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जुन्नारदेव: कागजों में हो रहा काम, जमीन पर नहीं; सीईओ रश्मि चौहान पर उठे सवाल

छिंदवाड़ा के जुन्नारदेव जनपद पंचायत में निर्माण कार्यों और शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर लगाए गए गंभीर आरोप अब जांच रिपोर्ट में दर्ज अनियमितताओं के बाद और गंभीर हो गए हैं। जनपद अध्यक्ष सविता अशोक बोसम की शिकायत पर जिला स्तर से जांच कराई गई, जिसमें संयुक्त जांच दल ने कई शिकायतों को मौके के सत्यापन के बाद सही पाया।
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जुन्नारदेव: कागजों में हो रहा काम, जमीन पर नहीं; सीईओ रश्मि चौहान पर उठे सवाल
जुन्नारदेव में कागजों में हो रहा काम, जमीन पर नहीं

छिंदवाड़ा। जिला पंचायत छिंदवाड़ा के 17 जनवरी 2025 के पत्र क्रमांक 6058 में जांच की पूरी कार्रवाई दर्ज है। तत्कालीन एसडीएम कामिनी ठाकुर और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को शामिल कर संयुक्त जांच दल गठित किया गया था। जांच में कई मामलों में रिकॉर्ड और मौके की स्थिति के बीच अंतर सामने आया और शिकायत के कई बिंदु सही पाए गए। अब जांच में सामने आई अनियमितताओं को लेकर संबंधित निर्माण एजेंसियों और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका पर सवाल खड़े हो गए हैं।

शिकायत के बाद जिला स्तर से कराई गई जांच

जनपद पंचायत अध्यक्ष सविता अशोक बोसम द्वारा तत्कालीन मुख्य कार्यपालन अधिकारी रश्मि चौहान के कार्यकाल में निर्माण कार्यों में अनियमितता और शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं किए जाने के आरोप लगाए गए थे। शिकायत के बाद जिला स्तर से जांच कराई गई। जिला पंचायत छिंदवाड़ा के 17 जनवरी 2025 के पत्र क्रमांक 6058 में इस जांच की पूरी कार्रवाई दर्ज है। शिकायत की जांच के लिए तत्कालीन अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, जुन्नारदेव कामिनी ठाकुर और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को शामिल कर संयुक्त जांच दल गठित किया गया था। जांच के बाद तैयार प्रतिवेदन जिला पंचायत द्वारा आयुक्त, जबलपुर संभाग को भेजा गया।

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रिकॉर्ड और मौके की स्थिति में सामने आया अंतर

शिकायत में लगाए गए आरोपों पर तत्कालीन सीईओ रश्मि चौहान ने अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत कर आरोपों को अस्वीकार किया था। इसके बाद शिकायतकर्ता सविता बोसम द्वारा प्रस्तुत बिंदुओं की अलग-अलग जांच की गई। जांच में कई मामलों में रिकॉर्ड और मौके की स्थिति के बीच अंतर सामने आया। ग्राम पंचायत टेमरू में नाडेप निर्माण, निस्तारी तालाब और खेत तालाब के कार्यों की जांच में अनियमितताएं सामने आईं। जांच में यह भी दर्ज किया गया कि जिस कार्य के लिए राशि खर्च होना बताया गया, मौके पर उसी अनुरूप निर्माण कार्य नहीं पाया गया।

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बाउंड्रीवाल और सड़क निर्माण में भी गड़बड़ी

ग्राम पंचायत बिलावरकला में खेत तालाब के निर्माण की जांच में भी शिकायत का बिंदु सही पाया गया। वहीं ग्राम पंचायत नवेगांव के शासकीय हाईस्कूल में बाउंड्रीवाल निर्माण की जांच में दस्तावेजों में करीब 200 मीटर लंबाई दर्शाई गई थी, जबकि जांच दल को मौके पर करीब 180 मीटर निर्माण मिला। यानी करीब 20 मीटर का अंतर सामने आया। निर्माण में दरारें और अन्य कमियां भी जांच दल ने दर्ज कीं। ग्राम पंचायत बदनूर में एनआरईजीएस के तहत सड़क और पुलिया निर्माण की जांच में सड़क की लंबाई करीब 300 मीटर पाई गई, जबकि रिकॉर्ड में करीब 400 मीटर निर्माण दर्शाया गया था। 

प्रधानमंत्री आवास में पात्र हितग्राही को लाभ नहीं

ग्राम पंचायत बिचवेहरी में प्रधानमंत्री आवास योजना की जांच सबसे गंभीर बिंदुओं में रही। जांच में सूची में दर्ज भगवती लोबो पति कल्याण लोबो ने बताया कि पात्र होने के बावजूद उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिला। जांच प्रतिवेदन में दर्ज है कि उनके नाम के स्थान पर अन्य व्यक्ति को योजना का लाभ दिया गया और जियो-टैगिंग से संबंधित रिकॉर्ड भी सामने आया। इस शिकायत को भी जांच में सही पाया गया। जांच रिपोर्ट में यह भी जिक्र है कि जनप्रतिनिधियों द्वारा समय-समय पर शिकायतें किए जाने और समाचार पत्रों में खबरें प्रकाशित होने के बावजूद शिकायतों का समय पर निरीक्षण और निराकरण नहीं किया गया। शिकायतकर्ता को जांच की स्थिति से अवगत नहीं कराने का बिंदु भी रिपोर्ट में दर्ज किया गया है।

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स्टॉक पंजी और चोरी के पत्र पर भी सवाल

जनपद पंचायत कार्यालय में खरीदी गई सामग्री के संबंध में स्टॉक पंजी से मिलान कराया गया। जांच में सामग्री और अभिलेखों के बीच अंतर की बात सामने आई। वहीं जनपद पंचायत सभा का ताला तोड़े जाने और चोरी के संबंध में प्रस्तुत किए गए पत्र का जावक पंजी से मिलान करने पर भी अंतर पाया गया। जांच रिपोर्ट में इस संबंध में भी गंभीर टिप्पणी की गई है। पूरे मामले में शिकायत को महज राजनीतिक आरोप मानकर समाप्त नहीं किया गया, बल्कि जिला स्तर पर संयुक्त जांच कराकर निर्माण कार्यों और अभिलेखों का सत्यापन कराया गया। जिला पंचायत छिंदवाड़ा के जांच प्रतिवेदन में क्रमांक 1 से 8 तक सामने आई अनियमितताओं से संबंधित कार्यों का संपादन कराने वाली एजेंसियों को दोषी प्रतीत होने की बात कही गई है। 

मुझे कुछ याद नहीं है

मुझे इस विषय में कोई जानकारी नहीं है कि जांच की बात कर रहे हैं आप और मुझे याद भी नहीं है।
रश्मि चौहान, सीईओ, जुन्नारदेव,  छिंदवाड़ा

Shyam Sahu
By Shyam Sahu

छिंदवाड़ा के वरिष्ठ पत्रकार हैं। 25 वर्षों का अनुभव अपने क्षेत्र में शासन प्रशासन की खबरें पाठकों त...Read More

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