Download App
Download on the App StoreGet it on Google Play
Breaking News

धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को हाईकोर्ट से राहत, जमानत अर्जी मंजूर

धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर करते हुए 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया। इससे पहले छतरपुर जिला अदालत ने उनकी अर्जी खारिज कर दी थी। अब जमानत के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
धीरेंद्र शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को हाईकोर्ट से राहत, जमानत अर्जी मंजूर
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के भाई शालिग्राम गर्ग को जमानत के मामले में हाईकोर्ट से राहत मिली है। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने उनकी जमानत अर्जी मंजूर कर ली है। कोर्ट ने 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर उन्हें जमानत देने का आदेश दिया है। इससे पहले छतरपुर जिला अदालत ने उनकी जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।

जिला अदालत ने खारिज कर दी थी जमानत अर्जी

शालिग्राम गर्ग की ओर से सबसे पहले छतरपुर जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत के लिए आवेदन लगाया गया था। यह आवेदन 25 अगस्त 2026 को विशेष न्यायाधीश निधि सक्सेना की अदालत में दाखिल किया गया था। न्यायालयीन अवकाश के चलते मामले पर तुरंत सुनवाई नहीं हो सकी। इसके बाद 29 अगस्त को अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें सुनी गईं। सुनवाई पूरी होने के बाद 31 अगस्त को जिला अदालत ने शालिग्राम गर्ग की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी।

इसके बाद हाईकोर्ट पहुंचे शालिग्राम गर्ग

जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद शालिग्राम गर्ग के वकीलों ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट में बचाव पक्ष ने जमानत के पक्ष में अपनी दलीलें रखीं। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों और मामले से जुड़े तथ्यों पर विचार किया। इसके बाद हाईकोर्ट ने शालिग्राम गर्ग की जमानत अर्जी मंजूर कर ली।

Breaking News

50 हजार के निजी मुचलके पर जमानत

हाईकोर्ट ने शालिग्राम गर्ग को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके पर जमानत देने का आदेश दिया है। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, जमानत मिलने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। हालांकि, यह जमानत शर्तों के साथ है और मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। जमानत का मतलब मामले में आरोपों का अंतिम फैसला नहीं है।

Dolly Wasvani
By Dolly Wasvani

डोली वासवानी | People’s Institute of Media Studies से BAMC Student। पत्रकारिता की दुनिया में नई शुरु...Read More

Latest Posts