MP Weather Update :साल के आखिरी दिन भी प्रदेश में घना कोहरा-कड़ाके की ठंड, खजुराहो सबसे ठंडा

भोपाल। मध्य प्रदेश में 31 दिसंबर 2025 को सुबह से ही कड़ाके की ठंड और घना कोहरा छाया रहा। भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रीवा, सतना, खजुराहो और मंडला जैसे शहरों में विजिबिलिटी कम होने के कारण यातायात और ट्रेन संचालन प्रभावित हुआ। मालवा एक्सप्रेस, शताब्दी और सचखंड जैसी ट्रेनों में कई घंटे की देरी दर्ज की गई। मौसम विभाग ने जेट स्ट्रीम की तेजी और वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण न्यूनतम तापमान में गिरावट की जानकारी दी।
कोहरे और ठंड का असर
- रीवा के एमपी-यूपी बॉर्डर स्थित सोहागी घाटी में विजिबिलिटी मात्र 20 मीटर रही।
- दतिया और ग्वालियर में विजिबिलिटी 50 मीटर तक सीमित रही।
- भोपाल, इंदौर, रतलाम, उज्जैन और खजुराहो में विजिबिलिटी 1 किमी से अधिक।
- गुना, खरगोन, राजगढ़ और दमोह में विजिबिलिटी 2-4 किमी।
- कोहरे के कारण सड़क और रेलवे यातायात प्रभावित हुआ। यात्रियों को ट्रेन देरी के कारण स्टेशन पर लंबा इंतजार करना पड़ा।
प्रदेश के शहरों का तापमान
|
शहर |
अधिकतम (°C) |
न्यूनतम (°C) |
कैसा रहा मौसम |
|
भोपाल |
27.0 |
9.0 |
दिन धूप, सुबह कोहरा |
|
इंदौर |
27.2 |
7.2 |
ठंडी सुबह, विजिबिलिटी कम |
|
ग्वालियर |
22.3 |
8.4 |
कोहरे का असर |
|
खजुराहो |
25.0 |
4.2 |
सबसे ठंडी जगह |
|
मंडला |
29.3 |
6.3 |
दिन का तापमान सामान्य से अधिक |
|
रीवा |
24.2 |
5.4 |
सोहागी घाटी में विजिबिलिटी 20 मीटर |
|
सतना |
25.9 |
7.6 |
कोहरे के साथ सर्दी |
|
नौगांव |
23.5 |
4.4 |
रात का तापमान कम |
|
जबलपुर |
27.5 |
8.2 |
दिन का तापमान अधिक, रात ठंडी |
|
नरसिंहपुर |
23.0 |
9.0 |
दिन का तापमान सामान्य से नीचे |
|
उज्जैन |
27.0 |
9.8 |
दिन और रात का अंतर कम |
नोट: पूरे प्रदेश में करीब 30 शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री के नीचे रहा।
ट्रेन और यातायात पर असर
- भोपाल आने वाली मालवा एक्सप्रेस सुबह 7.25 बजे से करीब 4.5 घंटे लेट।
- शताब्दी, सचखंड और कर्नाटक एक्सप्रेस सहित अन्य ट्रेनें भी प्रभावित।
- रीवा-सोहागी घाटी में विजिबिलिटी कम होने से यात्री व वाहन धीमे चल रहे।
- सड़क और रेलवे दोनों ही प्रभावित, यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर यात्रा करने की सलाह।
प्रदेश में क्यों पड़ रही कड़ाके की ठंड
मौसम विज्ञान के अनुसार, मंगलवार को जेट स्ट्रीम की गति 259 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई, जिसके कारण रात का तापमान सामान्य से काफी नीचे चला गया। दिसंबर और जनवरी के महीनों में उत्तर भारत से चलने वाली ठंडी हवाओं की वजह से प्रदेश में कड़ाके की ठंड महसूस की जा रही है। इसके अलावा वेस्टर्न डिस्टरबेंस यानी पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से दिन और रात दोनों समय तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस बार नवंबर और दिसंबर में शीतलहर के रिकॉर्ड टूट चुके हैं। भोपाल में नवंबर में लगातार 15 दिन शीतलहर का असर रहा, जो पिछले दशकों में सबसे लंबी अवधि मानी जा रही है।
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