भोपाल में 582 करोड़ के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन, सीएम डॉ. मोहन यादव ने 31 को अनुकंपा और 24 नए कर्मचारियों को सौंपे नियुक्ति पत्र

भोपाल। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को भोपाल में अमृत योजना 2.0 के तहत 582.32 करोड़ रुपए के जलप्रदाय एवं बुनियादी ढांचे के कार्यों का भूमिपूजन किया। कार्यक्रम कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ, जहां सीएम ने अनुकंपा नियुक्ति पत्र भी वितरित किए और सफाई मित्रों को सम्मानित किया। इस अवसर पर नगर विकास की अहमियत पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अमृत वहीं है, जहां नगर रहेंगे, और नगर तब रहेंगे, जब शहर सुसज्जित और सुव्यवस्थित होंगे।
मुख्यमंत्री ने जताया कांग्रेस सरकार पर अविश्वास
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पूर्ववर्ती सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि पिछली सरकारों में फंड का सही उपयोग नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि हमने केवल योजनाओं का भूमिपूजन करने वाली सरकारें देखी हैं, लेकिन हमने धरातल पर काम किया है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव आयोग पर प्रश्नचिह्न लगाना दुर्भाग्यपूर्ण है। अगर कोई पार्टी तीन बार सरकार नहीं बना पाई, तो वो इस तरह के आरोप लगाएगी ही।
स्वच्छता और नागरिक सुविधाओं की दिशा में बड़ा कदम
सीएम ने नगर निगम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि भोपाल स्वच्छता सर्वेक्षण में देश में दूसरा स्थान प्राप्त कर चुका है।भोपाल देश का दिल है और यहां नगर निगम के दायरे में टाइगर भी घूमता है, यह शहर की खासियत है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में भोपाल का तालाब डल झील की तरह दुनिया के आकर्षण का केंद्र बनेगा।
भोपाल को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
अमृत योजना 2.0 के तहत भोपाल में अगले 30 से 40 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखकर बुनियादी जल आपूर्ति की योजनाएं बनाई गई हैं। इस योजना में शामिल हैं:
- 4 नए इंटक वेल और 4 जल फिल्टर प्लांट
- 36 बड़ी टंकियों का निर्माण
- 700 किलोमीटर लंबी नई पाइपलाइन
- 30,000 नए घरों को नल कनेक्शन
- 450 कॉलोनियों में वाटर नेटवर्क बिछाया जाएगा
- 2040 तक भोपाल की बढ़ती आबादी के अनुसार सभी घरों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना।
- इन नेताओं की भी मौजूदगी
कार्यक्रम में सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग, विधायक रामेश्वर शर्मा, महापौर मालती राय, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी सहित कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। विश्वास सारंग ने कहा कि देश का विकास तभी संभव है, जब शहरों का विस्तार और व्यवस्थाएं मजबूत हों।
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