आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में काम और निजी जीवन के बीच संतुलन बनाना बहुत मुश्किल हो गया है। खासकर प्राइवेट और कॉर्पोरेट सेक्टर में काम करने वाले लोग इस दबाव को रोज झेल रहे हैं। देर तक काम, लगातार कॉल्स और हर वक्त टेंशन, यही आज की वर्क लाइफ बन चुकी है। इसी से जुड़ा एक मामला सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जहां एक कर्मचारी ने अपनी परेशानी खुलकर बताई है।
यह पोस्ट सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर की गई है। पोस्ट में कर्मचारी ने बताया कि उसकी सगाई और शादी से ठीक पहले उसे एक बहुत ही दबाव वाले प्रोजेक्ट पर डाल दिया गया। कर्मचारी का कहना है कि ऑफिस में हर काम को हाई प्रायोरिटी कहा जाता है, लेकिन न तो कोई सही प्लानिंग होती है और न ही यह तय होता है कि जिम्मेदारी किसकी है। उसके मुताबिक, हर काम तुरंत चाहिए, लेकिन कैसे और किस तरह, इस पर कोई साफ बात नहीं करता। इससे तनाव और ज्यादा बढ़ जाता है।

कर्मचारी ने बताया कि प्रोजेक्ट में कई मैनेजर हैं, लेकिन कोई भी ढंग से काम नहीं संभाल पा रहा। दिनभर जूम कॉल्स चलती रहती हैं, हर घंटे अपडेट मांगा जाता है और कर्मचारियों पर बिल्कुल भरोसा नहीं किया जाता। माइक्रो-मैनेजमेंट इतना ज्यादा है कि उसे लगता है जैसे सांस लेने की भी फुर्सत नहीं है।
कर्मचारी की परेशानी तब और बढ़ गई जब कंपनी ने जियो-फेंसिंग लागू कर दी। अब वह अपने बेस लोकेशन से 120 किलोमीटर से ज्यादा दूर रहकर काम नहीं कर सकता। जबकि शादी की तैयारियों के चलते उसे दूसरी जगह रहना जरूरी है। उसका कहना है कि उसके सीनियर्स न तो साइट पर काम संभाल रहे हैं और न ही दूर से।
कर्मचारी ने यह भी बताया कि मार्च महीने में उसे इस प्रोजेक्ट से रिलीज कर दिया जाएगा। ऐसे में वह और ज्यादा परेशान है। शादी टालना संभव नहीं है और नौकरी को लेकर भविष्य भी साफ नहीं दिख रहा। वह समझ नहीं पा रहा कि इस हालात में क्या सही फैसला ले। इसी उलझन में उसने सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी।