MSP मक्का खरीदी पर बड़ा आरोप :विधायक ऋषि अग्रवाल बोले- मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव ही नहीं भेजा; केंद्रीय कृषि मंत्रालय के पत्र से खुलासा

बमोरी के कांग्रेस विधायक ऋषि अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि मध्यप्रदेश सरकार ने मक्का खरीदी के लिए केंद्र को कोई प्रस्ताव नहीं भेजा, जबकि केंद्र सरकार पहले ही ₹2400 प्रति क्विंटल के समर्थन मूल्य की घोषणा कर चुकी है। केंद्रीय कृषि मंत्रालय द्वारा जारी पत्र में यह पुष्टि हुई है कि राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2025-26 के लिए मक्का खरीदी का प्रस्ताव अब तक प्राप्त नहीं हुआ है।
विधायक ऋषि अग्रवाल बोले- मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र को प्रस्ताव ही नहीं भेजा; केंद्रीय कृषि मंत्रालय के पत्र से खुलासा
    यह सारांश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस द्वारा तैयार किया गया है और हमारी टीम द्वारा रिव्यू की गई है।

    गुना। बमोरी के विधायक इंजी. ऋषि अग्रवाल ने किसान हितैषी होने का दावा करने वाली मध्य प्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार पर गंभीर उदासीनता और लापरवाही का बड़ा आरोप लगाया है। विधायक अग्रवाल ने सोमवार को अपने कार्यालय में पत्रकारों से रूबरू होकर एक बड़ा खुलासा किया है। प्रेस वार्ता में उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार ने मक्का का समर्थन मूल्य 2400 रुपए प्रति क्विंटल घोषित किया था, लेकिन प्रदेश सरकार ने इस खरीदी के लिए केंद्र को प्रस्ताव ही नहीं भेजा।

    इस दावे की पुष्टि के लिए उन्होंने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के मंत्रालय द्वारा जारी पत्र को पत्रकारों के साथ साझा किया। पत्र में यह जानकारी स्पष्ट रूप से दी गई है कि मध्य प्रदेश सरकार की ओर से अभी तक रबी विपणन सीजन (केएमएस) 2025-26 के लिए मक्का खरीदी का कोई प्रस्ताव प्राप्त नहीं हुआ है।

    किसानों के साथ धोखा : अग्रवाल

    विधायक अग्रवाल ने कहा- केंद्र ने 2400 रुपए प्रति क्विंटल पर खरीदने की घोषणा की थी, लेकिन प्रस्ताव न भेजकर राज्य सरकार ने किसानों के साथ छलावा किया है। मजबूरी में किसान मक्का 1000 रुपए से 1300 रुपए प्रति क्विंटल में बेच रहे हैं।सरकार किसानों के साथ धोखा कर रही है।

    Twitter Post

    बारिश और मुआवजा वितरण पर भी उठाए सवाल

    विधायक ने जुलाई से नवंबर तक गुना जिले में हुई अत्यधिक बारिश, फसल नुकसान और मुआवजा वितरण में अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुआवजा पात्र किसानों को न देकर राजनीतिक संरक्षण प्राप्त लोगों में बांटा गया। उन्होंने कहा कि फतेहगढ़, विष्णुपुरा, कपासी, बंधा, लालोनी और मगरौड़ा जैसे गांवों में वास्तविक पीड़ित किसानों को आज तक उचित सहायता नहीं मिली और फसल नुकसान का आकलन भी ठीक से नहीं किया गया।

    अग्रवाल ने कहा कि किसान ने जैसे-तैसे मेहनत करके मक्का की फसल तैयार की थी। केंद्र की समर्थन मूल्य की घोषणा से उसे उम्मीद मिली थी, लेकिन अक्टूबर महीने तक पंजीयन शुरू नहीं हो सका। अग्रवाल ने बताया कि उन्होंने स्वयं मुख्यमंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखकर किसानों की स्थिति बताई थी। 14 अक्टूबर को केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को लिखे पत्र का जवाब उन्हें 17 नवंबर को मिला, जिसने सरकार की उपेक्षा का खुलासा कर दिया।

    उर्वरक वितरण और प्रशासन पर भी साधा निशाना

    विधायक ने मक्का खरीदी के अलावा किसानों को यूरिया और अन्य उर्वरक उपलब्ध न कराने पर भी प्रदेश सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में यूरिया और अन्य उर्वरक की भारी कमी है। उन्होंने कहा- सरकार कहती है खाद पर्याप्त है, लेकिन डबल लॉक केंद्रों और सोसायटियों पर खाद मिल ही नहीं रही। कर्मचारी भी किसानों के साथ व्यवहार में सौहार्द नहीं दिखा रहे।

    डबल इंजन सरकार का एक इंजन खराब

    अग्रवाल ने पूरे मामले को 'डबल इंजन सरकार की नाकामी का उदाहरण' बताया और सवाल उठाया कि क्षेत्र के किसान परेशान क्यों हैं, इस पर केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया को जवाब देना चाहिए।

    (रिपोर्ट - राजकुमार रजक)

    Mithilesh Yadav
    By Mithilesh Yadav

    वर्तमान में पीपुल्स समाचार के डिजिटल विंग यानी 'पीपुल्स अपडेट' में बतौर सीनियर सब-एडिटर कार्यरत हूं।...

    Latest Posts