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पटना। बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजे अब बस कुछ ही घंटों में आने वाले हैं। 14 नवंबर की सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू होगी। इसके लिए राज्यभर में 38 जिलों के 46 मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। चुनाव आयोग ने कहा है कि, सभी जिलों में तैयारी पूरी कर ली गई है और सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद है।
काउंटिंग की शुरुआत हमेशा की तरह पोस्टल बैलेट से होगी। इन्हें स्कैनर से स्कैन कर 8 से 8:30 बजे के बीच गिना जाएगा। अगर यह प्रक्रिया 8:30 बजे तक पूरी नहीं भी होती है, तब भी EVM से वोटों की गिनती समानांतर रूप से शुरू कर दी जाएगी। बता दें कि, पोस्टल बैलेट की गिनती में सरकारी कर्मचारी, सुरक्षाबलों के जवान और चुनाव ड्यूटी पर रहे अधिकारी शामिल होते हैं।
मतगणना शुरू होने से पहले सुबह 6 बजे रेंडमाइजेशन प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसी के बाद तय होगा कि कौन सा अधिकारी किस टेबल पर गिनती करेगा। हर विधानसभा के लिए अलग-अलग काउंटिंग हॉल तैयार किए गए हैं। प्रत्येक हॉल में 14 टेबल होंगे, और एक राउंड में 14 EVM की गिनती होगी। एक राउंड पूरा होने में करीब 10 से 15 मिनट लगेंगे।
पटना जिले में कुल 14 विधानसभा सीटों पर मतगणना होगी। इनमें से मोकामा का रिजल्ट सबसे पहले और दीघा का सबसे अंत में आने की संभावना है। यहां दीघा विधानसभा में सबसे अधिक 501 बूथ हैं, इसलिए यहां 35 राउंड तक गिनती चलेगी। वहीं मोकामा, बाढ़ और बख्तियारपुर जैसी सीटों पर लगभग 25 राउंड में मतगणना पूरी हो जाएगी।
सभी स्ट्रॉन्ग रूम और मतगणना केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू है। पहली लेयर में CAPF, CRPF और CISF, दूसरी लेयर में बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस (BSAP) और तीसरी लेयर में जिला सशस्त्र पुलिस (DAP) तैनात है। हर स्ट्रॉन्ग रूम की 24 घंटे CCTV से निगरानी की जा रही है और प्रत्याशी एजेंटों को भी लाइव वीडियो मॉनिटरिंग की सुविधा दी गई है।
मतगणना परिसर में मोबाइल फोन ले जाने की सख्त मनाही है। इसके साथ ही विजय जुलूस, नारेबाजी और भीड़ जुटाने पर भी रोक लगाई गई है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी विनोद सिंह गुंजियाल ने सभी जिलाधिकारियों को साफ निर्देश दिया है कि आयोग के सभी मानकों का पालन सख्ती से किया जाए।
अगर किसी विधानसभा क्षेत्र में EVM डेटा और फॉर्म 17C में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित बूथ की VVPAT पर्चियों की गिनती की जाएगी। यह प्रक्रिया पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए हर राउंड के बाद निगरानी में की जाएगी।
पहले रुझान सुबह 9 बजे से आने लगेंगे। हालांकि, जिन सीटों पर राउंड ज्यादा हैं। वहां नतीजे देर शाम तक आ सकते हैं। काउंटिंग पूरी होने के बाद रिटर्निंग ऑफिसर विजेता उम्मीदवार को जीत का प्रमाण पत्र (Certificate of Election) देंगे।
रिजल्ट के बाद EVM को फिर से स्ट्रॉन्ग रूम में 45 दिनों तक सुरक्षित रखा जाएगा। चुनाव आयोग के नियमों के मुताबिक, इन मशीनों में मौजूद डेटा को 6 महीने तक संरक्षित रखा जाता है और तब तक इन्हें किसी अन्य चुनाव में उपयोग नहीं किया जा सकता।