Naresh Bhagoria
2 Feb 2026
शहडोल/जबलपुर। शहडोल जिले के जयसिंहनगर फॉरेस्ट रेंज के मसिरा सर्किल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब जंगल के भीतर बाघ और बाघिन के शव बरामद किए गए। दोनों शव महज दो सौ मीटर की दूरी पर मिले, जिसने इस घटना को और भी संदिग्ध बना दिया। जंगल में एक साथ दो बाघों की मौत से वन विभाग से लेकर वन्यजीव प्रेमियों तक में चिंता की लहर दौड़ गई।
प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि खेतों की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए अवैध रूप से करंट फैलाया गया था। इसी घातक करंट की चपेट में आकर बाघ और बाघिन की मौत होने की संभावना सामने आई है। दोनों शव संदिग्ध हालात में पाए गए, जिसके बाद पूरे इलाके को घेराबंदी कर सील कर दिया गया।
रविवार रात सबसे पहले एक बाघ का शव मिलने की सूचना वन विभाग को मिली थी। टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू ही की थी कि सोमवार सुबह-सुबह उसी क्षेत्र में बाघिन का शव भी मिल गया। दोनों शव राजस्व क्षेत्र में पाए गए, जिससे मामला और पेचीदा हो गया और जांच की दिशा अब अवैध मानवीय गतिविधियों की ओर मुड़ती नजर आ रही है।
वन विभाग ने फिलहाल करंट से मौत की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। वन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक दो बाघों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन असली कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। फिलहाल डॉग स्क्वाड और विशेषज्ञ टीमें इलाके में सघन सर्चिंग कर रही हैं। इस घटना से स्थानीय लोगों और वन्यजीव प्रेमियों में गहरी चिंता है, वहीं विभाग ने भरोसा दिलाया है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा। फिलहाल जांच टीम सभी पहलुओं पर पड़ताल कर रही है।