदगाह मैदान में प्रदर्शन कर रहे हैं। इनमें से 3 छात्र पिछले 12 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। बताया जा रहा है कि एक छात्र की तबीयत गंभीर होने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया है। गुरुवार (3 सितंबर) को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों की स्थिति को देखते हुए उनसे भूख हड़ताल खत्म करने की अपील की। हालांकि, दीपके ने कहा कि अपनी मांगों को लेकर छात्रों को संघर्ष जारी रखना चाहिए। दीपके ने कहा कि आदिवासी छात्रों को मिलने वाली सुविधाओं, खाने और शिक्षा में काफी असमानता है। उन्होंने इसे पूरी तरह गलत बताया। उनके मुताबिक, पिछले 2 वर्षों में 590 आदिवासी छात्रों की मौत हुई है। यह आंकड़ा उन्होंने अपने बयान में सामने रखा।
'अच्छा खाना और स्कूल मांगने के लिए भूखा रहना पड़ रहा'
अभिजीत दीपके ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे छात्र कोई बड़ी मांग नहीं कर रहे हैं। वे सिर्फ बेहतर खाना, अच्छे हॉस्टल और अच्छी शिक्षा की सुविधा चाहते हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि इन बुनियादी सुविधाओं के लिए छात्रों को 12 दिनों तक भूख हड़ताल क्यों करनी पड़ रही है। उन्होंने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि आदिवासी लोगों से वोट लिए जाते हैं, लेकिन जब उनके बच्चे अच्छी शिक्षा और बेहतर सुविधाओं की मांग करते हैं तो उनके खिलाफ मामले दर्ज किए जाते हैं।
'क्या मंत्री अपने बच्चों को ऐसा खाना खिलाएंगे?'
दीपके ने छात्रों को मिलने वाले खाने की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि रात करीब 2 बजे खाना तैयार किया जाता है और वही खाना छात्रों को अगले दिन दोपहर में दिया जाता है। उन्होंने मंत्रियों से सवाल किया कि क्या वे अपने बच्चों को भी ऐसा खाना खिलाएंगे। दीपके ने कहा कि अगर सरकार आदिवासी छात्रों की मांगों पर ध्यान नहीं देती है तो जरूरत पड़ने पर सभी लोग मिलकर मुंबई तक मार्च करेंगे। महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों से आए आदिवासी छात्र नासिक के ईदगाह मैदान में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्र बेहतर भोजन, अच्छे हॉस्टल और शिक्षा से जुड़ी सुविधाओं की मांग कर रहे हैं।




















