Naresh Bhagoria
20 Jan 2026
सतना। जिले में मेडिकल सिस्टम की गंभीर लापरवाही के चौंकाने वाले मामले सामने आने से स्वास्थ्य व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर डायग्नोस्टिक सेंटर की सोनोग्राफी रिपोर्ट ने चिकित्सा प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठा दिए, तो दूसरी ओर पैथोलॉजी लैब में नियमों की खुलेआम अनदेखी का आरोप लगा है। इन दोनों मामलों ने यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आम मरीजों की जांच कितनी सुरक्षित और भरोसेमंद है।

पहला मामला स्टेशन रोड स्थित सतना डायग्नोस्टिक सेंटर का है, जहां उचेहरा नगर पंचायत अध्यक्ष निरंजन प्रजापति (47) ने पेट दर्द की शिकायत पर 13 जनवरी को सोनोग्राफी कराई थी। रिपोर्ट में पुरुष मरीज के शरीर में गर्भाशय (यूट्रस) होने का उल्लेख कर दिया गया, वह भी उल्टी स्थिति में। इस गंभीर त्रुटि पर जब सेंटर के डॉक्टर से सवाल किए गए तो उन्होंने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
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दूसरा मामला आयुष्मान हॉस्पिटल रिसर्च सेंटर की पैथोलॉजी लैब से जुड़ा है। यहां आरोप है कि पैथोलॉजिस्ट की अनुपस्थिति में कंप्यूटर ऑपरेटर द्वारा रिपोर्ट तैयार कर जारी की जा रही हैं। रिपोर्ट पर डॉक्टर का नाम तो दर्ज है, लेकिन केवल प्रिंटेड हस्ताक्षर की सील लगी होती है। शिकायतकर्ता ने वीडियो और जांच रिपोर्ट सीएमएचओ को सौंपकर जांच की मांग की है।
दोनों मामलों की जांच कराई जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. मनोज शुक्ला, सीएमएचओ, सतना