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भोपाल में कफ सिरप पर FDA की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित सिरप की 90 बोतलें जब्त, छिंदवाड़ा हादसे के बाद सख्त हुआ प्रशासन

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भोपाल में कफ सिरप पर FDA की बड़ी कार्रवाई, प्रतिबंधित सिरप की 90 बोतलें जब्त, छिंदवाड़ा हादसे के बाद सख्त हुआ प्रशासन
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    भोपाल। छिंदवाड़ा में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौतों के बाद अब प्रशासन सख्त मोड में आ गया है। राज्य सरकार द्वारा प्रतिबंधित दो कफ सिरप रेस्पिफ्रेस डी और एएनएफ कफ सिरप को लेकर मंगलवार को फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की टीम ने राजधानी भोपाल के दवा बाजारों में छापेमारी की। टीम ने कई दुकानों पर जाकर इन दवाओं की तलाश की और कुल 90 बोतलें जब्त की हैं।

    सैंपल जांच के लिए 10 बोतलें सील

    FDA की टीम ने कार्रवाई के दौरान दोनों प्रतिबंधित सिरप के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए सील किया। जानकारी के मुताबिक, 10 बोतलें जांच के लिए सील की गईं, जबकि बाकी 80 बोतलें मौके पर जब्त कर ली गईं। इन सिरप में खतरनाक केमिकल डायएथिलीन ग्लाइकॉल की अत्यधिक मात्रा पाई गई थी, जो बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।

     3 कफ सिरप पाए गए अमानक

    मध्यप्रदेश फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की हालिया जांच रिपोर्ट में 19 दवाओं के सैंपल लिए गए थे, जिनमें से तीन कफ सिरप अमानक पाए गए। इनमें शामिल हैं-

    • कोल्ड्रिफ कफ सिरप (निर्माता: तमिलनाडु)
    • री लाइफ कफ सिरप (निर्माता: गुजरात)
    • रेस्पिफ्रेस टीआर सिरप (निर्माता: गुजरात)

    तीनों सिरप में डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) की खतरनाक मात्रा पाई गई, जिससे छिंदवाड़ा और बैतूल में अब तक 16 बच्चों की मौत हो चुकी है।

    अब प्रदेशभर में जांच अभियान

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर प्रदेशभर में अमानक दवाओं पर विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। FDA को सभी दवा विक्रेताओं और डिस्ट्रीब्यूटरों से प्रतिबंधित सिरप की स्टॉक रिपोर्ट तलब करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रदेश के सभी जिलों में औषधि निरीक्षकों को छापेमारी के आदेश जारी किए गए हैं।

    डायएथिलीन ग्लाइकॉल क्या है?

    डायएथिलीन ग्लाइकॉल (DEG) एक विषैला औद्योगिक केमिकल है, जो ब्रेक फ्लूड और एंटीफ्रीज़ उत्पादों में इस्तेमाल होता है। यह अगर गलती से दवाओं में मिल जाए तो लिवर, किडनी और तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। इसी के कारण 2020 में गाम्बिया और उज्बेकिस्तान में भी बच्चों की मौतों के मामले सामने आए थे।

    सरकार ने दिखाई सख्ती

    छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड के बाद सरकार ने बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य के ड्रग कंट्रोलर दिनेश मौर्य को हटा दिया। वहीं ड्रग इंस्पेक्टर गौरव शर्मा (छिंदवाड़ा), शरद जैन (जबलपुर) और FDA उपसंचालक शोभित कोष्टा को सस्पेंड कर दिया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा है कि किसी को बख्शा नहीं जाएगा, दोषी चाहे निर्माता हो या अधिकारी।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...Read More

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