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Job Scam :मैं डीएसपी हूं....तुम्हारे दोनों बेटों को पुलिस में नौकरी लगवा दूंगा कहकर महिला से ठग 72 लाख रुपए!

मप्र के ग्वालियर में पदस्थ डीएसपी संतोष पटेल की फोटो लगाकर छत्तीसगढ़ के युवक ने एक आदिवासी महिला से 72 लाख रुपए ठग लिए। ठगी की यह रकम आरोपी 7 साल से ले रहा था।
मैं डीएसपी हूं....तुम्हारे दोनों बेटों को पुलिस में नौकरी लगवा दूंगा कहकर महिला से ठग 72 लाख रुपए!
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी संतोष।
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    रायपुर/बलरामपुर। जेसीबी ऑपरेटर युवक ने मप्र के चर्चित डीएसपी संतोष पटेल की फोटो लगाकर एक आदिवासी महिला से 72 लाख रुपए की ठगी कर दी। बलरामपुर-रामानुजगंज के कुसमी थाना क्षेत्र का मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी को मप्र के सीधी जिले से गिरफ्तार किया है। महिला ललकी बाई ने अपनी शिकायत में बताया कि वर्ष 2016 में मध्यप्रदेश के सीधी जिला के पड़खुरी पचोखर निवासी संतोष पटेल 29 वर्ष कुसमी में साईं कंपनी में जेसीबी ऑपरेटर था। वह वर्ष 2016-17 में कुसमी के जलजली रोड निर्माण में कार्य कर रहा था। इसी दौरान ग्राम कंजिया निवासी ललकी बाई वहां आती थी। दोनों में जान पहचान हुई थी। कुछ समय बाद जब वह यहां से चला गया तब भी उनकी बातचीत होती रही।  ललकी बाई ने बताया कि एक बार संतोष का फोन आया, उसने बताया कि उसकी पुलिस नें डीएसपी की नौकरी लग गई है। अगर उसको अपने दोनों बच्चों की नौकरी लगवाना है तो पैसा खर्च करना पड़ेगा। वह भी ऐसे ही नौकरी लगा है। इस पर महिला झांसे में आ गई और उसने रुपए देने के लिए हामी भर दी। इसके बाद ललकी बाई ने वर्ष 2018 से 2025 के बीच कई किस्तों में करीब 72 लाख रुपए ले लिया।

    मप्र के चुरहट में मिला आरोपी

    रुपए देने के बाद भी जब नौकरी नहीं मिली तो ललकी बाई ने खुद को ठगा महसूस कर इसकी शिकायत कुसमी थाने में दर्ज कराई। एएसपी विश्वदीप त्रिपाठी ने बताया कि एसडीओपी कुसमी ईम्मानुएल लकडा के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित कर मध्यप्रदेश रवाना किया गया। टेक्निकल जानकारी के आधार पर आरोपी संतोष कुमार पटेल पिता रविनाथ पटेल (29) को पड़खुरी पचोखर थाना चुरहट जिला सीथी से हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। उसके अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।

    डीएसपी को खोजते हुए ग्वालियर पहुंची थी पुलिस

    ग्वालियर डीएसपी संतोष पटेल ने बताया कि मुझे जब सूचना मिली, एक अनजान नंबर से कॉल आया कि आपको ढूंढते हुए छत्तीसगढ़ पुलिस आई है। मैं बहुत चिंतित हुआ कि ऐसा क्या हुआ। उन्होंने बताया कि आपने नौकरी लगवाने के लिए आदिवासी महिला से 72 लाख रुपए ले लिए हैं। मैं तब बालाघाट में था तो जो कुसमी थाने से एसआई तिवारी आए थे उनको बालाघाट बुलवाया। जब वे आए तो आवेदन मैंने पढ़ा उसमें लिखा कि वह पहले कुसमी थाने में पहले आरक्षक था और फिर डीएसपी ग्वालियर बन गया था। तो मैंने सोचा कि मैं तो वहां पदस्थ नहीं था। खाता नंबर भी दूसरा था। तब मैंने वॉट्सएप कॉल में पर उस महिला से बात की तो वह कह रही थी कि तुम ही हो।

    पुलिस के डर से चेहरा नहीं दिखाता था!

    उसको समझाया कि वह नहीं मानी। तब उसने बातचीत में कहा कि तुम पुलिस के डर से अब वीडियो कॉल कर रहे हो नहीं तो अभी तक चेहरा नहीं दिखाते थे फोटो बताते थे।  तब मुझे समझ में आया कि वह व्यक्ति वॉट्सएप कॉल करता होगा और उस पर मेरी तस्वीर लगी होगी। उसके बाद मैंने बलरामपुर के एडिशनल एसपी और थाना प्रभारी से बात की और कहा कि इसकी जानकारी निकालना जरूरी है। गरीब आदिवासी महिला के पास इतना पैसा कहां से आया तब पता चला कि उसने जमीन बेची थी। बड़ा अच्छा लगा कि पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

    Naresh Bhagoria
    By Naresh Bhagoria

    नरेश भगोरिया। 27 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हूं। माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्ववि...Read More

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