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Durg Bhilai:भिलाई ट्रिपल मर्डर पत्नी-बेटी समेत 3 हत्याओं में फांसी रद्द, अब आखिरी सांस तक जेल में रहेगा रवि शर्मा

हाईकोर्ट ने कहा- अपराध बेहद गंभीर, लेकिन 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' नहीं; मौत तक उम्रकैद की सजा बरकरार,छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भिलाई के तालपुरी ट्रिपल मर्डर मामले में दोषी रवि शर्मा की फांसी की सजा को बदल दिया है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट के दोषसिद्धि के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि आरोपी को बिना किसी समयपूर्व रिहाई के जीवनभर जेल में रहना होगा।
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भिलाई ट्रिपल मर्डर पत्नी-बेटी समेत 3 हत्याओं में फांसी रद्द, अब आखिरी सांस तक जेल में रहेगा रवि शर्मा

दुर्ग भिलाई: छत्तीसगढ़ के चर्चित भिलाई ट्रिपल मर्डर केस में हाईकोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। पत्नी, डेढ़ माह की बेटी और एक अन्य व्यक्ति की हत्या के दोषी रवि शर्मा की फांसी की सजा को रद्द करते हुए उसे बिना किसी समयपूर्व रिहाई के आखिरी सांस तक जेल में रहने की सजा सुनाई गई है। अदालत ने कहा कि अपराध बेहद जघन्य और सुनियोजित है, लेकिन इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता।

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भिलाई ट्रिपल मर्डर केस: फांसी की जगह उम्रभर जेल

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने भिलाई के तालपुरी ट्रिपल मर्डर मामले में दोषी रवि शर्मा की फांसी की सजा को बदल दिया है। अदालत ने ट्रायल कोर्ट के दोषसिद्धि के फैसले को बरकरार रखते हुए कहा कि आरोपी को बिना किसी समयपूर्व रिहाई के जीवनभर जेल में रहना होगा।

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कोर्ट ने क्यों बदली फांसी की सजा?

हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि आरोपी का अपराध बेहद गंभीर, सुनियोजित और विश्वासघात से जुड़ा है। उसने हत्या के बाद सबूत मिटाने और खुद को मृत साबित करने की साजिश भी रची। इसके बावजूद यह मामला ऐसा नहीं है, जिसमें फांसी ही एकमात्र सजा हो। इसलिए मौत की सजा को आजीवन कारावास में बदला गया।

क्या था पूरा मामला?

21 जनवरी 2020 को भिलाई के तालपुरी स्थित किराये के मकान में रवि शर्मा की पत्नी मंजू शर्मा, उनकी डेढ़ माह की बेटी और एन. राजू के शव मिले थे। तीनों की हत्या के बाद शवों को जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की गई थी।

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फिल्मी अंदाज में रची थी साजिश

जांच में सामने आया कि आरोपी ने खुद को मृत दिखाने के लिए एन. राजू की हत्या की। वारदात से पहले तीनों को एल्प्रेक्स 0.5 दवा देकर बेहोश किया गया। इसके बाद उनके हाथ-पैर और मुंह पर टेप बांधकर दम घोंट दिया गया। बाद में गैस सिलेंडर से शव जलाने का प्रयास किया गया ताकि घटना आत्महत्या जैसी लगे।

मजबूत सबूतों ने खोला राज

पुलिस जांच में आरोपी के पास मिला चिपकने वाला टेप घटनास्थल पर मिले टेप से मेल खा गया। एल्प्रेक्स दवा का खाली रैपर भी बरामद हुआ। दीवार पर लिखे नोट की लिखावट भी हैंडराइटिंग जांच में आरोपी की लिखावट से मिल गई। इन्हीं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी माना।

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ट्रायल कोर्ट ने सुनाई थी फांसी

इन सबूतों के आधार पर निचली अदालत ने रवि शर्मा को तीन हत्याओं और सबूत मिटाने के अपराध में फांसी की सजा सुनाई थी। मामला बाद में हाईकोर्ट पहुंचा, जहां सजा में संशोधन किया गया।

दया याचिका का अधिकार रहेगा

हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि आरोपी को सामान्य आजीवन कारावास नहीं, बल्कि बिना किसी कानूनी छूट के जीवनभर जेल में रहना होगा। हालांकि संविधान के अनुच्छेद 72 और 161 के तहत राष्ट्रपति और राज्यपाल के समक्ष दया याचिका का अधिकार बना रहेगा।

PREM

मै People's Updates रायपुर,छग में CHIEF EDITOR के पद में कार्यरत हूँ।अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत...Read More

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