Naresh Bhagoria
6 Feb 2026
दिल्ली अब सिर्फ़ ट्रैफिक और मेट्रो के लिए नहीं, बल्कि लापता लोगों के लिए भी चर्चित हो रही है। पिछले 36 दिनों में 2,884 लोग गायब हो गए, जिनमें से केवल 409 लोग ही अब तक मिले। बाकी 83% लोग अब भी अनट्रेस हैं। हर दिन औसतन 82 लोग गायब, और हर घंटे लगभग 3 लोग लापता हो रहे हैं।
लापता लोगों में 616 बच्चे और 1,372 महिलाएं शामिल हैं। सबसे संवेदनशील उम्र 12–18 साल की किशोरियां हैं। इन मामलों में कारण अक्सर प्रेम प्रसंग, घर से भाग जाना या पारिवारिक झगड़े होते हैं।
परिवारों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई धीमी है। CCTV फुटेज और शुरुआती जांच में देरी ने कई मामलों में समय गंवाया। यह सवाल उठता है कि दिल्ली वास्तव में सुरक्षित है या नहीं।
दिल्ली पुलिस ने कहा कि लापता लोगों और बच्चों के मामलों में ऑपरेशन तलाश और मिसिंग पर्सन्स स्क्वॉड सक्रिय हैं। पुलिस ने स्पष्ट किया कि कुछ आंकड़े पेड प्रमोशन और अफवाहों के कारण गलत तरीके से फैलाए जा रहे हैं। डर फैलाना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई होगी।
राजधानी में लापता लोगों के मामले चिंता बढ़ा रहे हैं। परिवारों की हिम्मत और सतर्कता ही इन रहस्यों में जवाब खोजने की सबसे बड़ी ताकत है।