सत्य निकेतन हादसे के बाद दिल्ली सरकार का बड़ा फैसला, 10 हजार छात्रों के लिए बनेंगे हॉस्टल

दिल्ली के सत्य निकेतन में हुए बिल्डिंग हादसे के बाद दिल्ली सरकार ने छात्र-छात्राओं की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने दिल्ली में 10,000 छात्रों के लिए हॉस्टल बनाने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि इसका मकसद छात्रों को सुरक्षित और किफायती आवास उपलब्ध कराना है।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इन हॉस्टलों में लड़के और लड़कियां दोनों रह सकेंगे। दिल्ली के किसी भी विश्वविद्यालय या कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र इन सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
हॉस्टल के लिए जगहों का चयन शुरू
सीएम रेखा गुप्ता ने बताया कि हॉस्टल बनाने में सक्षम संबंधित विभागों के साथ बैठकें की गई हैं। इसके लिए उपयुक्त जगहों का चयन किया जा चुका है और हॉस्टल पॉलिसी का ड्राफ्ट तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। सरकार का फोकस हॉस्टल में छात्रों की जरूरत के मुताबिक जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने पर है।
'माता-पिता निश्चिंत होकर भेज सकें अपने बच्चों को'
रेखा गुप्ता ने कहा कि सरकार ऐसे हॉस्टल बनाना चाहती है, जहां देशभर के माता-पिता अपने बच्चों को सुरक्षित माहौल में भेज सकें। छात्रों को रहने और खाने की चिंता न हो और वे अपनी पढ़ाई और भविष्य पर ध्यान दे सकें।
सत्य निकेतन हादसे में गई थी 7 लोगों की जान
बता दें कि 6 सितंबर 2026 को दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक बिल्डिंग ढह गई थी। हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि कई लोग घायल हुए थे। घटना के बाद मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मौके का जायजा लेने और शुरुआती जांच के आधार पर मुख्यमंत्री ने घटना की मजिस्ट्रेट जांच कराने के साथ ही बिल्डिंग मालिक के खिलाफ FIR दर्ज करने के निर्देश दिए थे।




















