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Khandoba Jayanti 2025:कौन हैं भगवान खंडोबा, इन्हें क्यों कहते हैं महादेव का अवतार

भगवान शिव के अनेक रूप और अवतार देश के विभिन्न हिस्सों में पूजे जाते हैं। ऐसे ही एक प्रसिद्ध अवतार हैं भगवान खंडोबा, जिनकी विशेष पूजा महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में की जाती है।
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कौन हैं भगवान खंडोबा, इन्हें क्यों कहते हैं महादेव का अवतार
AI जनरेटेड सारांश
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    खंडोबा हमारे देश के एक प्रसिद्ध लोकदेवता हैं। महाराष्ट्र में इनके कई मंदिर हैं और कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में भी लोग इन्हें पूजते हैं। कई परिवार इन्हें अपने कुलदेवता मानते हैं। लोग खंडोबा को भगवान शिव का अवतार और एक वीर योद्धा मानते हैं। हर साल अगहन मास में खंडोबा की जयंती मनाई जाती है। इस दिन भक्त मंदिरों में जाकर पूजा करते हैं और विशेष आयोजन होते हैं। खंडोबा की पूजा मुख्य रूप से ग्रामीण और किसान समुदाय करते हैं। इन्हें अक्सर बाग और घोड़े के साथ दर्शाया जाता है और इनके साथ माता भवानी और माता अन्नपूर्णा का भी संबंध माना जाता है।

    खंडोबा जयंती 2025

    भगवान खंडोबा हमारे देश के प्रसिद्ध लोकदेवताओं में से एक हैं। महाराष्ट्र, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश में उनकी विशेष पूजा होती है। स्थानीय परंपरा के अनुसार, खंडोबा की जयंती अगहन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि को मनाई जाती है। इस साल यह तिथि 26 नवंबर, बुधवार को है। इस दिन भक्त मंदिरों में जाकर भगवान खंडोबा की पूजा-अर्चना करते हैं और विभिन्न धार्मिक आयोजन होते हैं।

    प्रसिद्ध मंदिर और स्थल

    खंडोबा का सबसे प्रसिद्ध मंदिर महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के जेजुरी गांव में स्थित है। यह मंदिर खंडोबा की भक्ति और लोक परंपरा का मुख्य केंद्र माना जाता है। इसके अलावा महाराष्ट्र के कई और जिलों में भी खंडोबा के मंदिर हैं, जैसे पंढरपुर, अंबाजोगाई और नासिक। इन मंदिरों में हर साल बड़ी संख्या में भक्त पूजा करने आते हैं।

    महादेव ने क्यों लिया अवतार

    एक प्राचीन कथा के अनुसार, मणि और मल्ल नाम के दो शक्तिशाली राक्षस थे। अपने बल और शक्ति के अभिमान में उन्होंने मानव जाति और ऋषि-मुनियों पर अत्याचार करना शुरू कर दिया। तब भगवान शिव ने मार्तंड भैरव के रूप में अवतार लिया और राक्षसों को युद्ध के लिए चुनौती दी।

    मणि और मल्ल ने भगवान शिव को देखकर उनसे माफी मांगी। भगवान शिव ने उन्हें माफ कर दिया। मार्तंड भैरव का यही अवतार खंडोबा कहलाया। इन्हें मल्हारी मार्तंड, मल्लारी और खंडेराय के नाम से भी पूजा जाता है।

    खंडोबा की पत्नियां

    खंडोबा की दो पत्नियां थीं – मणि (म्हालसा) और बाणाई (बनाई)। यह दोनों पत्नी खंडोबा की पूजा और कथा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

    • भगवान खंडोबा युद्धकला में निपुण थे।
    • उनका घोड़ा सफेद रंग का था।हाथ में हमेशा तलवार रहती थी।
    • उनके शरीर पर महादेव की तरह भस्म होती थी।
    • चित्रों और मंदिरों में उन्हें हमेशा दोनों पत्नियों के साथ दर्शाया जाता है।खंडोबा की पूजा और लोक परंपरा

    खंडोबा की पूजा मुख्य रूप से ग्रामीण और किसान समुदाय करते हैं। लोग उनकी शक्ति और वीरता के लिए उनका आभार व्यक्त करते हैं। मंदिरों में भजन, कीर्तन और प्रसाद वितरण का आयोजन होता है। अगहन मास में खंडोबा जयंती विशेष महत्व रखती है, इसलिए इस समय श्रद्धालु बड़ी संख्या में मंदिरों में आते हैं।

    Aditi Rawat
    By Aditi Rawat

    अदिति रावत | MCU, भोपाल से M.Sc.(न्यू मीडिया टेक्नॉलजी) | एंकर, न्यूज़ एक्ज़िक्यूटिव की जिम्मेदारिय...Read More

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