Bihar Election Result 2025 :38 जिलों के 46 केंद्रों पर सुबह 8 बजे से शुरू होगी मतगणना, मोबाइल और जुलूस पर रोक

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38 जिलों के 46 केंद्रों पर सुबह 8 बजे से शुरू होगी मतगणना, मोबाइल और जुलूस पर रोक
फाइल फोटो
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे अब बस कुछ ही घंटों में आने वाले हैं। 14 नवंबर की सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। इसके लिए राज्यभर में 38 जिलों के 46 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि, सभी जिलों में तैयारी पूरी कर ली गई है और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है।

    पहले पोस्टल बैलेट, फिर EVM की गिनती

    काउंटिंग की शुरुआत हमेशा की तरह पोस्टल बैलेट से होगी। इन्हें स्कैनर से स्कैन कर 8 से 8:30 बजे के बीच गिना जाएगा। अगर यह प्रक्रिया 8:30 बजे तक पूरी नहीं भी होती है, तब भी EVM से वोटों की गिनती समानांतर रूप से शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि, पोस्टल बैलेट की गिनती में सरकारी कर्मचारी, सुरक्षाबलों के जवान और चुनाव ड्यूटी पर रहे अधिकारी शामिल होते हैं।

    सुबह 6 बजे होगा रेंडमाइजेशन

    मतगणना शुरू होने से पहले सुबह 6 बजे रेंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसी के बाद तय होगा कि कौन सा अधिकारी किस टेबल पर गिनती करेगा। हर विधानसभा के लिए अलग-अलग काउंटिंग हॉल तैयार किए गए हैं। प्रत्येक हॉल में 14 टेबल होंगे, और एक राउंड में 14 EVM की गिनती होगी। एक राउंड पूरा होने में करीब 10 से 15 मिनट लगेंगे।

    पटना में सबसे ज्यादा राउंड, दीघा में सबसे ज्यादा बूथ

    पटना जिले में कुल 14 विधानसभा सीटों पर मतगणना होगी। इनमें से मोकामा का रिजल्ट सबसे पहले और दीघा का सबसे अंत में आने की संभावना है। यहां दीघा विधानसभा में सबसे अधिक 501 बूथ हैं, इसलिए यहां 35 राउंड तक गिनती चलेगी। वहीं मोकामा, बाढ़ और बख्तियारपुर जैसी सीटों पर लगभग 25 राउंड में मतगणना पूरी हो जाएगी।

    काउंटिंग सेंटरों पर 3-लेयर निगरानी

    सभी स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। पहली लेयर में CAPF, CRPF और CISF, दूसरी लेयर में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) और तीसरी लेयर में जिला सशस्त्र पुलिस (DAP) तैनात है। हर स्ट्रॉन्ग रूम की 24 घंटे CCTV से निगरानी की जा रही है और प्रत्याशी एजेंटों को भी लाइव वीडियो मॉनिटरिंग की सुविधा दी गई है।

    मोबाइल फोन और जुलूस पर पूरी तरह रोक

    मतगणना परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की सख्त मनाही है। इसके साथ ही विजय जुलूस, नारेबाजी और भीड़ जुटाने पर भी रोक लगाई गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने सभी जिलाधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि आयोग के सभी मानकों का पालन सख्ती से किया जाए।

    VVPAT से होगी क्रॉस चेकिंग

    अगर किसी विधानसभा क्षेत्र में EVM डेटा और फॉर्म 17C में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित बूथ की VVPAT पर्चियों की गिनती की जाएगी। यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर राउंड के बाद निगरानी में की जाएगी।

    कब आएगा रिजल्ट?

    पहले रुझान सुबह 9 बजे से आने लगेंगे। हालांकि, जिन सीटों पर राउंड ज्यादा हैं। वहां नतीजे देर शाम तक आ सकते हैं। काउंटिंग पूरी होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर विजेता उम्मीदवार को जीत का प्रमाण पत्र (Certificate of Election) देंगे।

    45 दिन तक सील रहेगी EVM

    रिजल्ट के बाद EVM को फिर से स्ट्रॉन्ग रूम में 45 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, इन मशीनों में मौजूद डेटा को 6 महीने तक संरक्षित रखा जाता है और तब तक इन्हें किसी अन्य चुनाव में उपयोग नहीं किया जा सकता।

    Manisha Dhanwani
    By Manisha Dhanwani

    मनीषा धनवानी | जागरण लेकसिटी यूनिवर्सिटी से BJMC | 6 वर्षों के पत्रकारिता अनुभव में सब-एडिटर, एंकर, ...Read More

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