Naresh Bhagoria
15 Jan 2026
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Manisha Dhanwani
15 Jan 2026
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15 Jan 2026
नई दिल्ली। दिल्ली दंगों की साजिश से संबंधित मामले में आरोपी जेएनयू के पूर्व छात्र उमर खालिद को उसकी बहन की शादी में शामिल होने के लिए दिल्ली की जिला अदालत ने 14 दिनों की अंतरिम जमानत दी है। इसके बाद उमर खालिद को कई वर्षों बाद पहली बार अपने परिवार के एक महत्वपूर्ण समारोह में शामिल होने का अवसर मिलेगा। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि उमर खालिद 16 दिसंबर 2025 से 29 दिसंबर 2025 तक जमानत पर रह सकेगा।
उमर की बहन की शादी 27 दिसंबर को तय है, जिसके मद्देनज़र अदालत ने यह राहत प्रदान की है। उमर सितंबर 2020 से जेल में बंद है, जब उसे दिल्ली दंगों की साजिश रचने से जुड़े आरोपों में गिरफ्तार किया गया था। उसके खिलाफ आपराधिक साजिश, दंगा भड़काने, गैर-कानूनी सभा में शामिल होने और गैर-कानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। गिरफ्तारी के बाद से वह लगातार न्यायिक हिरासत में है और कई बार जमानत की कोशिश कर चुका है, लेकिन हर बार उसे राहत नहीं मिल पाई। इस बार अदालत ने मानवीय आधार पर उसकी बहन की शादी को देखते हुए आवेदन स्वीकार किया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर वाजपेयी ने आदेश सुनाते हुए कहा कि चूंकि यह विवाह आवेदक की सगी बहन का है, इसलिए उसे अस्थायी जमानत देने का निर्णय लिया गया है। अदालत ने 20,000 रुपए के निजी मुचलके और समान राशि के दो जमानतदारों की शर्त रखते हुए उसे 14 दिनों के लिए रिहा करने का निर्देश दिया। हालांकि, इस अंतरिम जमानत के साथ कुछ सख्त नियम भी जोड़े गए हैं। अदालत ने स्पष्ट किया कि उमर खालिद इस अवधि के दौरान सोशल मीडिया का इस्तेमाल नहीं करेगा। उसे केवल अपने परिवार के सदस्यों, रिश्तेदारों और कुछ नज़दीकी मित्रों से मिलने की ही अनुमति होगी। वह उन्हीं स्थानों पर रह सकेगा जो शादी से जुड़े कार्यक्रमों के लिए बताए गए हैं अथवा फिर अपने घर पर।