महिलाओं को वोट का हक नहीं!वो देश जहां महिलाएं नहीं डाल सकतीं वोट, वजह जानकर चौंक जाएंगे

ना संसद, ना चुनाव और ना जनता की भागीदारी.... दुनिया के ज्यादातर देशों में महिलाओं को वोट देने का अधिकार है, लेकिन आज भी एक देश ऐसा है जहां महिलाएं मतदान नहीं कर सकतीं। जानिए कौन-सा है वो देश और इसकी चौंकाने वाली वजह।
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वो देश जहां महिलाएं नहीं डाल सकतीं वोट, वजह जानकर चौंक जाएंगे
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    आज के समय में दुनिया के लगभग सभी देशों में महिलाओं को मतदान का अधिकार मिल चुका है। कई देशों में यह अधिकार पाने के लिए महिलाओं ने लंबा संघर्ष किया, आंदोलन किए और अपनी आवाज बुलंद की। भारत में भी आजादी के साथ ही महिलाओं को पुरुषों के बराबर वोट देने का हक मिल गया था। मतदान का अधिकार लोकतंत्र की बुनियाद माना जाता है, क्योंकि इससे जनता को अपनी सरकार चुनने का मौका मिलता है।

    लेकिन क्या आप जानते हैं कि आज भी दुनिया में एक ऐसा देश मौजूद है, जहां महिलाएं वोट नहीं डाल सकतीं? यह सुनने में अजीब जरूर लगता है, लेकिन यह सच है।

    कौन सा है वो देश?

    महिलाओं को मतदान का अधिकार न देने वाला देश है वेटिकन सिटी। वेटिकन सिटी दुनिया का सबसे छोटा देश है, जो इटली की राजधानी रोम के बीचों-बीच स्थित है। इसका क्षेत्रफल बहुत छोटा है और आबादी भी सीमित है। यह देश किसी आम देश की तरह नहीं चलता, बल्कि पूरी तरह धार्मिक व्यवस्था पर आधारित है। वेटिकन सिटी को रोमन कैथोलिक चर्च का केंद्र माना जाता है।

    क्यों नहीं है महिलाओं को वोट देने का हक?

    असल में वेटिकन सिटी में लोकतांत्रिक चुनाव होते ही नहीं हैं। यहां न तो आम चुनाव कराए जाते हैं और न ही संसद जैसी कोई व्यवस्था है। इस देश का सर्वोच्च पद पोप का होता है, जो पूरे रोमन कैथोलिक चर्च के प्रमुख होते हैं। पोप का चुनाव आम जनता नहीं करती, बल्कि कार्डिनल्स करते हैं। ये कार्डिनल्स सभी पुरुष होते हैं और धार्मिक पद पर आसीन होते हैं।

    चूंकि इस चुनाव प्रक्रिया में सिर्फ कार्डिनल्स शामिल होते हैं, इसलिए महिलाओं की इसमें कोई भूमिका नहीं होती। इसी वजह से यहां महिलाओं को मतदान का अधिकार नहीं दिया गया है।

    क्या पुरुषों को भी नहीं मिलता वोट का अधिकार?

    यह जानना भी जरूरी है कि वेटिकन सिटी में सिर्फ महिलाओं को ही नहीं, बल्कि आम पुरुषों को भी वोट डालने का अधिकार नहीं है। यहां किसी भी तरह का पब्लिक वोटिंग सिस्टम मौजूद नहीं है। यानि यहां ऐसा नहीं है कि महिलाओं से उनका अधिकार छीना गया हो, बल्कि पूरी शासन व्यवस्था ही अलग तरह की है।

    वेटिकन सिटी की नागरिकता कैसी होती है?

    वेटिकन सिटी की नागरिकता बहुत सीमित लोगों को मिलती है। यहां आम लोग नागरिक नहीं बन सकते। नागरिकता आमतौर पर कार्डिनल्स और चर्च से जुड़े अधिकारियों को ही दी जाती है। जैसे ही कोई व्यक्ति अपना धार्मिक पद छोड़ता है, उसकी नागरिकता भी समाप्त हो जाती है। इसलिए यहां की जनसंख्या स्थायी नहीं होती।

    लोकतंत्र से क्यों अलग है यह देश?

    वेटिकन सिटी को एक धार्मिक प्रशासनिक केंद्र माना जाता है, न कि एक आम राष्ट्र। यहां कानून, शासन और फैसले चर्च की परंपराओं और धार्मिक नियमों के अनुसार लिए जाते हैं। इसी कारण यहां लोकतंत्र की जगह धार्मिक परंपराएं निभाई जाती हैं।

    दुनिया के बाकी देशों की तरह यहां जनता की भागीदारी वाला चुनाव सिस्टम नहीं है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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