पन्ना। जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र में एक आम युवक ने जब शादी का सपना देखा, तो उसे क्या पता था कि यह सपना एक सुनियोजित साजिश का हिस्सा बन जाएगा। बांदकपुर मंदिर की घंटियों, सात फेरों और मंगल गीतों के बीच जो रिश्ता शुरू हुआ, वह कुछ ही घंटों में धोखे की कहानी बन गया। फरियादी अनंतराम चौरसिया, निवासी मोहन्दा, को कुछ लोगों ने भरोसे में लेकर शादी कराने का झांसा दिया। उन्होंने कहा—सब तय है, बस खर्चा लगेगा। अनंतराम ने जीवनसाथी की उम्मीद में 1 लाख 60 हजार रुपए दे दिए। मंदिर में शादी हुई, रस्में निभीं, लेकिन खुशी की उम्र बेहद छोटी निकली।
शादी के कुछ ही समय बाद वह युवती, जिसे दुल्हन बनाकर लाई गई थी, मौका पाते ही सोने-चांदी के जेवरात और शादी का सारा सामान समेटकर गायब हो गई। जब अनंतराम को ठगी का एहसास हुआ, तब तक बहुत देर हो चुकी थी। टूटे सपनों और खाली हाथों के साथ वह 4 फरवरी को सिमरिया थाने पहुंचा और आपबीती सुनाई। पुलिस ने गंभीरता से मामला दर्ज करते हुए भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) और 3(5) के तहत अपराध क्रमांक 010/26 कायम किया। यह कोई सामान्य धोखा नहीं, बल्कि एक संगठित ‘लुटेरी दुल्हन गैंग’ की करतूत थी, जिसकी परतें अब खुलने लगी थीं।
जांच के दौरान पुलिस ने तेजी से कार्रवाई करते हुए इस ठगी गिरोह के दो शातिर सदस्यों—गुड्डू गौतम और सुदामा प्रसाद तिवारी, दोनों निवासी करिया, थाना सिमरिया—को गिरफ्तार कर लिया। उनके कब्जे से 20 हजार रुपए नकद भी बरामद किए गए। पूछताछ में गिरोह की कार्यशैली के चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिससे यह साफ हो गया कि यह वारदात किसी एक शिकार तक सीमित नहीं हो सकती। पुलिस अब फरार महिला आरोपी की तलाश में जुटी है और आशंका जताई जा रही है कि इस गैंग ने पहले भी कई लोगों को इसी तरह शादी के नाम पर ठगा होगा। पुलिस अन्य संभावित पीड़ितों, पुराने मामलों और गिरोह के नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। यह कहानी यहीं खत्म नहीं हुई है—शायद अभी और चेहरे बेनकाब होने बाकी हैं।