Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं, बैंक ऑफ इंडिया ने भी RCom का लोन अकाउंट फ्रॉड घोषित किया, 700 करोड़ के दुरुपयोग का आरोप

अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ीं, बैंक ऑफ इंडिया ने भी RCom का लोन अकाउंट फ्रॉड घोषित किया, 700 करोड़ के दुरुपयोग का आरोप
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    मुंबई। भारतीय उद्योगपति अनिल अंबानी पर कानूनी शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया (BoI) ने भी उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) के लोन अकाउंट को फ्रॉड घोषित कर दिया है। बैंक ने आरोप लगाया है कि कंपनी और उसके पूर्व निदेशकों ने बैंक से लिए गए फंड का गलत इस्तेमाल किया और लोन मंजूरी की शर्तों का उल्लंघन किया। इस कार्रवाई के बाद अंबानी पहले से ही सीबीआई की जांच के घेरे में आ चुके हैं।

    2016 का है लोन का मामला

    बैंक ऑफ इंडिया ने अगस्त 2016 में रिलायंस कम्युनिकेशंस को 700 करोड़ रुपए का लोन मंजूर किया था। यह लोन कंपनी को चलाने और पहले से लिए गए कर्जों के भुगतान के लिए दिया गया था। लेकिन बैंक का कहना है कि इस रकम का सही उपयोग नहीं किया गया। आरोप है कि लोन की एक बड़ी राशि को फिक्स्ड डिपॉजिट में डाल दिया गया, जो कि लोन की शर्तों का सीधा उल्लंघन है। बैंक ने कहा कि यह फंड डायवर्जन का स्पष्ट मामला है और इसी आधार पर कंपनी और उसके पूर्व निदेशकों को जिम्मेदार ठहराया गया है।

    RCom ने दी सफाई

    कंपनी की ओर से शेयर बाजार को दी गई जानकारी में कहा गया कि 22 अगस्त को बैंक ऑफ इंडिया ने एक पत्र भेजकर अनिल अंबानी और कंपनी की पूर्व निदेशक मंजरी अशोक कक्कड़ के लोन अकाउंट को फ्रॉड घोषित करने की जानकारी दी। कंपनी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह मामला पुराना है और जांच के दौरान तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया गया है।

    SBI की शिकायत पर CBI की बड़ी कार्रवाई

    इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने भी रिलायंस कम्युनिकेशंस और अनिल अंबानी पर लोन की रकम के दुरुपयोग का आरोप लगाया था। बैंक ने दावा किया कि कंपनी ने विभिन्न बैंकों से लिए गए करीब 31,580 करोड़ रुपए के लोन का गलत इस्तेमाल किया। इसमें से 13,667 करोड़ रुपए का उपयोग दूसरी कंपनियों के लोन चुकाने में किया गया, जबकि 12,692 करोड़ रुपए रिलायंस ग्रुप की अन्य कंपनियों को ट्रांसफर कर दिए गए। इसी आधार पर SBI ने सीबीआई में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद सीबीआई ने 23 अगस्त को मुंबई स्थित अंबानी के आवास और आरकॉम के दफ्तर पर छापेमारी की।

    अनिल अंबानी ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

    इस पूरे घटनाक्रम पर अनिल अंबानी की ओर से बयान जारी किया गया है। प्रवक्ता ने कहा कि लगाए गए सभी आरोप निराधार हैं और वह न्यायालय में अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे। प्रवक्ता ने यह भी कहा कि मामला लगभग दस साल पुराना है और उस समय अनिल अंबानी कंपनी में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर की भूमिका में थे, इसलिए कंपनी के प्रबंधन संबंधी फैसलों में उनकी कोई सीधी जिम्मेदारी नहीं थी।

    लगातार बढ़ रही हैं कानूनी मुश्किलें

    स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और बैंक ऑफ इंडिया की कार्रवाई के बाद अनिल अंबानी की कानूनी मुश्किलें और गहराती जा रही हैं। न केवल सीबीआई की जांच जारी है बल्कि नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) में उनके खिलाफ व्यक्तिगत दिवालियापन (पर्सनल इनसॉल्वेंसी) की कार्यवाही भी चल रही है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़ी कार्रवाई हो सकती है।

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...

    Latest Posts