पॉटी उठाने का धंधा!सुनने में गंदा, लेकिन कमाई में जबरदस्त

सुनने में अजीब है, लेकिन सच है। ब्रिटेन में एक शख्स कुत्तों की पॉटी साफ करके हर साल करीब 32 लाख रुपये कमा रहा है। पेशे से बिल्डर काइल न्यूबी ने शर्म और झिझक को पीछे छोड़कर इस अनोखे साइड बिजनेस की शुरुआत की।
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सुनने में गंदा, लेकिन कमाई में जबरदस्त
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AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    कोई भी धंधा छोटा नहीं होता शाहरुख की फिल्म रईस का यह डायलॉग आज भी लोगों को याद है। असल जिंदगी में भी कुछ लोग इस बात को सच कर दिखाते हैं। ऐसा ही एक उदाहरण ब्रिटेन से सामने आया है, जहां एक शख्स कुत्तों की पॉटी साफ करके हर साल करीब 32 लाख रुपए कमा रहा है। सुनने में अजीब जरूर लगे, लेकिन यही सच्चाई है। यह कहानी शर्म, झिझक और हिचक से आगे निकलकर मौके पहचानने की है।

    कौन हैं काइल न्यूबी?

    ब्रिटेन के डर्बीशायर में रहने वाले 39 साल के काइल न्यूबी पेशे से बिल्डर हैं। वे कंस्ट्रक्शन साइट पर काम करते हैं, लेकिन इसके साथ उन्होंने एक अलग तरह का साइड बिजनेस शुरू किया। काइल पार्ट टाइम कुत्तों की पॉटी साफ करने का काम करते हैं, जिससे उन्हें शानदार कमाई हो रही है। उनका कहना है कि कई बार वे अपने मुख्य काम से ज्यादा पैसा इस साइड हसल से कमा लेते हैं।

    अमेरिका से मिला आइडिया

    काइल को यह आइडिया सोशल मीडिया से मिला। इंस्टाग्राम पर उन्होंने देखा कि अमेरिका में कई लोग डॉग पूप क्लीनिंग की सर्विस देकर पैसा कमा रहे हैं। यहीं से उनके मन में आया कि अगर वहां हो सकता है, तो यहां क्यों नहीं? इसके बाद उन्होंने ‘Pet to Pick’ नाम से अपनी सर्विस शुरू की और फेसबुक पर एक पोस्ट डाली। उम्मीद से ज्यादा लोगों ने संपर्क किया और धीरे-धीरे उनका काम चल पड़ा।

    कितनी है कमाई?

    काइल ने शुरुआत में पहली सफाई के लिए करीब 40 डॉलर चार्ज किए। इसके बाद उन्होंने हर हफ्ते की सर्विस के लिए 20 डॉलर फीस तय की। वे हफ्ते में लगभग 12 घंटे काम करते हैं और इसी से सालाना करीब 32 लाख रुपए कमा लेते हैं। काइल का कहना है कि कंस्ट्रक्शन साइट पर 10 घंटे की शिफ्ट से भी इतना पैसा नहीं बन पाता।

    कैसे होती है सफाई?

    डॉग पॉटी साफ करने के लिए खास तरह के टूल्स का इस्तेमाल किया जाता है। ये टूल्स आमतौर पर पेट शॉप में मिल जाते हैं।

    क्लॉव स्कूपर: इसमें एक हैंडल होता है, जिसे दबाने पर स्कूपर का मुंह खुलता है और पॉटी उठाकर सीधे बैग में डाली जाती है।

    रेक और पैन सिस्टम: इसमें रेक की मदद से पॉटी को पैन में इकट्ठा किया जाता है और फिर बैग में डाला जाता है।
    इस पूरी प्रक्रिया में सफाई और सेफ्टी का पूरा ध्यान रखा जाता है।

    लोग क्यों लेते हैं यह सर्विस?

    काइल बताते हैं कि कई लोग पेट तो रखते हैं, लेकिन रोजाना सफाई नहीं कर पाते। कुछ लोग उम्रदराज होते हैं, जिनके लिए यह काम मुश्किल हो जाता है। वहीं कुछ लोग इतने व्यस्त होते हैं कि समय नहीं निकाल पाते। काइल मानते हैं कि लोगों की यही मजबूरी उनके बिजनेस को आगे बढ़ा रही है।

    क्या यह काम स्थायी बनेगा?

    फिलहाल काइल इसे साइड बिजनेस के तौर पर कर रहे हैं, लेकिन वे इसे फुल टाइम बिजनेस बनाने पर भी विचार कर रहे हैं। उन्हें लगता है कि आने वाले समय में इस तरह की सर्विस की मांग और बढ़ेगा।

    अमेरिका में पहले से चल रहा है यह मॉडल

    डॉग पूप क्लीनिंग का आइडिया नया नहीं है। अमेरिका में इसकी शुरुआत करीब 25 साल पहले हुई थी। साल 1999 में जैकब और सुसैन नाम के दो स्टूडेंट्स को अपने लोन चुकाने के लिए एक बिजनेस आइडिया चाहिए था। रेडियो सुनते वक्त जैकब को यह आइडिया आया। दोनों ने मिलकर साल 2000 में ‘Doody Calls’ नाम से वेबसाइट लॉन्च की।

    शुरुआत में कोई ग्राहक नहीं मिला, लेकिन धीरे-धीरे काम बढ़ता गया। आज यह कंपनी अमेरिका के 25 राज्यों में अपनी सेवाएं दे रही है।

    दुनिया के अलग-अलग देशों में फैला बिजनेस

    अमेरिका के न्यूयॉर्क में ‘Fetch and Flush’ नाम की कंपनी पेट वेस्ट रिमूवल की सर्विस देती है। वहीं कनाडा के एसेक्स काउंटी में ‘Scoopy Poos’ आसपास के इलाकों में कुत्तों की पॉटी साफ करने का काम करती है।

    Garima Vishwakarma
    By Garima Vishwakarma

    गरिमा विश्वकर्मा | People’s Institute of Media Studies से B.Sc. Electronic Media की डिग्री | पत्रकार...Read More

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