रामपुर के नगलिया आकिल गांव से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप भी कहेंगे, यह तो शादी नहीं, टाइम-टेबल बन गया। यहां एक युवक की दो पत्नियों के बीच लगातार झगड़ा होने लगा। दोनों महिलाएं अपने-अपने तरीके से पति को अपने पास रखना चाहती थीं। मामला इतना बढ़ गया कि घर का माहौल बिगड़ गया और अंत में यह विवाद थाने तक पहुंच गया।
अजीमनगर थाना क्षेत्र के नगलिया आकिल गांव में रहने वाले एक युवक ने दो शादियां की थीं। पहली शादी अरेंज मैरिज (परिवार की मर्जी से) थी, जबकि दूसरी शादी उसने लव मैरिज के जरिए की थी। शुरू में सब कुछ ठीक चलता रहा, लेकिन कुछ समय बाद दोनों पत्नियों के बीच पति को लेकर टकराव शुरू हो गया।
दोनों महिलाएं अपने-अपने तरीके से यह साबित करना चाहती थीं कि पति उनका है और वह ज्यादा समय उनके साथ बिताए। यह विवाद धीरे-धीरे इतना बढ़ गया कि घर में शांति खत्म हो गई। आखिरकार दोनों पत्नियों ने अपनी-अपनी शिकायत पुलिस तक पहुंचाई।
जब मामला थाने में पहुंचा, तो पुलिस ने इसे सामाजिक तरीके से सुलझाने के लिए गांव की पंचायत बुलाई। पंचायत ने दोनों पत्नियों और पति की बात सुनी और स्थिति को समझने की कोशिश की।
पंचों ने विवाद को खत्म करने के लिए एक अनोखा तरीका निकाला। उन्होंने तय किया कि पति सप्ताह के दिनों को दोनों पत्नियों में बांटकर रहेगा। इसके साथ ही रविवार को पति को छुट्टी भी दी गई। पंचायत का शेड्यूल कुछ इस तरह था कि सोमवार, मंगलवार और बुधवार पति पहली पत्नी के साथ रहेगा। तो वहीं गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को पति दूसरी पत्नी के साथ रहेगा।
इतना ही नहीं रविवार के दिन पति को ‘वीकली ऑफ’ यानी छुट्टी दी गई। इस दिन वह दोनों पत्नियों से दूर किसी एकांत स्थान पर रहेगा या अपनी मर्जी से समय बिताएगा।
पंचायत ने यह भी फैसला किया कि भविष्य में विवाद न हो, इसलिए इस समझौते को लिखित रूप में दर्ज किया जाएगा। तीनों पक्षों ने इस समझौते पर दस्तखत भी किए। इसके साथ ही पंचायत ने यह अनुमति भी दी कि अगर किसी खास स्थिति में दिन आगे-पीछे करना पड़े तो किया जा सकता है।
यह कोई पहला ऐसा मामला नहीं है। इससे पहले बिहार के पूर्णिया में भी एक ऐसा ही विवाद चर्चा में आया था। वहां भी एक युवक ने बिना तलाक दिए दूसरी शादी कर ली थी। जब मामला परिवार परामर्श केंद्र तक पहुंचा, तो वहां भी सप्ताह के दिनों को बांटकर विवाद का समाधान किया गया था।