Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Aniruddh Singh
19 Jan 2026
Aniruddh Singh
19 Jan 2026
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19 Jan 2026
मुंबई। अनिल अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस समूह की कंपनियों के शेयरों में सोमवार 13 अक्टूबर को बड़ी गिरावट देखने को मिली है। सुबह के कारोबार में रिलायंस पावर के शेयर 10.5% तक टूटकर ₹43.55 के निचले स्तर पर पहुंच गए, जबकि रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयर 4.5% गिरकर ₹231 प्रति शेयर पर आ गए। यह गिरावट उस समय आई जब प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस पावर के वरिष्ठ अधिकारी अशोक कुमार पाल को कथित फर्जी बैंक गारंटी और फर्जी इनवॉइसिंग मामले में गिरफ्तार कर लिया। ईडी की यह कार्रवाई ₹3,000 करोड़ के यस बैंक ऋण घोटाले से जुड़ी जांच का हिस्सा है। आरोप है कि 2017 से 2019 के बीच यस बैंक द्वारा अनिल अंबानी समूह की कंपनियों को दिए गए ऋणों में भारी वित्तीय अनियमितताएं की गई हैं। ईडी को संदेह है कि इन ऋणों की राशि का अवैध रूप से दूसरी जगहों पर इस्तेमाल किया गया और कई फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से बैंक को गुमराह किया गया।
अशोक कुमार पाल की गिरफ्तारी शुक्रवार रात की गई थी, जिसके बाद उन्हें दो दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया। ईडी ने पूछताछ में पाया कि पाल ने कंपनी के अंदर धन के कथित गलत इस्तेमाल और फर्जी बैंक गारंटी प्रस्तुत करने में अहम भूमिका निभाई। बताया जाता है कि रिलायंस पावर की एक परियोजना के लिए सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (एसईसीआई) को ₹68 करोड़ की फर्जी बैंक गारंटी दी गई थी, ताकि सरकारी उपक्रम को धोखा दिया जा सके। अधिकारियों के अनुसार, कंपनी के निदेशक मंडल ने एक प्रस्ताव पारित किया था जिसमें अशोक कुमार पाल और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (बीईएसएस) से जुड़ी निविदा के लिए सभी दस्तावेजों को मंजूरी देने और कंपनी की वित्तीय क्षमता का उपयोग करने की अनुमति दी गई थी।
इसी अधिकार का कथित रूप से दुरुपयोग करते हुए फर्जी गारंटी जारी की गई। इससे पहले, 24 जुलाई को ईडी ने एक बड़े ऑपरेशन में अनिल अंबानी समूह की 50 कंपनियों और 35 स्थानों पर छापे मारे थे। इस दौरान 25 से अधिक व्यक्तियों से पूछताछ की गई थी। यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दर्ज एक प्राथमिकी (एफआईआर) के आधार पर शुरू हुई थी। जांच में राष्ट्रीय आवास बैंक (एनएचबी), भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी), राष्ट्रीय वित्तीय रिपोर्टिंग प्राधिकरण (एनएफआरए) और बैंक ऑफ बड़ौदा जैसी संस्थाओं से भी जानकारी ली जा रही है। ईडी की इस कार्रवाई से निवेशकों में घबराहट फैल गई है और उन्होंने रिलायंस समूह की कंपनियों के शेयरों की बिकवाली शुरू कर दी है। कुछ ही दिन पहले, शुक्रवार को रिलायंस पावर के शेयरों में 15% की तेजी आई थी और यह ₹50.75 तक पहुंच गया था, जिससे निवेशकों में भरोसा लौटता दिखाई दे रहा था।