देशभर में बारिश का कहर:अलकनंदा-मंदाकिनी खतरे के निशान से ऊपर, कई राज्यों में बाढ़ और लैंडस्लाइड का अलर्ट

देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ी राज्यों से लेकर मैदानी इलाकों तक लगातार हो रही बारिश के कारण बाढ़, जलभराव और लैंडस्लाइड जैसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उत्तराखंड में बारिश का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल रहा है। यहां रुद्रप्रयाग जिले में भारी बारिश के बाद अलकनंदा और मंदाकिनी नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। नदियों का जलस्तर बढ़ने से आसपास के इलाकों में पानी भर गया है। कई धार्मिक स्थलों तक पानी पहुंच गया है, जिससे लोगों में चिंता बढ़ गई है।
मौसम विभाग ने गुरुवार को देश के कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना जताते हुए अलर्ट जारी किया है। राजस्थान समेत 16 राज्यों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की है।
केदारनाथ यात्रा मार्ग बंद, गौरीकुंड के पास लैंडस्लाइड
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं बढ़ गई हैं। रुद्रप्रयाग, चमोली और उत्तरकाशी जिलों में गुरुवार सुबह कई जगहों पर लैंडस्लाइड हुई। गौरीकुंड के पास पहाड़ी से मलबा गिरने के कारण केदारनाथ जाने वाला ट्रैकिंग रूट प्रभावित हो गया है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यात्रियों को आगे बढ़ने से रोक दिया है। रास्ता साफ होने और हालात सामान्य होने के बाद ही यात्रा दोबारा शुरू की जाएगी। उत्तरकाशी के स्याना चट्टी क्षेत्र में भी पहाड़ी से भारी बोल्डर और मलबा गिरा। कुपड़ा गांव के पास पहाड़ से एक बड़ा पत्थर तेजी से सड़क तक आ पहुंचा। हालांकि राहत की बात रही कि उस समय वहां कोई वाहन या राहगीर मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
हरिद्वार में गंगा के तेज बहाव में बहने लगा युवक, SDRF ने बचाया
हरिद्वार में गंगा नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण तेज बहाव देखने को मिल रहा है। इसी दौरान घाट पर गंगाजल भरने पहुंचे एक युवक का पैर फिसल गया और वह नदी के तेज बहाव में बहने लगा। मौके पर तैनात SDRF की टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। टीम की सतर्कता के कारण एक बड़ा हादसा टल गया। वहीं रुद्रप्रयाग में भी बारिश के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। सिल्ली के पास मलबा आने से हाईवे कुछ समय के लिए बाधित रहा। इसके अलावा एक पेट्रोल पंप के पास पहाड़ी से बोल्डर गिरने के कारण एक कार दब गई। प्रशासन और राहत टीमों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया।
उत्तर प्रदेश में नदियों का बढ़ा खतरा, गांवों में घुसा पानी
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने परेशानी बढ़ा दी है। बलिया जिले में सरयू नदी का कटाव तेज हो गया है। नदी का पानी अब गांवों तक पहुंच गया है, जिससे ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ रहा है। बलिया में 100 से ज्यादा परिवार अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर पहुंच चुके हैं। नदी के कटाव के कारण दो मकान पूरी तरह नदी में समा गए हैं, जबकि कई अन्य घरों के नीचे की जमीन भी धीरे-धीरे बह रही है। वहीं गोंडा जिले में घाघरा नदी का जलस्तर कम होने के बाद भी कटान की समस्या बढ़ गई है। नदी किनारे की कई बीघा जमीन और पेड़ नदी में समा चुके हैं। इससे ग्रामीणों में भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है।
जम्मू-कश्मीर में बारिश का असर, स्कूल की दीवार गिरी और हाईवे बंद
जम्मू-कश्मीर में भी भारी बारिश के कारण कई इलाकों में नुकसान की खबरें सामने आई हैं। राजौरी जिले में तेज बारिश के चलते एक सरकारी प्राथमिक स्कूल की इमारत की दीवार गिर गई। घटना के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। वहीं अक्चमल इलाके के पास लैंडस्लाइड के कारण कारगिल-लेह नेशनल हाईवे प्रभावित हुआ है। पहाड़ी से मलबा और पत्थर गिरने के बाद सड़क पर वाहनों की आवाजाही रोक दी गई है। प्रशासन की टीम रास्ता साफ करने में जुटी हुई है।
बारिश और भूस्खलन से पहाड़ी इलाकों में बढ़ी परेशानी
लगातार हो रही बारिश ने पहाड़ी राज्यों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पहाड़ों में कमजोर होती जमीन के कारण जगह-जगह भूस्खलन हो रहा है। सड़कें बंद होने से स्थानीय लोगों के साथ-साथ यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। प्रशासन और आपदा राहत टीमें लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। संवेदनशील इलाकों में लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। यात्रियों से अपील की गई है कि मौसम खराब होने पर अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।
देशभर में बारिश का अलर्ट, लोगों से सतर्क रहने की अपील
मानसून की सक्रियता के कारण आने वाले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासतौर पर पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और यात्रियों को नदी, नाले और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने को कहा गया है। बारिश जहां किसानों के लिए राहत लेकर आई है, वहीं कई इलाकों में यह परेशानी का कारण भी बन रही है। ऐसे में प्रशासन की तैयारी और लोगों की सतर्कता ही किसी बड़े नुकसान को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।











