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AR Rahman Birthday : रहमान क्यों बने हिंदू से मुसलमान... दो ऑस्कर जीतने वाले के नाम पर कनाडा में है सड़क, जानें सिंगर के बारे में कुछ अनसुने किस्से

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AR Rahman Birthday : रहमान क्यों बने हिंदू से मुसलमान... दो ऑस्कर जीतने वाले के नाम पर कनाडा में है सड़क, जानें सिंगर के बारे में कुछ अनसुने किस्से
एंटरटेनमेंट डेस्क। सुरों के बादशाह एआर रहमान आज अपना 57वां जन्मदिन मना रहे हैं। दुनियाभर में मशहूर म्यूजिक कंपोजर और सिंगर रहमान अपने रूहानी संगीत की वजह से लोगों के दिलों पर राज करते हैं। रहमान अपने धर्म परिवर्तन को लेकर भी काफी चर्चा में रहे हैं, क्योंकि उन्होंने बहुत कम उम्र में ही हिंदू धर्म को छोड़कर इस्लाम कबूल कर लिया था। कंपोजर भारत के उन कलाकारों में से एक हैं, जिन्होंने अपने संगीत से पूरी दुनिया में नाम कमाया है। इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते हैं कि रहमान के नाम पर कनाडा में एक सड़क है। आइए जानते हैं उनके धर्म बदलने के पीछे की दिलचस्प कहानी हम आपको बताते हैं।

23 की उम्र में हिंदू से मुसलमान बने रहमान

एआर रहमान असल में हिंदू परिवार से आते हैं। उनका असली नाम दिलीप कुमार है, लेकिन उन्होंने साल 1989 में महज 23 साल की उम्र में हिंदू धर्म छोड़ इस्लाम कबूल कर लिया था। एक बार रहमान ने इंटरव्यू में बताया था कि, उनके लिए इस्लाम का मतलब साधारण तरीके से जीवन जीना है।

धर्म बदलने की यह थी वजह

रहमान ने धर्म बदलने की वजह बताते हुए कहा था कि, एक सूफी थे जो उनके पिता का इलाज कर रहे थे। जब रहमान अपने परिवार के साथ कुछ सालों बाद फिर से सूफी से मिले, तो उनकी बातों ने रहमान को इस कदर प्रभावित किया कि उन्होंने मुसलमान धर्म अपनाने का फैसला कर लिया और अपना नाम दिलीप कुमार से एआर रहमान रख लिया।

पहले गाने के लिए मिले 25000

रहमान ने मणि रत्नम की फिल्म रोजा से बतौर संगीतकार का सफर शुरू किया था। इस फिल्म में मणि रत्नम ने पहले संगीतकार इलैयाराजा को चुना था। लेकिन बाद में उन्होंने रहमान को चुना। रोजा फिल्म में गाना गाने के लिए रहमान को 25 हजार रुपए फीस मिली थी। पहले ही गाने के लिए उन्होंने नेशनल अवार्ड जीता था। रहमान के नाम से है कनाडा में सड़क मार्खम (ओंटारियो, कनाडा) में एक सड़क का नाम रहमान के नाम पर रखा गया है। इस सड़क को 'अल्लाह रखा रहमान स्ट्रीट' नाम दिया गया है और इसका उद्घाटन साल 2017 में हुआ था।

एयरटेल की धुन रहमान के नाम

एयरटेल की सिग्नेचर ट्यून तो लगभग हर किसी ने सुनी होगी। लेकिन कम ही लोगों को ये बात पता है कि इस ट्यून को रहमान ने ही कंपोज किया है।

चार कीबोर्ड बजाकर किया हैरान

रहमान का म्यूजिक तो लोगों को पसंद आता ही है। साथ ही वो कीबोर्ड बजाने में भी माहिर हैं। इसका सबसे बड़ा सबूत यह है कि एक बार उन्होंने एक ही वक्त में 4 कीबोर्ड बजाकर सभी को हैरान कर दिया था।

दो ऑस्कर, छह राष्ट्रीय पुरस्कार जीते

रहमान अपने संगीत के लिए दो ऑस्कर्स और छह बार राष्ट्रीय पुरस्कार जीत चुके हैं।
  • रहमान को फिल्म 'स्लमडॉग मिलियनेयर के लिए एक ही साल में 2 ऑस्कर मिले थे।
  • छह राष्ट्रीय पुरस्कारों में से पांच बेस्ट म्यूजिक डायरेक्शन और एक बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर के लिए है।
  • पहला अवार्ड 1992 में रोजा के लिए मिला।
  • दूसरा 1996 में तमिल फिल्म मीनसारा कनावु।
  • तीसरा 2001 में लगान।
  • चौथा 2002 में तमिल फिल्म Kannathil Muthamittal।
  • पांचवां अवॉर्ड 2017 में तमिल फिल्म Kaatru Veliyidai के लिए मिला था। 2017 में ही हिंदी फिल्म मॉम के लिए उन्होंने बेस्ट बैकग्राउंड स्कोर कैटेगरी में भी नेशनल अवॉर्ड जीता था।
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People's Reporter
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